इटली में हिंसक प्रदर्शनकारियों पर सख्ती: 5 साल की जेल और भारी जुर्माना, नाबालिगों के नुकसान की भरपाई करेंगे माता-पिता
मिलान में हुई तोड़फोड़ और आगजनी के बाद मेलोनी सरकार ने नए सुरक्षा नियमों को दी मंजूरी, 500 अतिरिक्त सैनिकों की होगी तैनाती।
इटली सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों, तोड़फोड़ और लूटपाट पर अंकुश लगाने के लिए कड़े सुरक्षा नियमों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले के तहत अब प्रदर्शनों के दौरान हिंसा करने वालों को 5 साल तक की जेल और लगभग 21 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यह कदम हाल ही में मिलान शहर में हुई व्यापक हिंसा और दुकानों में लूटपाट की घटनाओं के बाद उठाया गया है।
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई नाबालिग सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसकी वित्तीय भरपाई उसके माता-पिता को करनी होगी। इसके अलावा 14 वर्ष से अधिक उम्र के किशोरों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। अब सामान्य तौर पर यह माना जाएगा कि 14 वर्ष से ऊपर के बच्चे अपने कृत्यों के नतीजों को समझने में सक्षम हैं, और इसके विपरीत साबित करने का जिम्मा अब बचाव पक्ष पर होगा।
सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में शामिल होने को एक अलग अपराध की श्रेणी में शामिल किया है। यदि कोई आरोपी चेहरा ढंककर हिंसा करता है या किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाता है, तो उसकी सजा और अधिक बढ़ा दी जाएगी। इस सरकारी आदेश को स्थायी कानून में तब्दील करने के लिए संसद की मंजूरी आवश्यक होगी, जिसे 60 दिनों के भीतर कानून का रूप देना होगा।
मिलान में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने साल के अंत तक 500 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने युवाओं के बड़े पैमाने पर उपद्रव में शामिल होने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए हिरासत केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और किशोर न्याय व्यवस्था में न्यायाधीशों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, मिलान के मुख्य खरीदारी क्षेत्र में 17 और 18 अक्टूबर को भारी उपद्रव हुआ था, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्तियों में आग लगा दी। इस दो दिवसीय हिंसा में 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा था।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि इस मामले में अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 30 से ज्यादा नाबालिग हैं। इटली में लोग कम वेतन, बढ़ती महंगाई और महंगे आवास जैसी समस्याओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं, और इसी सिलसिले में प्रदर्शनकारियों ने आगामी 30 अक्टूबर को देशव्यापी हड़ताल का भी आह्वान किया है।
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