Wednesday, June 3, 2026
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“मॉनसून से पहले मौसम का बड़ा यू-टर्न! दिल्ली से बिहार तक बारिश का अलर्ट”

नई दिल्ली:
देशभर में 45-46 डिग्री तापमान से लोग परेशान हैं, लेकिन अब मौसम राहत देने वाला है। मॉनसून आने से पहले ही दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी हो गया है।

IMD के मुताबिक, मई के आखिरी हफ्ते में मौसम अचानक करवट लेने वाला है। उत्तर भारत से लेकर महाराष्ट्र, गुजरात और केरल तक कई इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है।

हालांकि इस बार मॉनसून केरल में थोड़ी देरी से पहुंचेगा। पहले इसके 26 मई तक आने की संभावना थी, लेकिन अब 2-4 जून के बीच केरल पहुंचने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली-NCR, पश्चिमी यूपी और पंजाब में 28 से 31 मई के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

गर्मी से बेहाल लोगों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मॉनसून बारिश से तापमान में गिरावट आ सकती है और लू से कुछ राहत मिलेगी।

“हाई सिक्योरिटी DRDO कैंपस भी नहीं सुरक्षित, महिला वैज्ञानिक के घर से 50 लाख की चोरी”

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले DRDO रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। तिमारपुर थाना क्षेत्र स्थित इस हाई सिक्योरिटी परिसर में चोरों ने एक महिला वैज्ञानिक के सूने घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवर, नकदी और महंगे सामान पर हाथ साफ कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, महिला वैज्ञानिक अपने परिवार से मिलने चंडीगढ़ गई हुई थीं। इसी दौरान चोरों ने उनके घर के तीन दरवाजों के ताले और अलमारी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना का पता तब चला जब पड़ोसियों ने घर के टूटे हुए ताले देखे और महिला वैज्ञानिक को सूचना दी।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 45 से 50 लाख रुपये बताई जा रही है। चोरी हुए सामान में लगभग 280 ग्राम सोने के आभूषण, चांदी के गहने, विदेशी मुद्रा और नकदी शामिल हैं।

चोरी हुए सामान में क्या-क्या शामिल?

  • 15 हजार रुपये नकद
  • 20 पाउंड और 50 दिरहाम विदेशी मुद्रा
  • सोने का नेकलेस सेट
  • 6 सोने की चूड़ियां
  • 7 सोने की चेन
  • 5 सोने की अंगूठियां
  • 4 जोड़ी झुमके
  • सोने की नथ और बच्चों की चूड़ियां
  • चांदी की पायल और सिक्के
  • 3 महंगी कलाई घड़ियां

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। इस चोरी ने DRDO जैसे हाई सिक्योरिटी कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: दिव्यांग बच्चों को मिल सकता है ₹13 लाख तक का मुफ्त हेल्थ कवर

दिल्ली सरकार दिव्यांग बच्चों के लिए एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत विशेष जरूरतों वाले बच्चों को लगभग ₹13 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जा सकता है। यह पहल उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, जो अपने बच्चों के इलाज, थेरेपी, सर्जरी और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं का भारी खर्च उठाने में असमर्थ हैं। राजधानी दिल्ली में हजारों बच्चे शारीरिक, मानसिक और न्यूरोलॉजिकल विकलांगताओं से जूझ रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक निरंतर चिकित्सा और विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सहारा बन सकती है।प्रस्तावित योजना के अंतर्गत ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, दृष्टि एवं श्रवण बाधितता, मानसिक विकलांगता, स्पाइनल समस्याओं और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को शामिल किए जाने की संभावना है। केवल इलाज ही नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, सर्जरी, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग जैसे आवश्यक उपकरणों को भी योजना का हिस्सा बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की सहायता उन परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने बच्चों का पूरा उपचार नहीं करा पाते।सरकारी अधिकारियों के अनुसार योजना को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि लाभार्थियों को सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल सके। इसके लिए अस्पतालों और पुनर्वास केंद्रों के साथ साझेदारी की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही, योजना को डिजिटल हेल्थ कार्ड और ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ने की तैयारी है, जिससे दस्तावेजी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।विशेषज्ञों का कहना है कि दिव्यांग बच्चों की चिकित्सा केवल एक बार के इलाज तक सीमित नहीं होती। कई बच्चों को वर्षों तक नियमित थेरेपी और मेडिकल सहायता की आवश्यकता रहती है। उदाहरण के तौर पर, ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चों को व्यवहारिक और भाषण संबंधी थेरेपी की जरूरत होती है, जबकि सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों को निरंतर फिजियोथेरेपी और विशेष देखभाल की आवश्यकता पड़ती है। इन उपचारों पर हर महीने हजारों रुपये खर्च होते हैं, जो अधिकांश परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे में सरकार की यह पहल सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।समाजसेवी संगठनों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। उनका कहना है कि भारत में दिव्यांग बच्चों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है और अधिकांश परिवारों को निजी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण कई बार उपचार बीच में ही रोकना पड़ता है, जिससे बच्चों की स्थिति और गंभीर हो जाती है। यदि सरकार प्रभावी स्वास्थ्य बीमा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है, तो इससे बच्चों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है।दिल्ली सरकार इस योजना को केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे शिक्षा और पुनर्वास से भी जोड़ने पर विचार कर रही है। भविष्य में विशेष विद्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों को भी इस योजना से जोड़ा जा सकता है, ताकि बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर मिल सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास के लिए चिकित्सा सहायता के साथ सामाजिक और शैक्षिक सहयोग भी उतना ही आवश्यक है।योजना के वित्तीय ढांचे और पात्रता मानदंडों को लेकर सरकार के विभिन्न विभागों के बीच चर्चा जारी है। स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर इसकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। संभावना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य कवर केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह न केवल हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।

“एलिमिनेटर से पहले संगकारा का बड़ा बयान: आक्रामक खेल जरूरी, रियान पराग का किया समर्थन”

राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच कुमार संगकारा ने एलिमिनेटर मुकाबले से पहले टीम को स्पष्ट संदेश दिया है कि उन्हें ज्यादा आक्रामक रवैया अपनाना होगा।

मुंबई इंडियंस पर 30 रन की जीत के बाद राजस्थान ने आईपीएल प्लेऑफ में चौथी और आखिरी जगह पक्की की, लेकिन संगकारा ने माना कि आगे का मुकाबला और ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा कि टीम चाहती है कि शुरुआती चार बल्लेबाज ज्यादा रन बनाएं ताकि बीच के दबाव से बचा जा सके, लेकिन पिछला मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा।

🔎 वैभव सूर्यवंशी पर इशारा?

संगकारा के बयान को लेकर यह भी चर्चा है कि उनका संकेत युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की ओर था, जो मुंबई के खिलाफ अहम मैच में सस्ते में आउट हो गए थे। हालांकि पूरे सीजन में उन्होंने टीम के लिए अहम योगदान दिया है।

🗣️ रियान पराग का बचाव

कप्तान रियान पराग को लेकर आलोचनाओं के बीच संगकारा ने उनका बचाव किया और कहा कि उनमें काफी सकारात्मकता और क्षमता मौजूद है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

🎯 SRH के खिलाफ रणनीति

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर को लेकर संगकारा ने कहा कि टीम को अनुशासन और आक्रामकता दोनों के साथ खेलना होगा। उन्होंने साफ कहा कि यह ऐसी टीम है जिसे 120–130 रन पर रोकना आसान नहीं होगा।

🏏 टीम अपडेट

संगकारा ने यह भी बताया कि ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा चोट से उबर रहे हैं और पूरी तरह फिट होने में अभी कुछ दिन और लगेंगे।

“प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य बिगड़ा, पदयात्रा व वार्तालाप स्थगित; भक्तों में चिंता”

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत इन दिनों खराब चल रही है, जिसके चलते उनकी नियमित दिनचर्या में बदलाव किया गया है। स्वास्थ्य कारणों से 17 मई के बाद से उनकी रात्रि पदयात्रा और भक्तों के साथ होने वाला एकांतिक वार्तालाप फिलहाल रोक दिया गया है।

महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर भक्तों में चिंता बढ़ने लगी, क्योंकि उनकी रोज़ाना होने वाली झलक और प्रवचन भक्तों के लिए भावनात्मक जुड़ाव का बड़ा माध्यम हैं।

इसी बीच 25 मई को उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक अपडेट साझा किया गया, जिसमें उनके स्वास्थ्य की जानकारी दी गई। इसके बाद एक वीडियो संदेश भी सामने आया, जिसमें प्रेमानंद महाराज ने अपने अनुयायियों को संबोधित किया।

वीडियो में महाराज जी ने भक्तों को धैर्य रखने और चिंता न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका प्रेम और मार्गदर्शन हमेशा उनके भक्तों के साथ रहेगा, चाहे वे सामने मिलें या न मिलें।

महाराज जी ने भावुक अंदाज़ में यह भी कहा कि वे अपने भक्तों से बेहद प्रेम करते हैं और उनके लिए आध्यात्मिक रूप से हमेशा उपस्थित रहेंगे। उनका संदेश भक्तों के लिए सांत्वना और विश्वास का भाव लेकर आया है।

फिलहाल स्वास्थ्य कारणों के चलते उनकी सभी सार्वजनिक गतिविधियाँ सीमित हैं और भक्त उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।