ऑपरेशन 'मिलाप' के तहत 17 वर्षीय लापता किशोरी सुरक्षित बरामद, AHTU की टीम को मिली सफलता
दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने ऑपरेशन 'मिलाप' के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलीपुर थाने में दर्ज मामले की 17 वर्षीय लापता किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि किशोरी को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

-राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। आउटर नॉर्थ जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने ऑपरेशन 'मिलाप' के तहत कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय लापता किशोरी को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। दिल्ली पुलिस ने इस सफलता को लापता बच्चों की सुरक्षित तलाश और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई संयुक्त पुलिस आयुक्त (नॉर्दर्न रेंज) विजय कुमार, IPS के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-I लोकेश्वरन आर., IPS के मार्गदर्शन तथा एएचटीयू प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार की निगरानी में की गई।
पुलिस ने बताया कि 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने के संबंध में 11 अक्टूबर 2026 को अलीपुर थाने में एफआईआर संख्या 582/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत दर्ज होने के बाद एएचटीयू की टीम ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर तलाश अभियान चलाया।
लगातार प्रयासों के बाद 12 अक्टूबर 2026 को ऑपरेशन 'मिलाप' के तहत किशोरी को सकुशल तलाश कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि बरामदगी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और किशोरी को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
इस अभियान को एएचटीयू आउटर नॉर्थ की टीम एएसआई संजय, महिला हेड कांस्टेबल सुमन, महिला हेड कांस्टेबल सीमा और हेड कांस्टेबल नितेश ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि लापता बच्चों और किशोरों की सुरक्षित बरामदगी के लिए ऑपरेशन 'मिलाप' के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि यह सफलता एएचटीयू की सतर्कता, पेशेवर कार्यशैली और समर्पित प्रयासों का परिणाम है, जिससे एक और नाबालिग को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
लेखक



टिप्पणियाँ
0