जामिया में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस और सपा सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ बहाली को लेकर चल रहे धरने में शामिल होने पहुंचे इमरान मसूद और मोहिबुल्लाह नदवी को पुलिस ने बाहर ही रोका।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को हिरासत में ले लिया। दोनों सांसद विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के धरने में शामिल होने जा रहे थे। यह घटना रात करीब 8:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार के बाहर घटी।
छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर विश्वविद्यालय के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात था, जहां सांसदों और कुछ छात्रों के साथ पुलिस की नोकझोंक भी हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, दोनों सांसद बिना अनुमति के परिसर में प्रवेश करने और प्रदर्शन में शामिल होने का प्रयास कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया है, जबकि किसी भी छात्र को हिरासत में नहीं लिया गया है।
दूसरी तरफ, प्रदर्शन में शामिल आइसा कार्यकर्ता सौरभ त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि विद्यार्थी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे थे और वहां महिला मार्च भी चल रहा था। उन्होंने कहा कि छात्रों को सांसदों के समर्थन में आने की जानकारी थी, लेकिन पुलिस ने छात्रों और नेताओं के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की और सांसदों को हिरासत में ले लिया।
उल्लेखनीय है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराने और छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर विद्यार्थी 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों के इस लगातार जारी आंदोलन के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
इस बीच, प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन धरना स्थल के पास भीड़ सीमित करने के लिए दो गेटों को दीवार बनाकर बंद कर रहा है। छात्रों का कहना है कि इब्न सीना लाइब्रेरी के पास गेट नंबर 7 और गेट नंबर 10 के निकट यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है ताकि छात्र संघ की मांग को दबाया जा सके।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के इन आरोपों का पूरी तरह खंडन किया है। जामिया की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी साइमा सईद ने स्पष्ट किया कि कुछ द्वारों पर मरम्मत की जरूरत थी और दीवार का निर्माण केवल जीर्णोद्धार कार्य का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इसका छात्रों के प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है और यह कदम केवल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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