दिल्ली में आसान होंगे संपत्ति पंजीकरण के नियम, किसी भी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में रजिस्ट्री करा सकेंगे लोग
राजस्व विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव, अनधिकृत कॉलोनियों में जल्द लागू होंगे नए सर्किल रेट।

राजधानी में संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए दिल्ली सरकार नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इस नए कदम के तहत दिल्लीवासी अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री शहर के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में करा सकेंगे, जिससे संबंधित इलाके के ही कार्यालय में जाने की अनिवार्य बाध्यता समाप्त हो जाएगी।
राजस्व विभाग ने इस संबंध में योजना तैयार कर ली है और इसका प्रस्ताव जल्द ही दिल्ली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर सख्ती और लंबी कतारों को खत्म करने के उद्देश्य से इन कार्यालयों की संख्या भी 22 से बढ़ाकर 39 कर दी गई है।
सरकार घर बैठे ही संपत्ति पंजीकरण कराने की डिजिटल व्यवस्था पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित प्रणाली के तहत आवेदन से लेकर अंतिम पंजीकरण तक की प्रक्रिया मोबाइल या कंप्यूटर से पूरी हो सकेगी, जहां सब-रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद दस्तावेज सीधे खरीदार के डिजीलॉकर में भेज दिए जाएंगे।
इसके साथ ही दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में लंबे समय से लंबित सर्किल रेट का रिवीजन कार्य पूरा कर लिया गया है और इसे भी जल्द लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नजफगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नजफगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की लागत वाली 7 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और क्षेत्रीय विधायक नीलम कृष्ण पहलवान भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र की छह अन्य अनधिकृत कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी और सीवेज प्रबंधन से जुड़े 33 करोड़ रुपये से अधिक के 10 कार्य पहले से प्रगति पर हैं।
उधर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 50 वर्ष पुराने दो मंजिला फ्लैटों के पुनर्निर्माण के लिए नीति स्वीकृत करने के बाद अब सोसायटियों के पुनर्विकास की तैयारी तेज कर दी है। रोहिणी फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव ग्रुप ऑफ हाउसिंग सोसायटी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को डीडीए अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने बताया कि करीब 1200 सोसायटियों के पुनर्विकास के लिए डीडीए सिंगल विंडो प्रणाली लागू करेगा और यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में शुरू हो जाएगी।
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