गुरुग्राम के सोहना में बिजली निगम दफ्तर पर हमला, जेई और कर्मचारियों से मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप
एसडीओ से मिलने पहुंचे व्यक्ति और उसके साथियों पर कर्मचारियों से हाथापाई, फाइलें फाड़ने और कंप्यूटर तोड़ने का आरोप लगा है।
गुरुग्राम जिले के सोहना स्थित बिजली निगम के 33 केवी कार्यालय में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि अपने साथियों के साथ पहुंचे एक व्यक्ति ने कार्यालय में तैनात कनिष्ठ अभियंता (जेई) और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस घटना के दौरान दफ्तर में रखी सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांगुली गांव निवासी वीरेंद्र अपने बेटे और कुछ अन्य लोगों के साथ बिजली निगम के एसडीओ से मिलने कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर उनकी कर्मचारियों के साथ कहासुनी हो गई। बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने कर्मचारियों पर हमला बोल दिया।
बिजली निगम के कर्मचारियों का आरोप है कि आरोपियों ने जेई और दफ्तर में मौजूद अन्य कर्मियों के साथ हाथापाई की। हंगामे के बीच दफ्तर में रखे कंप्यूटर और उससे जुड़े प्रिंटर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके साथ ही कुर्सियां तोड़ने और सरकारी कामकाज से जुड़ी कई फाइलें फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
कार्यालय में हुए इस अप्रत्याशित हंगामे और तोड़फोड़ के बाद कर्मचारियों में गहरा रोष फैल गया। कर्मियों का कहना है कि दफ्तर में घुसकर इस तरह से मारपीट और उपकरणों को नष्ट किए जाने से सरकारी कामकाज पूरी तरह बाधित हुआ है। उन्होंने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित कर्मचारियों ने स्थानीय सिटी थाने पहुंचकर मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। जेई की ओर से दी गई शिकायत में मुख्य आरोपी की पहचान गांगुली गांव के वीरेंद्र के रूप में की गई है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यालय में हुई तोड़फोड़ और मारपीट से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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