Saturday, May 2, 2026
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झलकियां रामलीला कलाकारों की, मंच पर रामायण को सजीव करते कलाकार

दिल्ली यूँ तो दिल वालों की कही जाती है लेकिन दिल्ली रामलीला के लिए भी जानी जाती है। नवरात्रि में दिल्ली की गलियों में सिर्फ श्री राम चंद्र  के प्रहसन और जयकारे सुनाये देते हैं मानो त्रेतायुग के रामायण का हर पात्र सजीव हो जाता है ।  भव्य पंडाल के नीचे रामलीला का आयोजन सफल बनाने के लिए एक दो दिन नहीं बल्कि महीनो की तैयारी होती है।  नार्थ दिल्ली हो या साउथ , ईस्ट हो या वेस्ट रामलीला की तैयारी के लिए आर्थिक प्रबंधन और व्यवस्था के दर्शकों की सुरक्षा पर लगभग सभी रामलीला कमेटियां जी तोड़ मेहनत करती  है  और कई महीने पहले से होमवर्क शुरू हो जाता है।  तब जाकर जीवंत होती है रामायण की अद्धभुत  गाथा जिसके आदर्श प्रेणना बन हजारो साल से अनवरत देश के जनमानस को दिशा दे रहे हैं। साथ ही साथ मेले का आयोजन भी इसे और दर्शनीय बना देता है।  मंच पर  रामायण के पात्रों को जीने वाले कलाकारों की मेहनत, समपर्ण और श्री राम कथा में अगाध विस्वास से  ही ये संभव हो पाता है। आम लोगों की तरह आम लोगों  के बीच से आये ये कलाकार चाहे वो परदे के सामने के हों या परदे के पीछे सभी अपनी जिम्मेदारियां और योगदान देते है। ऐसे ही रोहिणी सेक्टर 11 – और सेक्टर-16 के की रामलीला  में रावण का रोल करने वाले ये जनाब अपने किरदार में इतने रमें हैं की परदे के पीछे भी उसी भाव भंगिमा और अंदाज के साथ अपने डायलॉग  सुनाते है जैसे  स्वयं रावण अट्टहास कर रहा हो। जो दिखाता है की इनका समर्पण कितना है। फिर चाहे वो हनुमान का रोल करने वाले कलाकर हों या स्वयं श्री राम  किरदार को जीने वाले ये सभी बताते हैं की  रामायण के पात्रों में उनका अगाध विश्वास ही उन्हें कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित करता है। दिल्ली में रामलीला सिर्फ एक कथा नहीं बल्कि यहां की तहजीब, विरासत, लोक नाट्य, और उत्सव है जो यहां के लोगों में रची बसी है। जिसका अप्रितम प्रवाह रामलीला कमेटी और लोंगों के सहयोग से हर वर्ष और प्रगाढ़ हो रहा है ।

कैसे दिखते हैं रियल लाइफ में रावण ?11 साल से रावण का रोल निभा रहे हैं राजीव

नवरात्रों में रामलीला की धूम के बीच आप भी कहीं न कहीं रामलीला देखने जरूर गये होंगे। मंच पर चल रहे नाट्य कृत्य को तो सबने देखा है और अपने अपने विचारों के अनुकूल पात्रों को पसंद या नापसंद भी करते हैं।  लेकिन क्या कभी किसी रामलीला के स्टेज के पीछे जाकर किरदार निभाने वाले कलाकारों को जानने की कोशिश की है ? रामलीला तो साल में एक बार आती है।  फिर ये कलाकार बाकी समय में क्या करते हैं।  निभाए गए चरित्र  से खुद को कैसे जोड़ते हैं ? इन तमाम सवालों के साथ दिल्ली दर्पण ने बात की राजीव गुप्ता से जो विगत ग्यारह सालों से रावण का किरदार निभाते आ रहे हैं।  इस वर्ष राजीव रोहिणी सेक्टर -11 के नव केशव रामलीला में रावण का किरदार निभाते देखा जा सकता है।  इनका कहना है की रावण का किरदार वो अपने परिवार की ख़ुशी के लिये निभाते हैं। इनके परिवार को इन्हें मंच पर रावण में रूप में देखना अच्छा लगता है। स्टेज पर रावण का क्रूर चरित्र सार्थक करने वाले राजीव वास्तविक जीवन में बेहद विनम्र और हँसमुख व्यक्ति हैं। पेशे से प्रॉपर्टी डीलर राजीव गुप्ता के एक प्रतिभाशाली कलाकार भी हैं जिसकी वजह से रामलीलाओं में इनकी खूब माँग रहती है।  राजीव का पूरा परिवार  प्रतिदिन रावण के रूप में इनका प्रदर्शन देखने के लिए रामलीला में आता है।

रोहिणी सेक्टर -16 में रामलीला का भव्य आयोजन, मेले के साथ मनोरंजन का भरपूर इंतजाम

रोहिणी कल्चरल क्लब सेक्टर-16 की रामलीला का नज़ारा इस बार बहुत खास है| एक ओर जहां दर्शको को कुछ नया दिखाने की चाह में रामलीला कमेटी कई मशहूर हस्तियों को ला चुकी है वहीँ  कमेटी द्वारा दर्शको के मनोरंजन के लिए कमेटी ने खास बंदोबस्त किए है जिसका हर उम्र के लोग पूरा आनंद उठा रहे है| जहां बच्‍चे मेले का पूरा मज़ा ले रहे हैं वही दूसरी तरफ रामलीला का सुंदर मंचन दर्शको को अपनी और खींच रहा है| रामलीला देखने के लिए आई दर्शको की यह भारी भीड़ को देखकर यह अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है कि उन्हे इस बार की रामलीला कितनी पसंद आ रही है| दूसरी और रामलीला  में उस वक़्त माहौल और भी भक्तिमय हो गया जब दर्शको ने प्रशिद्ध  राधे माँ को अपने बीच पाया | उनके दर्शनों  के लिए जहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी वही आयोजको द्वारा इस बात का पूरा प्रबंध किया गया था की दर्शको को कोई परेशानी ना हो | दर्शको की सुरक्षा के लिए भी आयोजको ने पुख़्ता इंतज़ाम किए है ताक़ि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके| रोहिणी कल्चरल क्लब सेक्टर-16 की रामलीला हमेशा से ही अपने एक अलग अंदाज़ और एक अलग पहचान के लिए जानी जाती रही है तो अगर आप अबतक इसे नहीं देख पाए है तो जल्द से जल्द पहुँचे और भगवान राम की इस लीला का भरपूर आनंद उठाए|

बवाना में नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 600 किलो नकली सिक्के बरामद

दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।   शनिवार को आधी रात रूटीन चेकिंग के दौरान कार से 10 रुपए के नकली सिक्कों के थैले बरामद हुए।  शक होने पर पुलिस ने शख्स से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. पकड़े  गए व्यक्ति की निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली के बवाना सेक्टर डी में एक ब्लिडिंग पर छापा मारा तो वहां बड़ी तादाद में सिक्के बनाने वाली मशीने और करीब 600  किलो नकली सिक्के बरामद किये। साथ ही भारी  मात्रा में डाई और कच्चा माल भी बरामद हुआ।  पकड़े गए शख्स के मुताबिक़ के पूरा गोरखधंधा पिछले कई महीने से चल रहा था।  जिसकी खबर यहां रहने वालों को भी नहीं थी। पुलिस ने सिक्कों को जब्त कर फैक्ट्री को सील कर दिया है। आउटर दिल्ली के डीसीपी के मुताबिक़ इस पूरे गोरखधंधे में कई गिरोह शामिल हो सकते हैं , ये दिन में दूसरा काम करते थे जिससे किसी को शक ना हो, और दुकानों और परचून की दुकानवालों को इसे सप्लाई करते थे जिनमें इनका कमीशन बधा होता था।  वही फैक्ट्री का मालिक जो बिहार के अररिया जिले का बताया जा रहा है अभी फरार है।  पुलिस पूरे मामले की तफ्शीश कर  गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी है।

अग्रवाल वे. सोसायटी , अशोक विहार : नयी कार्यकारणी के नए संकल्प 

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दिल्ली दर्पण टीवी
दिल्ली। अशोक विहार स्थित अग्रवाल वेलफेयर सोसायटी और इसके चुने हुए पदाधिकारी लगता है पिछले कुछ सालों में सोसायटी में हुए ऐतिहासिक विवादों से सीख ले चुके है और इस कार्यकाल में कुछ ऐसा करना चाहते है जो इतिहास बन जाए।  चुनाव में जीत के बाद हो रहा यह शपथ ग्रहण समारोह और ट्रष्टियो सम्मान समारोह भी यह संकेत दे रहा है। चुनाव जीतने के तुरंत बाद आईडी गर्ग के टीम ने महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में शपथ ली कि जो हुआ सो हुआ, सोसायटी का इस वर्ष का कार्यकाल अपने ऐतिहासिक विकास कार्यों के लिए जाना जाएगा । समाज के प्रमुख लोगों के सामने चुने हुए सभी पदाधिकारियों ने शपथ ली की वे सेवा भाव और समाज के सम्मान के लिए कार्य करेंगे । कंट्रोल बोर्ड के चैयरमेन सुरेंद्र पास गुप्ता ने चुने हुए पदाधिकारी के एक एक करके शपथ दिलाई। देखिये नजारा —