द्वारका में बनेगा दिल्ली का पहला राज्य अतिथि गृह 'दिल्ली सदन', 151.97 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति ने द्वारका सेक्टर 19 में राज्य अतिथि गृह के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।

राष्ट्रीय राजधानी में आधिकारिक बैठकों और सम्मेलनों के लिए आने वाले विशिष्ट अतिथियों और सरकारी अधिकारियों के ठहरने के लिए दिल्ली का पहला राज्य अतिथि गृह तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में द्वारका के सेक्टर 19 में प्रस्तावित इस परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 'दिल्ली सदन' नाम के इस स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण पर लगभग 151.97 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तावित यह अतिथि गृह 3,899.42 वर्ग मीटर के भूखंड पर तैयार किया जाएगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वर्ष 2020 में यह जमीन आवंटित की थी, जिसे फरवरी 2021 में पर्यटन विभाग को सौंपा गया था। दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने इसके डिजाइन के लिए एक आर्किटेक्चरल कंसल्टेंसी नियुक्त की है, ताकि इमारत में ऐतिहासिक दिल्ली की स्थापत्य शैली की झलक दिखाई दे सके।
अधिकारियों के अनुसार, टेंडर स्वीकृत होने के बाद इस परियोजना को पूरा करने में 21 महीने का समय लगेगा। निर्माण कार्य को चरणों में पूरा करने के लिए वित्तीय प्रावधान भी तय किए गए हैं। इसके तहत वर्ष 2026-27 के लिए 20 करोड़ रुपये, वर्ष 2027-28 के लिए 121.97 करोड़ रुपये और वर्ष 2028-29 के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
बैठक के विवरण के मुताबिक, समिति ने निर्देश दिया है कि इस सुविधा का उपयोग केवल सरकारी संपत्तियों की तरह सीमित न रहे, बल्कि इसके संचालन और रखरखाव के लिए एक व्यावहारिक राजस्व मॉडल तैयार किया जाए। विभाग से कहा गया है कि डिजाइनिंग के चरण में ही मानव संसाधन, सुरक्षा और वैधानिक मंजूरियों से जुड़ी संचालन रणनीति तय कर ली जाए। इसके साथ ही तय समय-सीमा और स्वीकृत बजट के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
इसके अलावा, ईएफसी ने शहर के सात डीटीसी और क्लस्टर बस डिपो में इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए 300.61 करोड़ रुपये के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत दिशाऊं कलां, कैर, घुम्मनहेड़ा और खरखरी नाहर जैसे डिपो में 66 केवी पावर इन-फीड, तीन 66/11 केवी ग्रिड सब-स्टेशन और सात 11 केवी स्विचिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड द्वारा निष्पादित होने वाला यह कार्य 18 महीने में पूरा किया जाएगा, जिसका लक्ष्य वर्ष 2028 तक राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ाकर लगभग 14,000 करना है।
लेखक



टिप्पणियाँ
0