राहुल गांधी की 1 नवंबर रैली के खिलाफ संतों और वैश्य समाज की हुंकार, ज्ञानेश कुमार के समर्थन में प्रदर्शन
वोटर लिस्ट विवाद के बीच बिरला मंदिर के पास संत समाज और वैश्य समाज का शक्ति प्रदर्शन ; जय भगवान गोयल ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, नंदकिशोर अग्रवाल बोले- ज्ञानेश कुमार पर निशाना वैश्य समाज के सम्मान पर हमला

- राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली। राहुल गांधी की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली से पहले दिल्ली में सियासी माहौल गर्माने लगा है। शनिवार को बिरला मंदिर (लक्ष्मी नारायण मंदिर) के निकट संत समाज और वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में प्रदर्शन किया। ग्लोबल वैश्य फेडरेशन के चेयरमैन एवं यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल तथा अग्रोहा विकास ट्रस्ट के चेयरमैन नंदकिशोर अग्रवाल की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में वक्ताओं ने विपक्ष पर चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संत, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और वैश्य समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
जय भगवान गोयल ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ग्लोबल वैश्य फेडरेशन के चेयरमैन एवं यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष "विदेशी ताकतों के इशारों" पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अलोकतांत्रिक तरीके से हटाने का प्रयास कर रहा है। गोयल ने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
जय भगवान गोयल ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाना उन लाखों अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और कर्मचारियों के कार्य पर भी सवाल उठाने जैसा है, जिन्होंने घर-घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन और शुद्धिकरण का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने का कार्य किया है और उन्हें आलोचना का निशाना बनाने के बजाय भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
'त्योहारों के समय दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश'
जय भगवान गोयल ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की रैली का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि त्योहारों के बीच इस तरह का बड़ा राजनीतिक आयोजन दिल्ली के व्यापार और आम जनजीवन को प्रभावित करेगा।
उन्होंने दावा किया कि दीपावली के बाद के कारोबारी समय में चांदनी चौक, सदर बाजार, नया बाजार, खारी बावली सहित प्रमुख बाजारों में व्यापार प्रभावित होगा। गोयल ने आरोप लगाया कि विपक्ष त्योहारों के दौरान दिल्ली को "बंधक" बनाकर व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करना चाहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि रैली के लिए चुनी गई तारीख सिख समाज की भावनाओं को भी आहत करने वाली है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
गोयल ने अपने संबोधन में विपक्ष को "सनातन विरोधी" और "राष्ट्र विरोधी" बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

नंदकिशोर अग्रवाल बोले—यह वैश्य समाज के सम्मान का मुद्दा
अग्रोहा विकास ट्रस्ट के चेयरमैन नंदकिशोर अग्रवाल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों को वैश्य समाज केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं बल्कि समाज के सम्मान से जुड़ा विषय मानता है।
उन्होंने कहा कि पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर आरोप लगाए गए और अब वैश्य समाज से आने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि वैश्य समाज इसे संयोग नहीं मानता और ऐसे आरोपों से समाज में आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाने से पहले तथ्यों और संस्थाओं की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया के सम्मान की अपील
प्रदर्शन में मौजूद संतों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का एकमात्र संवैधानिक माध्यम चुनाव है। उन्होंने चुनाव आयोग तथा चुनावी प्रक्रिया में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजने की भी घोषणा की गई। आयोजकों के अनुसार ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के सम्मान की रक्षा तथा 1 नवंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी की रैली की अनुमति पर पुनर्विचार करने की मांग की जाएगी।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव
गौरतलब है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची प्रभावित हो सकती है, जबकि चुनाव आयोग और उसके समर्थक इसे मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की नियमित प्रक्रिया बताते रहे हैं।
इसी राजनीतिक विवाद के बीच शनिवार को संत समाज और वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने ज्ञानेश कुमार के समर्थन में यह प्रदर्शन आयोजित कर विपक्ष के आरोपों का विरोध दर्ज कराया।
दिल्ली दर्पण TV की तथ्यात्मक टिप्पणी

इस समाचार में राहुल गांधी, कांग्रेस, INDIA गठबंधन तथा अन्य पक्षों के संबंध में प्रकाशित आरोप प्रदर्शन के दौरान जय भगवान गोयल और अन्य वक्ताओं द्वारा दिए गए बयानों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सार्वजनिक रूप से अपनी अलग आपत्तियां और सवाल पहले से उठाते रहे हैं।
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