Saturday, May 2, 2026
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राघव चड्ढा का AAP पर बड़ा हमला: ‘डर कर नहीं, हताश होकर छोड़ी पार्टी’; शीशमहल को बताया चुनावी हार का कारण

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल पर तीखे हमले किए हैं। अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए चड्ढा ने साफ किया कि उनका यह कदम किसी दबाव या डर के कारण नहीं, बल्कि पार्टी की मौजूदा कार्यशैली से पैदा हुई हताशा के चलते है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी अब भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों में चली गई है, जिसके चलते पार्टी के निष्ठावान और मेहनती कार्यकर्ता और नेता लगातार इसे छोड़ रहे हैं।

अपनी बात रखते हुए राघव चड्ढा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास का जिक्र करते हुए एक बार फिर ‘शीशमहल’ का मुद्दा गर्मा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में ‘शीशमहल पार्ट-2’ बनकर तैयार हो चुका है, जिसकी कुछ तस्वीरें भी अब सामने आई हैं। चड्ढा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की चुनावी हार का सबसे बड़ा कारण यही आलीशान सरकारी आवास रहा है, जिस पर पार्टी को गंभीर आत्म-चिंतन करने की आवश्यकता है। उन्होंने पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर दिल्ली की जनता की उम्मीदों को तोड़ने का आरोप लगाया।

सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए चड्ढा ने इसे संवैधानिक अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह हक देता है कि यदि उन्हें लगे कि पार्टी गलत रास्ते पर है, तो वे उसे छोड़ सकते हैं। अंत में, उन्होंने आम आदमी पार्टी के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि यह सामूहिक इस्तीफा जांच एजेंसियों के डर से दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि यह फैसला डर के कारण नहीं, बल्कि पार्टी के प्रति घृणा और मौजूदा व्यवस्था से उपजी गहरी निराशा के कारण लिया गया है।

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दिल्ली में 16 करोड़ का साइबर महाघोटाला: 35 फर्जी कंपनियों का नेटवर्क, 8 दिनों में खपाया करोड़ों का काला धन; 2 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो 35 से अधिक फर्जी (शेल) कंपनियों के माध्यम से संचालित हो रहा था। पुलिस ने इस मामले में ‘मेसिट ट्रेडेक्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Messit Tradex Private Limited) नामक कंपनी के बैंक अकाउंट को ट्रेस किया, जो बवाना स्थित एक बैंक में खुला था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह एक ही अकाउंट देशभर में हुई 336 साइबर ठगी की घटनाओं से जुड़ा था और इसमें महज 8 दिनों के भीतर 16 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन किया गया था, जो एक संगठित अपराध का स्पष्ट संकेत है।

इस मामले में पुलिस ने सोनू कुमार और अमिंदर सिंह नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस फर्जी कंपनी में ‘डमी डायरेक्टर’ के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार लोगों को आसान कमाई का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते और कंपनियां खुलवाता था। खाता खुलने के बाद उसका पूरा एक्सेस, जिसमें मोबाइल नंबर और ईमेल शामिल हैं, गिरोह के मास्टरमाइंड अपने पास रख लेते थे। इन अकाउंट्स का उपयोग ठगी की रकम को घुमाने और उसे ट्रेस करने से बचाने के लिए किया जाता था। जांच में पीतमपुरा, रानी बाग और नेताजी सुभाष प्लेस जैसे इलाके इस नेटवर्क के प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं।

पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश कर रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने आम जनता को चेतावनी दी है कि वे अपने बैंक खाते किसी अनजान व्यक्ति को किराए पर न दें और न ही कमीशन के लालच में आकर किसी कंपनी में डायरेक्टर बनें, क्योंकि यह सीधे तौर पर साइबर अपराध में संलिप्तता माना जाता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने केवाईसी (KYC) डॉक्यूमेंट्स किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें।

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संजय सिंह का BJP पर हमला: गुजरात में AAP का सोशल मीडिया पेज सस्पेंड, राज्यसभा सांसदों की ‘टूट’ को बताया गैर-संवैधानिक

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गुजरात में पार्टी के सोशल मीडिया पेजों के निलंबन और राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के दावों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

गुजरात में सोशल मीडिया पेज सस्पेंड करने का आरोप

संजय सिंह ने दावा किया कि गुजरात में भाजपा ने आम आदमी पार्टी के आधिकारिक फेसबुक और इंस्टाग्राम पेजों को सस्पेंड करवा दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 26 दिनों में 8 करोड़ लोगों ने AAP के सोशल मीडिया पोस्ट देखे, जिससे भाजपा घबरा गई है। उन्होंने इसे जनमत को दबाने की कोशिश करार दिया और कहा कि गुजरात की जनता भाजपा के 30 साल के कुशासन का जवाब आगामी चुनावों में देगी।

7 सांसदों की ‘बगावत’ पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

हाल ही में AAP के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने इसे पूरी तरह ‘गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक’ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलबदल कानून (Anti-Defection Law) के तहत इस प्रकार की किसी भी टूट को कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि वे इस मामले को लेकर राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) को पत्र लिखेंगे और इन सातों सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे।

प्रवेश वर्मा के आरोपों का जवाब

संजय सिंह ने भाजपा नेता प्रवेश वर्मा द्वारा केजरीवाल सरकार पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने वर्मा द्वारा जारी की गई तस्वीरों को “फर्जी और झूठा” बताया और चेतावनी दी कि यदि कोई चैनल इन तस्वीरों को प्रसारित करेगा, तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

उन्होंने एक खुली चुनौती देते हुए कहा, “एलजी साहब, दिल्ली के मंत्रियों और अरविंद केजरीवाल जी का घर जनता के लिए खोल दिया जाए, ताकि लोग खुद जाकर सच्चाई देख सकें कि किसका घर कितना आलीशान है।”

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यूट्यूब का ‘सितारा’ निकला 31 साल पुराना कातिल: अपहरण-हत्या केस में सजायाफ्ता भगोड़ा सलीम वास्तिक गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है जो पिछले 31 वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। सोशल मीडिया पर एक चर्चित यूट्यूबर के रूप में सक्रिय ‘सलीम वास्तिक’ असल में 1995 के एक सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड का दोषी निकला। खुद को मृत घोषित कर नाम और पहचान बदलकर रह रहे इस अपराधी को पुलिस ने फिंगरप्रिंट तकनीक की मदद से गाजियाबाद के लोनी इलाके से दबोच लिया।

क्या था 1995 का वह मामला?

यह खौफनाक वारदात 1995 की है, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक नामी कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे, संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। आरोपी सलीम खान (जो अब सलीम वास्तिक के नाम से जाना जाता था) उस समय बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षक था। अपहरण के अगले ही दिन आरोपियों ने फिरौती की मांग की और बाद में मासूम की हत्या कर दी। जांच के दौरान सलीम खान का नाम सामने आया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। साल 1997 में कोर्ट ने उसे और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मौत का नाटक और बदली पहचान

सजा पाने के बाद सलीम जेल में था, लेकिन साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलते ही वह फरार हो गया। इसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने अपनी ‘मौत’ का नाटक रचा और खुद को मृत घोषित कर दिया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने अपना नाम बदलकर ‘सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक’ रख लिया। इस दौरान वह यूपी और हरियाणा में छिपकर रहा और अंत में गाजियाबाद के लोनी इलाके में बस गया, जहां उसने कपड़ों का कारोबार शुरू किया और यूट्यूब पर वीडियो बनाने लगा।

फिंगरप्रिंट तकनीक ने खोली पोल

पुलिस ने कई सालों तक उसकी तलाश की, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। हालांकि, कानून के लंबे हाथ आखिरकार उस तक पहुँच ही गए। क्राइम ब्रांच की टीम ने पुराने रिकॉर्ड, फोटो और सबसे महत्वपूर्ण—फिंगरप्रिंट्स का मिलान किया। तकनीकी निगरानी और बारीकी से की गई जांच के बाद पुष्टि हुई कि जिसे लोग एक सम्मानित यूट्यूबर समझ रहे थे, वह दरअसल तीन दशक पुराना भगोड़ा अपराधी है। क्राइम ब्रांच की टीम ने लोनी में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला इस बात का प्रमाण है कि कानून से कोई भी बच नहीं सकता। चाहे नाम बदल लिया जाए या पहचान मिटाने की कोशिश की जाए, न्याय की प्रक्रिया अंततः अपना काम करती ही है। फिलहाल पुलिस उससे इस दौरान उसके छिपे रहने और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

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आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का BJP में जाना: सौरभ भारद्वाज का पलटवार— “पार्टी नेताओं से नहीं, निस्वार्थ कार्यकर्ताओं की ताकत से चलती है AAP”

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों और विपक्ष के बीच चर्चाओं के दौर के बीच, आम आदमी पार्टी ने एक कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का अस्तित्व किसी सांसद या बड़े नेता पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह उन निस्वार्थ कार्यकर्ताओं की नींव पर टिकी है जिन्होंने बिना किसी पद की लालसा के अपना करियर, पढ़ाई और परिवार तक पार्टी को समर्पित कर दिया।

सौरभ भारद्वाज ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार ‘सवालों’ से डरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उन विपक्षी दलों को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है जो जनता से जुड़े कठिन और महत्वपूर्ण सवाल सत्ता के सामने रखते हैं। भारद्वाज का तर्क है कि ‘बड़े नेता’ जिनके पास गहरी जेबें हैं, वे शायद ईडी (ED) जैसी जांच एजेंसियों के डर से टूट सकते हैं या झुक सकते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी का समर्पित स्वयंसेवक (Volunteer) न तो डरेगा और न ही झुकेगा। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि भाजपा का यह कदम राजनीतिक दबाव की राजनीति को दर्शाता है।

आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर दोहराया है कि उसका असली आधार उसके कार्यकर्ता हैं, न कि वे सांसद जो व्यक्तिगत लाभ के लिए विचारधारा बदल लेते हैं। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे भाजपा के इस डर और दबाव की राजनीति के आगे न झुकें। सौरभ भारद्वाज ने साफ कर दिया कि पार्टी का मुख्य एजेंडा सवाल पूछना और जनहित के मुद्दों को उठाना है, और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। वे चाहें या न चाहें, जनता के लिए आवाज उठाने का काम आम आदमी पार्टी बिना किसी बड़े नेता की परवाह किए करती रहेगी।

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