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भरतपुर नगर निगम चुनाव: राजनीतिक दलों पर भारी पड़े निर्दलीय, 36 वार्डों में दर्ज की जीत

भरतपुर नगर निगम में 65 में से 36 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया और कुल मतदान का लगभग 55 प्रतिशत वोट हासिल किया।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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19 सितंबर 2026 · 6:59 am982 व्यूज़
भरतपुर नगर निगम चुनाव: राजनीतिक दलों पर भारी पड़े निर्दलीय, 36 वार्डों में दर्ज की जीत
भरतपुर नगर निगम चुनाव: राजनीतिक दलों पर भारी पड़े निर्दलीय, 36 वार्डों में दर्ज की जीत — Dainik Bhaskar

भरतपुर नगर निगम के हालिया चुनाव परिणामों में प्रमुख राजनीतिक दलों के मुकाबले निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा देखने को मिला है। निगम के कुल 65 वार्डों में से 36 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने विजय हासिल की है। चुनाव मैदान में कुल 401 प्रत्याशी उतरे थे, जिनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आरएलपी और आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों के 115 उम्मीदवार शामिल थे, जबकि 286 निर्दलीय मैदान में थे।

चुनाव आंकड़ों के मुताबिक, इस चुनाव में पड़े कुल 1,55,724 वोटों में से निर्दलीय प्रत्याशियों ने अकेले 86,471 वोट हासिल किए, जो कुल मतदान का लगभग 55 प्रतिशत है। इसके विपरीत भाजपा को 36,723 और कांग्रेस को 26,048 वोट ही मिल सके, जबकि अन्य दलों के खाते में 3,870 वोट गए। मजबूत दलीय ढांचे के बिना भी निर्दलीयों ने 65 में से आधे से अधिक वार्डों पर कब्जा कर लिया।

निर्दलीय उम्मीदवारों की इस जीत में चुनाव चिन्हों का भी विशेष योगदान रहा। निर्वाचन विभाग ने निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए 40 प्रकार के चुनाव चिन्ह निर्धारित किए थे। मतदाताओं ने इनमें सबसे अधिक भरोसा 'अलमारी' चुनाव चिन्ह पर जताया, जिससे लड़े सर्वाधिक 10 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। इसके बाद 'सिलाई मशीन' चुनाव चिन्ह वाले 9 उम्मीदवार पार्षद चुने गए।

अन्य चुनाव चिन्हों की बात करें तो 'सेब' निशान पर 3, जबकि 'टेलीफोन' और 'बांसुरी' पर 2-2 निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली। इसके अलावा कैंची, कोट, बाल्टी, जंजीर, मिक्सी, गुब्बारा, बक्सा, बिजली खंभा और गैस चूल्हा चुनाव चिन्ह से भी एक-एक निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा।

प्रचार के दौरान कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने चुनाव चिन्ह को मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। उदाहरण के तौर पर वार्ड संख्या 27 से निर्दलीय प्रत्याशी लोकेश ने अपने चुनाव चिन्ह 'सेब' के प्रचार के लिए कंबल का इस्तेमाल किया।

नामांकन के दौरान 286 निर्दलीयों में से सबसे ज्यादा 45 प्रत्याशियों को 'अलमारी' और 39 को 'सिलाई मशीन' चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ था। इसके अतिरिक्त बांसुरी 19, बाल्टी 16, सेब 16, गुब्बारा 15, चप्पलें 13, गैस चूल्हा 11 और कोट 10 प्रत्याशियों को मिला था, जिनमें से कई प्रत्याशी जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

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