पानीपत में बिजली केबल का काम रुकने पर फूटा आक्रोश, पार्षद के घर के बाहर धरने पर बैठे लोग
खुली बिजली की तारों से हादसे के खतरे के बीच काम रुकने पर पानीपत की न्यू मुखीजा कॉलोनी के लोगों ने पार्षद आवास के बाहर डेरा डाला।

पानीपत के वार्ड नंबर 19 स्थित न्यू मुखीजा कॉलोनी में बिजली की खुली तारों को हटाकर केबल डालने का काम अधर में लटकने से लोगों में भारी रोष है। बिजली निगम कार्यालय से कोई ठोस समाधान न निकलने के बाद नाराज कॉलोनीवासियों ने सोमवार शाम मौजूदा पार्षद के घर के बाहर धरना शुरू कर दिया। इस धरने में पूर्व पार्षद बलराम मकोल भी स्थानीय नागरिकों के साथ शामिल हुए।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, गली नंबर 15 में 11 केवी की खुली बिजली लाइनें गुजर रही हैं और कई जगह से तार टूटे होने के कारण आए दिन हादसे का डर बना रहता है। इस खतरे को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने बिजली निगम से खुली तारों को हटाकर सुरक्षित केबल बिछाने की मांग उठाई थी। इसके बाद निगम ने सर्वे कर केबल और खंभे मंगवाकर काम शुरू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई थी।
पूर्व पार्षद बलराम मकोल का कहना है कि गली में लाइन बदलने का काम शुरू होते ही एक व्यक्ति ने अपने घर के सामने खंभा लगाने पर आपत्ति जता दी। इस एकल विरोध के चलते निगम की ओर से पूरी गली का काम बीच में ही रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक खंभे के विवाद के कारण लगभग 50 परिवारों की सुरक्षा दांव पर लग गई है और मामले पर राजनीति की जा रही है।
काम ठप होने से परेशान कॉलोनीवासी इससे पहले बिजली निगम के एसई कार्यालय के सामने चार दिन तक टेंट लगाकर धरने पर बैठे रहे थे। शनिवार और रविवार के अवकाश के दौरान भी लोगों का प्रदर्शन लगातार जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चार दिनों तक अधिकारियों से केवल आश्वासन ही मिले, लेकिन धरातल पर काम दोबारा शुरू नहीं हो सका, जिसके चलते उन्हें पार्षद के घर के बाहर बैठने का कदम उठाना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर, मौजूदा पार्षद प्रतिनिधि योगेश ने कहा कि वे जनता के साथ हैं और काम लोगों की सहमति के अनुसार ही कराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद अपने साथियों के साथ धरने पर बैठे थे और उन्होंने मौके पर एक व्यक्ति के साथ अभद्रता की थी, जिसकी वजह से काम में रुकावट पैदा हुई। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है और लोग काम शुरू होने तक धरने पर अड़े हैं।
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