Saturday, May 16, 2026
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बगैर आर्थिक बोझ के स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने वाला बजट

डिम्पल भारद्वाज

नई दिल्ली। एमसीडी के बजट सत्र के दौरान नेता सदन योगेश वर्मा ने प्रस्तुत वर्ष 2020-21 के संशोधित अनुमानित बजट के साथ वर्ष 2021-22 के बजट अनुमानों के कई बिंदुओं पर भी चर्चा की। इस बावत वर्ष 2021-22 में प्रत्येक निगम पार्षद को उनके वार्ड के विकास कार्यो के लिए 1.5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने तक की बात कही गई। खासकर पार्षदों से कहा गया कि उन्हें निगम द्वारा मान्य अस्पतालों और लैबों आदि पर बिना कोई आर्थिक बोझ डाले, उन्हें सीजीएचएस/डीजीएचएस की दर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

इसी तरह नेता सदन ने औद्योगिक क्षेत्र के अंदर सभी दलों पर फ़ैक्टरी लाईसैंस की सुविधा देने की प्रक्रिया को सरल बनाने के सिलसिले में सिर्फ चार दस्तावेज़ों की आवश्यकता के बारे में बताया। 

उन्होंने आगे बताया कि नार्थ दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्रों के अंतर्गत 12 मीटर तक उंचे गेस्ट हाउसों को अब बिना दिल्ली फायर सर्विस के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के उन्हें हेल्थ लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपने अधिकार क्षेत्रों में अनाधिकृत रूप से पशुओं को रखने वाले व्यक्तियों द्वारा आवारा पशुओं की समस्या पैदा करने पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में 5 हजार रूपये प्रति घटना, प्रति दिन के हिसाब से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में जुर्माना भरना होगा। इस सिलसिले में स्थायी समिति द्वारा उत्तरी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्र को आवारा पशु की समस्या से मुक्त करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया।

मोबाईल टावर्स: इसके अतिरिक्त निगम के रिक्त स्थानों पर मोबाईल टावर्स को किराये पर देने के लिए निगम के समस्त जोनों के अंतर्गत कुल 850 स्थानों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गयी है। निगम द्वारा आधार पंजीकरण केन्द्र की स्थापना के तहत उसके कार्यालयों व स्वास्थ्य संस्थानों में केन्द्र खोलने का प्रावधान किया गया है, ताकि दिल्ली की जनता को सहुलियत हो।

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स्मार्ट पोल्स: वर्तमान में निगम क्षेत्र के अंदर 20 स्मार्ट पोल्स की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। इस योजना से भी निगम को नियमित आय होगी। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बेकार व जर्जर हालत में पड़े ढलावों तथा कॉम्पेक्टर लगाने के बाद खाली हुए ढलावों के स्थान पर डिस्पेंसरी, वरिष्ठ नागरिक केन्द्र, लाईबे्ररी, जिम, कॉफी शॉप व साइबर कैफे आदि का विकास किया जाएगा।

विद्यालय का सदुपयोग: निगम ने विद्यालय परिसरों का सदुपयोग करते हुए विद्यालयों के बाहर ए.टी.एम./स्मॉल ब्रांच की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही निगम के आधे एकड़ के पार्क में मिल्क बूथ/क्योस्क लगाए जाने का प्रस्ताव है। क्योस्क लगाने के बदले में वेंडर पार्को का रखरखाव करेगें। निगम के बड़े पार्को में मासिक किराये के आधार पर नर्सरी बनाने के लिए प्राइवेट वेन्डर (मालियों) को जगह उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे निगम को हर महीने एक निश्चित आय होगी।

ई-बाईक्स की व्यवस्थाः दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ऐतिहासिक, मार्केट स्थलों व अन्य सुविधाजनक स्थानों पर जनता की सुविधा के लिए ई-बाईक्स की व्यवस्था की जाएगी। निगम पार्किग के अंदर 15 से 20 गाड़ियों के ई-चार्जिग स्टेशन की स्थापना की जाएगी, इससे भी निगम को आय प्राप्त होगा और प्रदूषण नियंत्रण करने में मददभी मिलेगी। यह भी पढ़े- अशोक विहार -इंडस्ट्रियल एरिया से 3 दिन पहले गायब हुए गार्ड का शव बोरे में मिला,अपहरण और फिरौती की आशंका 

कॉल ड्राप की समस्या:  निगम के इलाके में कॉल ड्रॉप की समस्या से निवारण एवं बेहतर नेटवर्क सुविधा के लिए मोबाईल टावर ऑन व्हील पॉलिसी बनाई गई है। इससे कॉल ड्रॉप की समस्या के निवारण एवं बेहतर नेटवर्क सुविधा बहाल हो सकेगी। निगम की संपत्तियों की छतों पर मोबाइल टावर एवं सेल टावर्स ऑन व्हील लगाने की योजना बनाई गई है।

गोपराली का निर्माणः पराली और गाय के गोबर को मिश्रित करके गोपराली में परिवर्तित कर फ़्यूल केक बनाया जाएगा। जिसका इसका उपयोग अंतिम संस्कार के लिए किया जा सकेगा।

योग कक्षाओं की शुरुआतः बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए निगम विद्यालयों में योग कक्षायें शुरू की जाएंगी।

स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापनाः बच्चों में खेल के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए निगम के रानी झांसी स्टेडियम में पीपीपी मॉडल व आउटसोर्सिंग के आधार पर स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना।

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सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई, टूटी दशकों पुरानी परंपरा- मुकेश गोयल

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डिम्पल भारद्ववाज, संवाददाता

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल के नेता और वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने 12 फरवरी को बजट-चर्चा के दौरान आप पार्षदों द्वारा किये गए हंगामे के साथ-साथ  बीजेपी पार्षदों की टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई और इससे बजट की दशकों पुरानी परंपरा टूट गई। दोनों दलों के पार्षदों के व्यवहार की वजह से नगर निगम की बठकों में माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है और कभी भी आप व बीजेपी पार्षदों के बीच मारपीट की नौबत आ सकती है।

उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में विरोध प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए था, लेकिन आप पार्षदों ने ऐसा कर  मजबूत विपक्ष की भूमिका नहीं निभाई। मुकेश गोयल ने आगे कहा कि शोर के चलते जल्दबाजी में बजट प्रस्ताव पारित कर दिये गए और किसी को कुछ सुनाई ही नहीं पड़ा। कांग्रेस की ओर से बजट के दौरान कई प्रस्ताव लाए गए थे और कई  संशोधन भी किए गए थे। उनका क्या हुआ पता नहीं चला। यदि रद्द करने के समय रहते पता चल जाता तो उन पर कांग्रेस पार्टी की ओर से डिवीजन की मांग अवश्य की जाती। डिवीजन में किसी भी प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में सभी पार्षदों द्वारा हस्ताक्षर किये जाते हैं, जिससे यह तय होता है कि उस प्रस्ताव को स्वीकारा जाना चाहिएय, अथवा नहीं।

मुकेश गोयल ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी नेता सदन (लीडर ऑफ द हाउस) की होती है, लेकिन वर्तमान नेता सदन के गैर संवेदनशील, घमंडी और तानाशाही पूर्ण रवैये की वजह से सदन की बैठकों का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। बीजेपी के नेता सदन ने कभी सदन की कार्यवाही चलाने के लिए विपक्ष के नेताओं के साथ बात ही नहीं की। जिसकी वजह से उनके कार्यकाल के दौरान एक भी बैठक सही ढंग से नहीं चल पाई है। यहां तक कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी नेता सदन के नियंत्रण में नहीं हैं और वह भी आप पार्षदों के साथ सदन की कार्यवाही को बाधित करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी के पार्षद आपस में एक-दूसरे के ऊपर गंभीर रूप से व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करते हैं। जिसकी वजह से सदन की बैठकों में लगातार माहौल बिगड़ता जा रहा है। किसी भी दिन सदन की बैठक में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के पार्षदों में मारपीट हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ मुद्दों पर विरोधाभास है तो दोनों दलों के नेताओं को एक साथ बैठकर हल निकाला जाना चाहिए। ताकि नगर निगम की बिगड़ती हालत को सुधारा जा सके

वीडियो बनाकर बीवी पर लगाए बवफाई का आरोप, कर ली खुदकुशी

पत्रिका संवाददाता

नई दिल्ली। पति पेशे से पेंटर, पत्नी यूट्यूबर। दोनों आज की सोशल मीडिया में रमे हुए। इनसे उनकी तरक्की जुड़ी हुई थी, इनकी वजह से ही जिंदगी में तूफान भी आ गया। मामला कल्याणपुरी इलाके का है, जहां राजेश नाम के एक शख्स ने 11 फरवरी की सुबह खुदकुशी कर ली। इससे पहले उसने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई वीडियो बनाए और उसके बाद फंदे से झूल गया। खुदकुशी से पहले शख्स उन वीडियो को वाट्सएप के जरिये अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को भेज दिया। मृतक की पहचान राजेश के रूप में हुई है। सूचना पर पहुुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज कर मृतक के फोन को कब्जे में लेकर जांच में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार राजेश अपने परिवार के साथ त्रिलोकपुरी में रहते थे। परिवार में पत्नी व दो छोटी बेटियां हैं। 12 साल पहले राजेश की शादी फरीदाबाद की रहने वाली युवती से हुई थी। राजेश पेशे से पेंटर थे और उनकी पत्नी यूट्यूबर हैं। शादी के कुछ वक्त बाद ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए थे। दो महीने पहले राजेश की पत्नी अपनी बेटियों को लेकर अलग रहने चली गई।

घटना के दिन सुबह करीब आठ बजे राजेश ने अपने घर पर फांसी लगा ली। उससे पहले कई वीडियो बनाए और वाट्सएप के जरिये अपने जानकारों को भेजे। लिखे जाने तक उनके वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे। मृतक वीडियो में आरोप लगा रहा है कि उनकी पत्नी का अवैध संबंध गौरव भाटिया नाम के युवक से है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यूट्यूब के लिए गाने बनाने के लिए पत्नी कई कई दिन तक घर से बाहर रहती है। उसके पति ने आरोप लगाया गौरव भाटिया उनकी पत्नी पर उनसे रिश्ता तोड़ने का दबाव बना रहा था। राजेेश और उनकी पत्नी ने पांच फरवरी को एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी। राजेश ने अपनी वीडियो में पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाएं हैं। इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है वीडियो कब की है इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, उसकी जांच की जा रही है। पुलिस पर लगे आरोपों को झूठा बताया। साथ ही कहा कि मृतक के भाई ने उसकी पत्नी, पत्नी के दोस्त गौरव भाटिया समेत कई के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। 

अशोक विहार -इंडस्ट्रियल एरिया से 3 दिन पहले गायब हुए गार्ड का शव बोरे में मिला,अपहरण और फिरौती की आशंका 

-पत्रिका संवाददाता 

अशोक विहार। दिल्ली के अशोक विहार थाना क्षेत्र के वज़ीर पुर इंडस्ट्रियल एरिया से 3 दिन पहले गायब हुए 40 वर्षीय श्याम मोहन शुक्ला का शव आज वज़ीर पुर इंडस्ट्रियल एरिया में ही एक कमरे से बरामद हो गया। परिजनों का आरोप है कि शुक्ला का अपहरण हुआ था और उसके लिए 45  हज़ार रुपये की फिरौती की मांग भी की गयी थी। 40 वर्षीय मृतक श्याम मोहन शुक्ल वज़ीर पुर औद्योगिक क्षेत्र में 170 चंद्र शेखर आज़ाद कॉलोनी का रहने वाला है। 6 फरवरी से वह लापता था। इसकी सूचना वज़ीर पुर इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस चौकी को दी गयी थी। परिजनों का कहना है की उसके कुछ लोग बुला कर ले गए थे। इसके बाद देर शाम उनके पास फ़ोन आया और उन के अकाउंट नंबर देकर कहा गया की यदि शुक्ला को छुड़वाना चाहतें है तो इस खाते में 45 हज़ार रुपये भेज दो। इतनी सूचना होने के बाद भी पुलिस ने गभीरता से मामले को नहीं लिया। परिजनों ने राजनैतिक दबाव बनाया तो पुलिस हरकत में आयी और उस अकाउंट होल्डर तक पहुंची। वह अकाउंट हैदर पुर में किसी मनी ट्रांसफर वाले का था।

श्याम मोहन शुक्ला परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

पुलिस ने कुछ लोगों को हिरसत में लेकर पूछताछ की तो मामला खुल गया। एक युवक की निशानदेही पर श्याम मोहन शुक्ला का शव एक कमरे में मिला गया। शव को बोरे में बंद करके रखा गया था। श्याम मोहन शुक्ला चौकीदार का काम करता था। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी है।  जिस तरह से अपहरण करने वालों ने केवल 45 हज़ार रुपये की मांग की उसे देख वह लेनदेन का मामला लग रहा है। लेकिन परिजन इस तरह की किसी भी देनदारी की जानकारी होने से इंकार कर रहे है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

नार्थ वेस्ट जिले में हो रही ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातें से इलाके में चर्चा और चिंता का विषय बनी हुयी है। फिलहाल पुलिस इस मामले में अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है। खबर लिखें जाने तक यह नहीं पता चल पाया है की श्याम मोहन शुक्ला की ह्त्या किस तरह और क्यों की गयी ? मौके पर भारी पुलिस बल तैनात थी और क्राइम टीम के साथ जिले के कई आला  अधिकारी भी मौजूद थे। 

राम मंदिर के लिए जमा हुए एक हजार करोड़ रुपये

शिवानी मोरवाल, संवाददाता

नई दिल्ली।। राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र करने के लिए पिछले महीने शुरू हुए अभियान में अभी तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि इकट्ठा हो चुकी है। आपको बता दे कि पिछले महीनें मकर संक्रांति के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की तरफ से शुरू हुई इस मुहिम के तहत 30 दिनों से भी कम समय में यह राशि जुटाई गई है।

राम मंदिर  के लिए चंदा एकत्र करने के लिए पिछले महीने शुरू हुए अभियान में अभी तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि इकट्ठा हो चुकी है। पिछले महीने मकर संक्रांति के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद की तरफ से शुरू हुई इस देशव्यापी मुहिम में 30 दिनों से भी कम समय में यह राशि जुटाई गई है।

आपको बता दे कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के सचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया है । उन्होंने कहा कि तीन बैंकों में न्यास के खातों में अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है।



उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के लगभग डेढ़ लाख कार्यकर्ता राम मंदिर के लिए घर-घर जाकर चंदा एकत्र कर रहे हैं। राम मंदिर न्यास ने इस कार्य के लिए भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में खाते खोले हैं।

भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी को शुरू हुआ निधि समर्पण अभियान 27 फरवरी तक चलेगा। मकर संक्रांति से शुरू होकर माघ पूर्णिमा, संत रविदास जयंती तक चलने वाले इस देशव्यापी अभियान में बड़े पैमाने पर राशि इकट्ठा होने की संभावना है।