सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
" अशोक विहार रामलीला के मंच पर सांसद से सीधा सवाल: बंगाल में दुर्गा पूजा पर छुट्टियाँ, तो दिल्ली में रामलीला पर क्यों नहीं ?"दिल्ली में पानी की लीकेज पर AI से रखी जाएगी नजर, जल मंत्री ने किया हाई-टेक कमांड सेंटर का उद्घाटनपीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल: दिल्ली कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्तावमुखर्जी नगर पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, छात्रों की समस्याओं पर पीजी पॉलिसी और मुफ्त लाइब्रेरी की तैयारीअलवर कोर्ट ने चाकू से युवक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजादिल्ली में हटाए गए मतदाताओं को 'नए' के रूप में जोड़ने का मामला, सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल की फांसी पर अमल कब? जानिए जिला अदालत के फैसले के बाद की कानूनी प्रक्रिया

मेरठ की अदालत से सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी सुनाए जाने के बाद अब हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति स्तर की मंजूरी के चरण बाकी हैं।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
15 अक्तूबर 2026 · 5:00 am86 व्यूज़
मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल की फांसी पर अमल कब? जानिए जिला अदालत के फैसले के बाद की कानूनी प्रक्रिया
मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल की फांसी पर अमल कब? जानिए जिला अदालत के फैसले के बाद की कानूनी प्रक्रिया — Dainik Bhaskar

मेरठ के बहुचर्चित 'नीला ड्रम हत्याकांड' में जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। जिला अदालत द्वारा बुधवार को फैसला सुनाए जाने के बाद अब यह सवाल अहम हो गया है कि दोनों को फांसी कब और किस प्रक्रिया के तहत दी जाएगी। देश के कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, निचली अदालत से मृत्युदंड मिलने के बाद भी अमल से पहले कई वैधानिक चरणों से गुजरना पड़ता है।

अभियोजन पक्ष के वकील डीजीसी केके चौबे के अनुसार, जिला अदालत के फैसले के बाद अभी दोषियों के पास उच्च अदालतों में अपील के विकल्प खुले हैं। जिला जज के आदेश की प्रति जेल भेजी जाएगी और लगभग एक महीने के भीतर पूरी केस फाइल को हाईकोर्ट भेजा जाएगा। हाईकोर्ट में मृत्युदंड की पुष्टि (कन्फर्मेशन) के लिए सुनवाई होगी, जहां बचाव पक्ष के वकील को भी अपनी दलीलें पेश करने का अवसर मिलेगा। यदि हाईकोर्ट सजा की पुष्टि नहीं करता है, तो दोषियों को फांसी से राहत मिल सकती है।

हाईकोर्ट द्वारा फांसी की सजा बरकरार रखे जाने की स्थिति में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा। शीर्ष अदालत के समक्ष भी मृत्युदंड की कानूनी समीक्षा की जाएगी। यदि सुप्रीम कोर्ट से भी दोनों को राहत नहीं मिलती है या अदालत सजा की पुष्टि कर देती है, तो इसके बाद दोनों के पास देश के राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका (मर्सी पिटीशन) दाखिल करने का संवैधानिक अधिकार शेष रहेगा।

राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने और मृत्युदंड को मंजूरी मिलने के बाद ही फांसी पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके बाद केस फाइल फिर से मेरठ के जिला जज की अदालत में लौटेगी, जहां से दोनों दोषियों को फांसी देने की तारीख तय की जाएगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, निचली अदालत से लेकर राष्ट्रपति तक की इस संपूर्ण प्रक्रिया में एक से तीन वर्ष या उससे भी अधिक समय लग सकता है।

इस दौरान दोनों दोषी जेल में ही रहेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें सेंट्रल जेल में भी स्थानांतरित किया जा सकता है। वहीं, जेल में जन्मी मुस्कान की बच्ची छह साल की उम्र तक उसके साथ रह सकती है, हालांकि यदि इस दौरान सौरभ या मुस्कान के परिजन कानूनी अधिकार के तहत कस्टडी मांगते हैं तो बच्ची को अपने साथ ले जा सकते हैं।

मेरठ के न्यायिक इतिहास में यह पहला मामला है जब किसी महिला को फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं, मेरठ जिला कचहरी द्वारा मृत्युदंड दिए जाने का यह कुल दूसरा मामला है। इससे पूर्व वर्ष 2003 में जिला अदालत ने किसी मामले में फांसी की सजा सुनाई थी।

इनसे संबंधितdelhi-ncrmeerutMeerut CrimeDeath PenaltyLegal ProcessMuskan Sahil
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

अलवर कोर्ट ने चाकू से युवक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा201

अलवर कोर्ट ने चाकू से युवक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजा

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने मार्च 2023 के हत्याकांड में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए जुर्माना भी लगाया, तीन अन्य अब भी फरार हैं।

दिल्ली पुलिस के एसीपी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज174

दिल्ली पुलिस के एसीपी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार पर एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज

एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर पुलिस ने महिला पत्रकार और उनके सहयोगियों के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी और सरकारी काम में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज की है।

अलवर: कार जब्त होने और रिश्वत मांगने से आहत युवक ने फाइनेंस कंपनी में खाया जहर81

अलवर: कार जब्त होने और रिश्वत मांगने से आहत युवक ने फाइनेंस कंपनी में खाया जहर

दिल्ली में टैक्सी चलाने वाले युवक का आरोप है कि महज एक किश्त बकाया होने पर उसकी गाड़ी छीन ली गई और उसे छोड़ने के बदले दो लाख रुपये मांगे गए।