स्वरूप नगर गैंगरेप-हत्याकांड: नाबालिग आरोपियों पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाने की मांग करेगी दिल्ली पुलिस
पुलिस मामले में एक सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है और आरोपियों की उम्र की पुष्टि के लिए ऑसिफिकेशन टेस्ट भी कराएगी।

स्वरूप नगर इलाके में 16 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस तीनों नाबालिग आरोपियों पर बालिगों की तरह मुकदमा चलाने के लिए अदालत से अनुरोध करेगी। मामले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एक सप्ताह के भीतर अदालत में पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। कानून के तहत 16 और 17 वर्ष के किशोरों द्वारा किए गए जघन्य अपराधों में वयस्क की तरह सुनवाई की अनुमति मांगी जा सकती है।
पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार 19 वर्षीय मुख्य आरोपी को पूछताछ के बाद शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं अन्य तीनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, नाबालिगों की उम्र साबित करने वाले कुछ दस्तावेज मिलने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया में किसी भी खामी से बचने के लिए उनका बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
जांच के अनुसार, चारों आरोपियों ने 11 सितंबर की तड़के अपनी परिचित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने जब मामले की जानकारी पुलिस को देने की बात कही, तो आरोपियों ने उस पर चाकू से छह से अधिक वार कर उसकी जान ले ली। वारदात के दो दिन बाद 13 सितंबर को उसका क्षत-विक्षत शव कुशक रोड के पास एक खुले मैदान से बरामद किया गया था।
पुलिस उपायुक्त (बाहरी-उत्तर) शोभित डी. सक्सेना के अनुसार, पीड़िता की सही उम्र निर्धारित करने के लिए उसका भी बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट कराया जाएगा। किशोरी अपने पिता और भाई के साथ स्वरूप नगर में रहती थी, लेकिन उसका परिवार जन्म या स्कूली शिक्षा से जुड़ा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका है। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि किशोरी के गायब होने पर परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई थी।
इस ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए तकनीकी टीम ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। इस दौरान घटनास्थल के पास एक संदिग्ध मालवाहक वाहन (टेंपो) देखा गया, जिसकी पहचान के बाद वाहन मालिक से पूछताछ हुई। मालिक ने बताया कि उसका 17 वर्षीय छोटा भाई वाहन लेकर गया था, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बाकी साथियों के नाम बताए।
पूछताछ में 19 वर्षीय आरोपी ने दावा किया कि जब पीड़िता ने केस दर्ज कराने की बात कही, तो वे घबरा गए और गुस्से में हमला कर दिया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हत्या सुनियोजित थी, क्योंकि वारदात के वक्त वयस्क आरोपी और एक नाबालिग के पास पहले से ही चाकू मौजूद थे।
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