शिक्षा मंत्री आशीष सूद का पलटवार: AAP के 'बुक स्कैम' आरोपों को बताया बेबुनियाद, दस्तावेज़ों के साथ पेश किए सबूत
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने AAP के बुक स्कैम आरोपों को खारिज करते हुए दस्तावेज़, टेंडर और पुस्तकों के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना पक्ष रखा।

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026।
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा लगाए गए कथित पाठ्यपुस्तक घोटाले के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ कम कीमत पर बेहतर गुणवत्ता की किताबों की खरीद की है। शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकारों के सामने पाठ्यपुस्तकों की प्रतियां, टेंडर वर्क ऑर्डर और मापने के लिए स्केल उपलब्ध कराकर अपने दावों को प्रमाणित करने का प्रयास किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि AAP द्वारा कक्षा 8 की हिंदी पुस्तक 'मल्हार' की खरीद को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उनके अनुसार, दिल्ली सरकार ने यह पुस्तक 28.61 रुपये में खरीदी है, जबकि AAP सरकार के दौरान समान आकार की पुस्तक लगभग 55 रुपये में खरीदी गई थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने पुस्तकों की अधिकतम कीमत 51 रुपये तक सीमित रखी है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय कुछ पुस्तकों की कीमत 110 रुपये और 133 रुपये तक पहुंच गई थी।
आशीष सूद ने बताया कि टेंडर में पुस्तकों का निर्धारित आकार 17.1 × 24.1 सेंटीमीटर रखा गया था, जो पहले की तरह ही है। उन्होंने पत्रकारों से पुस्तकों का स्वयं माप लेकर सत्यापित करने की अपील करते हुए कहा कि आकार में किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 में तत्कालीन शिक्षा सचिव द्वारा लिखे गए आधिकारिक पत्रों में AAP सरकार के दौरान वितरित पुस्तकों की छपाई और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। वर्तमान सरकार ने सभी पुस्तकों की गुणवत्ता प्रयोगशाला परीक्षण के बाद सुनिश्चित की है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच करा रही है और यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशीष सूद ने AAP सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित रूप से हुए कई बड़े घोटालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार क्रमवार तरीके से 5,400 करोड़ रुपये के कथित क्लासरूम घोटाले, 500 करोड़ रुपये से अधिक के CCTV घोटाले, 500 करोड़ रुपये से अधिक के EWS एडमिशन घोटाले, 1,000 करोड़ रुपये के कथित कोविड घोटाले और कैश-फॉर-क्वेरी मामले से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करेगी।
अपने संबोधन के अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जनता और मीडिया उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ों, टेंडर रिकॉर्ड और पुस्तकों की स्वयं जांच कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी रही है और सरकार के पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज़ मौजूद हैं.
(नोट: यह समाचार शिक्षा मंत्री आशीष सूद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों पर आधारित है। संबंधित आरोपों पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।)
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