अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: डेमोक्रेट्स के प्रचार में उतरीं कमला हैरिस, 2028 में राष्ट्रपति उम्मीदवारी पर सस्पेंस बरकरार
पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कड़े मध्यावधि मुकाबलों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए प्रचार शुरू कर दिया है, हालांकि 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उन्होंने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस एक बार फिर चुनावी मैदान में सक्रिय हो गई हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद इस साल सार्वजनिक कार्यक्रमों से काफी हद तक दूर रहीं हैरिस आगामी 3 नवंबर को होने वाले कड़े मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में रैलियां कर रही हैं। इसके साथ ही 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी संभावित दावेदारी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हैरिस ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत मंगलवार को लास वेगास से की। वहां उन्होंने कुलिनरी वर्कर्स यूनियन के सदस्यों को संबोधित किया और नेवादा के गवर्नर पद के उम्मीदवार एरोन फोर्ड के लिए समर्थन मांगा। मंच से बोलते हुए हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर तीखा हमला बोला और इसे बेहद भ्रष्ट, संवेदनहीन और अक्षम करार दिया।
अपने इस चुनावी दौरे के तहत हैरिस जॉर्जिया, मिसिसिपी, नेवादा, न्यू हैंपशायर और विस्कॉन्सिन जैसे अहम राज्यों का रुख कर रही हैं। लास वेगास के बाद उन्होंने मिसिसिपी के कोलंबस में सीनेट उम्मीदवार स्कॉट कोलोम के पक्ष में जनसभा की। कोलोम का मुकाबला रिपब्लिकन प्रत्याशी सिंडी हाइड-स्मिथ से है और वह 1982 के बाद मिसिसिपी से चुने जाने वाले पहले डेमोक्रेटिक सीनेटर बनने की कोशिश में हैं।
रॉयटर्स और इप्सोस के जून में आए एक जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिकी मतदाताओं के बीच हैरिस की लोकप्रियता 39 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस आंकड़े में दलीय विभाजन साफ नजर आता है, जहां 82 प्रतिशत डेमोक्रेट्स उनके प्रति सकारात्मक राय रखते हैं, वहीं रिपब्लिकन मतदाताओं में यह समर्थन केवल 7 प्रतिशत और निर्दलीय मतदाताओं में 33 प्रतिशत ही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि हैरिस 2028 में फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतरती हैं, तो उनके सामने पिछली पराजयों की चुनौतियां भी होंगी। उन्हें 2024 के चुनाव में ट्रंप से मिली हार के अलावा जो बाइडन के चुनावी दौड़ से अचानक हटने के पूरे घटनाक्रम से जुड़े सवालों का भी सामना करना पड़ सकता है। अपनी किताब '107 डेज' में हैरिस ने बाइडन के दोबारा चुनाव लड़ने के फैसले को गैर-जिम्मेदाराना बताया था, साथ ही गाजा युद्ध पर भी अपनी असहमति जताई थी।
हाल ही में अभिनेत्री केके पामर के पॉडकास्ट में जब हैरिस से 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। हैरिस ने जोर देकर कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान मध्यावधि चुनावों पर केंद्रित है और जब तक 2026 के चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन नहीं करती, तब तक आगे की बात बेमानी है।
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