Friday, May 1, 2026
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MCD Mayor Election: दिल्ली नगर निगम में भाजपा का दबदबा, प्रवेश वाही बने नए मेयर, मोनिका पंत उपमहापौर

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया महापौर चुना गया है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार जहीर को 147 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। वहीं, डिप्टी मेयर के पद पर भाजपा की मोनिका पंत निर्विरोध चुनी गई हैं।

चुनावी आंकड़ों का गणित

मेयर चुनाव के दौरान सदन में कुल 165 वोट डाले गए, जो सभी वैध पाए गए। भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वाही को 156 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार जहीर के पक्ष में केवल 9 वोट ही पड़े।

वर्तमान में एमसीडी के समीकरणों को देखें तो बहुमत के लिए 137 वोटों की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास पार्षदों, सांसदों और विधायकों को मिलाकर कुल 142 वोटों का समर्थन पहले से ही था, जो स्वाति मालीवाल के भाजपा में शामिल होने के बाद और मजबूत हुआ।

AAP ने किया चुनाव का बहिष्कार

इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) ने मेयर और डिप्टी मेयर की चुनावी प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी। AAP के पार्षदों और विधायकों ने मतदान का बहिष्कार किया। हालांकि, पार्टी ने स्थायी समिति (Standing Committee) के चुनाव में हिस्सा लेने का निर्णय लिया है। स्थायी समिति की तीन सीटों के लिए तीन ही नामांकन होने के कारण बीजेपी के 2 और AAP के 1 सदस्य का निर्विरोध चुना जाना तय है।

कौन हैं नए मेयर प्रवेश वाही?

प्रवेश वाही दिल्ली की राजनीति का एक अनुभवी चेहरा हैं। वे वर्तमान में रोहिणी बी वार्ड से पार्षद हैं। इससे पहले वे उत्तरी दिल्ली नगर निगम में तीन बार जोन चेयरमैन और स्थायी समिति के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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दिल्ली हाईकोर्ट की वर्चुअल सुनवाई में बड़ा साइबर हमला; सुनवाई के दौरान चले अश्लील वीडियो, IFSO यूनिट करेगी जांच

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट में एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट की वर्चुअल सुनवाई (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के दौरान अज्ञात हैकर्स ने सिस्टम में सेंध लगाकर अश्लील वीडियो चला दिए, जिससे अदालत की कार्यवाही बुरी तरह बाधित हो गई। इस घटना के बाद कोर्ट प्रशासन को वर्चुअल सुनवाई का प्लेटफॉर्म तुरंत प्रभाव से बंद करना पड़ा। इस मामले को सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ जोड़कर देखा जा रहा है और दिल्ली पुलिस की ‘इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस’ (IFSO) यूनिट को जांच सौंपी गई है।

“You’ve Been Hacked” की गूंज और अश्लील सामग्री

सूत्रों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के बीच में ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने सेशन में प्रवेश किया और बेंच के सामने अश्लील सामग्री शेयर करनी शुरू कर दी। इसी दौरान सिस्टम पर एक ऑटोमेटेड वॉइस में सुनाई दिया— “You’ve Been Hacked” (आपका अकाउंट हैक हो गया है)। इस घटना ने अदालती कार्यवाही में शामिल सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया।

दो बार बाधित हुई कार्यवाही

यह साइबर हमला यहीं नहीं रुका। कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने पहली बार समस्या आने के बाद प्लेटफॉर्म को बहाल करने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने दोबारा सिस्टम में सेंध लगा दी। उसी या किसी अन्य अनधिकृत यूजर ने लाइव कार्यवाही के दौरान फिर से अश्लील सामग्री शेयर कर दी। लगातार दो बार हुए इस साइबर हमले के बाद, प्रशासन ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर दिया।

वर्चुअल सुनवाई की सुरक्षा पर उठे सवाल

कोविड-19 महामारी के बाद से दिल्ली हाईकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है, जो दूर-दराज के वकीलों और वादियों के लिए बेहद सुविधाजनक रही है। हालांकि, इस घटना ने वर्चुअल अदालती सुनवाई के सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत जैसे संवेदनशील संस्थान में इस तरह की सेंधमारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

IFSO यूनिट संभालेगी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच का जिम्मा दिल्ली पुलिस की विशेष IFSO (Intelligence Fusion and Strategic Operations) यूनिट को दिया गया है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हैकर्स ने सिस्टम के लॉगिन क्रेडेंशियल्स को कैसे प्राप्त किया और इस हमले के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या था। फिलहाल, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कोर्ट प्रशासन अपने सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है।

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दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार; विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे करोड़ों की हेराफेरी

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रूस और तुर्की में आकर्षक नौकरियों का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये और असली पासपोर्ट ऐंठने वाले गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय कौशिक की अगुवाई में अंजाम दिया गया।

कैसे बनाते थे शिकार? (Modus Operandi)

यह गिरोह अत्यंत शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस की जांच में सामने आए तरीके कुछ इस प्रकार हैं:

  • सोशल मीडिया का जाल: आरोपी फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से विदेश में नौकरी के लुभावने विज्ञापन पोस्ट करते थे।
  • पासपोर्ट और दस्तावेज़: संपर्क करने पर, पीड़ितों से कोरियर के जरिए असली पासपोर्ट मंगवा लिया जाता था।
  • फर्जीवाड़ा: पासपोर्ट मिलते ही उसे स्कैन कर उस पर रूस, तुर्की और अजरबैजान के फर्जी वीजा स्टैंप लगा दिए जाते थे।
  • भरोसा जीतना: पीड़ितों को फर्जी एयर टिकट और नकली ऑनलाइन वेरिफिकेशन लिंक भेजे जाते थे, ताकि उन्हें यकीन हो जाए कि उनका वीजा लग चुका है।
  • ठगी और गायब: जैसे ही पीड़ित रकम जमा कराते, आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद कर गायब हो जाते थे। पीड़ितों को ठगी का पता तब चलता था, जब वे टिकट और वीजा को चेक करते थे।

क्या कुछ हुआ बरामद?

एसीपी अशोक शर्मा की निगरानी में गठित टीम ने पीतमपुरा के पास जाल बिछाकर इन तीनों आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

  • 5 असली भारतीय पासपोर्ट: जो पीड़ितों से ठगे गए थे।
  • 7 मोबाइल फोन: जिनमें फर्जी वीजा, जॉब लेटर और हवाई टिकटों के स्क्रीनशॉट मौजूद थे।
  • नकदी और डेबिट कार्ड: छापेमारी में नकद राशि, अलग-अलग नामों से जारी 9 डेबिट व प्रीपेड कार्ड बरामद किए गए हैं।
  • फर्जी पहचान पत्र: आरोपियों के पास से फर्जी नाम से तैयार किए गए पहचान पत्र भी मिले हैं।

आरोपियों की प्रोफाइल

पकड़े गए तीनों आरोपी अलग-अलग भूमिकाओं में सक्रिय थे:

  1. सलाउद्दीन मंसूरी (उर्फ हैदर खान): यह गिरोह का मास्टरमाइंड था जो खुद को कोलकाता की फर्जी कंपनी ‘सबा एंटरप्राइजेज’ का HR मैनेजर बताता था। 40% कमीशन पर काम करने वाला सलाउद्दीन, नोएडा में पहले एक्सपोर्ट कंपनियों में काम कर चुका है।
  2. कौशर: यह गिरोह का ‘क्लाइंट हंटर’ था। इसका काम बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश से विदेश जाने के इच्छुक लोगों को ढूंढना था। यह फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाता था।
  3. मोहम्मद शहजाद: यह एजेंट के तौर पर ग्राहकों को लाता था। इसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और 2020 में भी एक मामले में जेल जा चुका है। इसे मास्टरमाइंड मुन्ना ने पैसे लेने के बाद मोबाइल बंद करने की ट्रेनिंग दी थी।

मास्टरमाइंड की तलाश जारी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह का सरगना मोहम्मद मुन्ना है, जो फिलहाल फरार है। क्राइम ब्रांच अब मुन्ना की तलाश कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कुल कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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दिल्ली: पत्नी के दोस्त पर शक के चलते खौफनाक वारदात; पति ने किराएदार की गला रेतकर की हत्या, खुद थाने जाकर किया सरेंडर

नई दिल्ली: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पति ने अपनी पत्नी और किराएदार के बीच अवैध संबंधों के शक में अपने ही किराएदार की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, शालीमार बाग थाना क्षेत्र के केला गोदाम इलाके में यह घटना हुई। आरोपी वीरेंद्र (35 साल) इंदिरा कॉलोनी में रहता है। आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी और उसके किराएदार कन्हैया (29 साल) के बीच अवैध संबंध हैं। इसी शक के चलते वह लंबे समय से कन्हैया से रंजिश रखता था। अंततः, उसने शाम करीब 4:20 बजे अपनी झुग्गी (नंबर T-210) के अंदर कन्हैया की गला रेतकर और चाकू से गोदकर नृशंस हत्या कर दी।

पुलिस ने मौके से बरामद किया हथियार

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी वीरेंद्र खून से सने कपड़ों में ही सीधा शालीमार बाग पुलिस स्टेशन पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, जहां मृतक का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। शरीर पर चाकू के कई गहरे निशान थे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य फोरेंसिक सबूत मौके से बरामद कर लिए हैं। जांच में पुष्टि हुई है कि आरोपी के घटनास्थल पर होने के ठोस सबूत CCTV फुटेज में भी मिले हैं।

आगे की कार्रवाई

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम, FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) के विशेषज्ञों और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को तुरंत मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। शालीमार बाग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है।

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दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: ISI के ड्रोन से आए विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद, 9 तस्कर गिरफ्तार; खूंखार गैंगस्टरों को होनी थी सप्लाई

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध और संभावित आतंकी गतिविधियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर ड्रोन के जरिए तस्करी कर लाए गए अत्याधुनिक हथियारों के एक विशाल जखीरे को बरामद किया है। इस ऑपरेशन में 9 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे।

23 अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद

पुलिस की इस कार्रवाई में हथियारों का जो जखीरा बरामद हुआ है, वह सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। स्पेशल सेल की टीम ने छापेमारी कर कुल 23 अत्याधुनिक विदेशी हथियार जब्त किए हैं, जिनमें जिगाना (Zigana), ग्लोक (Glock) और PX पिस्टल जैसे घातक हथियार शामिल हैं। ये हथियार ड्रोन के जरिए सीमा पार से तस्करी कर भारत में लाए गए थे।

पाकिस्तान और मुंगेर कनेक्शन का पर्दाफाश

जांच में पता चला है कि यह पूरा नेटवर्क एक सोची-समझी साजिश के तहत काम कर रहा था:

  • ISI और ड्रोन: हथियारों की यह खेप पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराई थी।
  • मुंगेर कनेक्शन: विदेशी हथियारों के साथ-साथ स्पेशल सेल ने बिहार के मुंगेर में निर्मित अवैध हथियारों और उनके पुर्जों को भी भारी मात्रा में बरामद किया है।
  • लक्ष्य: यह हथियार दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों तक सप्लाई किए जाने थे, ताकि इलाके में आतंक और संगठित अपराध को बढ़ावा दिया जा सके।

जांच जारी, हैंडलर्स की तलाश तेज

स्पेशल सेल की इस बड़ी सफलता के बाद अब जांच की दिशा पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की ओर मुड़ गई है। गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क की पूरी चेन को तोड़ा जा सके। सुरक्षा एजेंसियां इसे भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि मान रही हैं। फिलहाल, दिल्ली और अन्य राज्यों में इस मामले से जुड़े अन्य संभावित संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।

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