दिल्ली में 12 करोड़ की हेरोइन बरामद: सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था अपराध का काला कारोबार
-दिल्ली में 12 करोड़ की हेरोइन बरामद : चांदनी चौक से कुलदीप स्वामी की गिरफ्तारी और स्विफ्ट डिजायर कार से पाकिस्तान निर्मित 2 किलो हेरोइन का खुलासा। -सोशल मीडिया से चलता था सिंडिकेट: इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए कोड वर्ड और नोटों की फोटो से होने वाली डील तथा गिरोह के काले कारोबार की पूरी कहानी।

- मुकेश राणा , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
दिल्ली । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और गुजरात पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना गैंग के एक बड़े गुर्गे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पाकिस्तान निर्मित 2 किलो हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि देश में ड्रग्स की तस्करी अब कितनी गहरी जड़ें जमा चुकी है और अपराधी किस तरह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसे रची गई साजिश और पकड़ा गया आरोपी : स्पेशल सेल के डीसीपी नारा चैतन्य के अनुसार, कुछ समय पहले गुजरात के वडोदरा में एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी गई थी। इस फिरौती की पहली किस्त की डिलीवरी दिल्ली में तय की गई थी। पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 सितंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक इलाके से कुलदीप स्वामी नामक युवक को धर दबोचा।

इसके बाद पुलिस ने नजफगढ़ में खड़ी उसकी स्विफ्ट डिजायर कार की तलाशी ली, जहां कार की डिक्की में स्टेपनी के पास एक गुप्त खाना बनाया गया था। वहीं से 2 किलो हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी इस खेप को पंजाब के अमृतसर से दिल्ली लेकर आया था।
इंस्टाग्राम और टेलीग्राम: अपराध के नए डिजिटल अड्डे : यह मामला इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि कैसे आज के अपराधी पारंपरिक तरीकों को छोड़कर पूरी तरह डिजिटल हो चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आपस में बातचीत के लिए इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते थे।
ड्रग्स और पैसों की डिलीवरी के दौरान सुरक्षा बरतने के लिए खास कोड वर्ड और भारतीय करेंसी के नोटों की फोटो का इस्तेमाल किया जाता था। सोशल मीडिया की एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड चैट के जरिए अपराधियों का यह नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने की फिराक में रहता था।
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