AATS का शिकंजा : आउटर नॉर्थ पुलिस ने दो घोषित भगोड़ों को दबोचा, तकनीक और खुफिया सूचना से मिली बड़ी सफलता
दिल्ली पुलिस की AATS, आउटर नॉर्थ जिला ने तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस की मदद से दो घोषित भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया। दोनों कई मामलों में वांछित थे।

-राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने घोषित भगोड़े अपराधियों (Proclaimed Offenders) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) की टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर जुटाई गई खुफिया सूचनाओं के आधार पर आखिरकार उन्हें दबोच लिया गया।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Addl. DCP-I) लोकेश्वरन आर, IPS के मार्गदर्शन और एसीपी ऑपरेशन दिनेश कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व में की गई। AATS की PO स्टाफ टीम ने डिजिटल इंटेलिजेंस, तकनीकी सर्विलांस और लगातार फील्ड वेरिफिकेशन का सहारा लेकर दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में पहला नाम 25 वर्षीय वीरू शेख का है, जो प्रह्लाद विहार, दिल्ली का रहने वाला है। उसे वर्ष 2015 के थाना के.एन. कटजू मार्ग में दर्ज चोरी और सेंधमारी के एक मामले (एफआईआर संख्या 799/15) में अदालत द्वारा घोषित भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था।
दूसरा आरोपी 26 वर्षीय राकेश झा है, जो गांव बुढ़पुर, दिल्ली का निवासी है। उसे थाना समयपुर बादली में दर्ज लूट और चोरी से जुड़े मामले में अदालत ने घोषित भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। पुलिस के अनुसार राकेश झा के खिलाफ भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वर्ष 2018 से फरार चल रहा था।
इस पूरे ऑपरेशन को AATS की PO स्टाफ टीम में शामिल एएसआई संदीप और हेड कांस्टेबल अभिषेक खत्री ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक टीम ने तकनीकी जांच को स्थानीय मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस के साथ जोड़कर दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई, जिसके चलते यह कार्रवाई सफल हो सकी।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि घोषित भगोड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी से न केवल लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी, बल्कि कानून का भय भी मजबूत होगा और संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी
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