Saturday, May 2, 2026
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स्वच्छ यमुना का संकल्प: LG तरनजीत सिंह संधू और CM रेखा गुप्ता ने किया वासुदेव घाट का दौरा; मानसून से पहले ‘मिशन मोड’ में काम पूरा करने के निर्देश

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को मानसून के दौरान जलभराव और यमुना के बढ़ते जलस्तर की चुनौतियों से बचाने के लिए शासन-प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बुधवार को दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का विस्तृत दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यमुना के पुनर्जीवन कार्यों और घाटों की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेना था।

गाद निकालने का काम ‘मिशन मोड’ में

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की तलहटी से गाद (Dredging) निकालने की धीमी प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि मानसून की पहली बारिश से पहले गाद निकालने का काम ‘मिशन मोड’ में तेज किया जाए। सीएम ने कहा कि यमुना हमारी आस्था और विरासत की प्रतीक है, इसलिए इसकी स्वच्छता और जल प्रवाह को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गुणवत्ता और समय सीमा पर एलजी का जोर

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने घाटों के बुनियादी ढांचे और चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्जीवन के सभी कार्य न केवल तय समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एलजी ने यमुना बाजार घाट पर सुरक्षा और लाइट व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।

स्वच्छ यमुना: ज़मीनी हकीकत पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा, “स्वच्छ यमुना का जो संकल्प हमने लिया है, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतारा जा रहा है।” यमुना के तटों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना दिल्ली सरकार और एलजी प्रशासन का साझा लक्ष्य है। आगामी मानसून को देखते हुए जल बोर्ड और संबंधित विभागों के अधिकारियों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट (Weekly Progress Report) सौंपने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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‘गौ मांस’ पर घमासान: AAP ने वीडियो शेयर कर हिमंता सरमा को घेरा; BJP के ‘पोस्टर बॉय’ पर लगाया दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप

नई दिल्ली: असम में विधानसभा चुनाव (अप्रैल 2026) के शोर के बीच ‘गौ मांस’ (Beef) को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का एक पुराना वीडियो साझा कर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। AAP ने आरोप लगाया है कि BJP के लिए ‘गौ माता’ केवल एक चुनावी मुद्दा और दंगा भड़काने का जरिया है, जबकि उनके अपने नेता निजी तौर पर अलग राय रखते हैं।

AAP का बड़ा हमला: “BJP के लिए गौ माता महज़ चुनावी जुमला”

आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से मुख्यमंत्री सरमा का एक बयान साझा किया है, जिसमें वे कथित तौर पर कह रहे हैं— “गौ मांस खाओ, लेकिन घर के अंदर खाओ, हम मना नहीं कर रहे हैं।” इस वीडियो को आधार बनाकर AAP ने सवाल उठाया कि एक तरफ उत्तर भारत में ‘गौरक्षा’ के नाम पर हिंसा और हत्याएं की जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ BJP के सबसे बड़े नेताओं में से एक इसे घर के अंदर खाने की छूट दे रहे हैं। AAP ने इसे BJP का ‘पाखंड’ करार दिया है।

हिमंता सरमा का चुनावी दांव: विपक्षी उम्मीदवार पर साधा निशाना

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा खुद असम में एक विपक्षी उम्मीदवार कुंकी चौधरी (कांग्रेस समर्थित AJP उम्मीदवार) को ‘बीफ’ के मुद्दे पर घेर रहे हैं। सरमा ने हाल ही में चुनावी रैलियों में आरोप लगाया कि कुंकी चौधरी के माता-पिता ने सोशल मीडिया पर गौ मांस खाते हुए फोटो डाली थी। सरमा ने धमकी दी है कि चुनाव खत्म होने के बाद वे असम मवेशी संरक्षण अधिनियम (Assam Cattle Preservation Act) के तहत उन पर FIR दर्ज कराएंगे और उन्हें जेल भेजेंगे।

क्या कहता है असम का कानून?

इस पूरे विवाद के बीच असम के कानून को समझना जरूरी है:

  • असम मवेशी संरक्षण अधिनियम, 2021: यह कानून मंदिरों और वैष्णव सत्रों के 5 किलोमीटर के दायरे में और हिंदू/जैन बाहुल्य क्षेत्रों में गौ मांस की बिक्री और उपभोग पर प्रतिबंध लगाता है।
  • विपक्ष का पलटवार: विपक्षी दल कुंकी चौधरी ने इन आरोपों को ‘फेक’ और ‘डीपफेक’ बताया है। उनका कहना है कि BJP हार के डर से धार्मिक भावनाओं को भड़का रही है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

AAP द्वारा साझा किए गए वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह BJP के ‘दोहरे चरित्र’ को उजागर करता है, जहाँ पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, नागालैंड) में उनके सुर अलग होते हैं और उत्तर भारत के राज्यों में अलग। फिलहाल, असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस ‘बीफ वॉर’ ने माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

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राघव चड्ढा विवाद: भाजपा नेता तरविंदर मारवाह का AAP पर तीखा हमला; बोले— “सांसद की आवाज़ दबाना पार्टी के अधिकार में नहीं, पंजाब में बिखरेगी केजरीवाल की पार्टी”

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर मचे घमासान पर अब भाजपा ने भी मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेता और पूर्व विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने ‘आप’ नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के पास यह अधिकार नहीं है कि वह अपने सांसद को सदन में बोलने से रोक दे। उन्होंने दावा किया कि यह विवाद आम आदमी पार्टी के पतन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में पंजाब में भी भगवंत मान सरकार का ‘लिफाफा’ फटने वाला है।

“सदन में बोलने का अधिकार केवल सभापति तय करेंगे”

तरविंदर सिंह मारवाह ने आईएएनएस (IANS) से बातचीत में कहा कि राघव चड्ढा एक चुने हुए सदस्य हैं। संसद की प्रक्रिया स्पष्ट है—सदन में कौन बोलेगा और कितना बोलेगा, यह तय करने का संवैधानिक अधिकार केवल राज्यसभा सभापति या उपसभापति के पास होता है, न कि किसी पार्टी के पास। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी को इतनी ही आपत्ति है, तो वह उन्हें सस्पेंड करे या पद से हटाए, लेकिन इस तरह बोलने से रोकना संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है।

पंजाब में ‘बगावत’ और भ्रष्टाचार के आरोप

मारवाह ने पंजाब की राजनीति को लेकर भी बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने दावा किया कि आने वाले महीनों में पंजाब में आम आदमी पार्टी के कई विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भ्रष्टाचार चरम पर है। मारवाह के अनुसार:

  • मोहल्ला क्लिनिक घोटाला: दिल्ली की तरह पंजाब में भी मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर लूट हो रही है। कार्यकर्ताओं के घरों में क्लिनिक खोलकर उन्हें 50-50 हजार रुपये किराया दिया जा रहा है।
  • मंत्रियों पर आरोप: हाल ही में एक मंत्री द्वारा धमकी दिए जाने के कारण एक युवक के सुसाइड का मामला गरमाया हुआ है।

“नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खिलेगा कमल”

भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के बेदाग कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि आज तक केंद्र के एक भी मंत्री या मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता अब कांग्रेस और ‘आप’ दोनों के भ्रष्टाचार से थक चुकी है। आने वाले चुनाव में नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा पंजाब में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

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खड़गे के ‘जहरीले’ प्रहार पर प्रवीन खंडेलवाल का कड़ा पलटवार: “विनाशकाले विपरीत बुद्धि” का शिकार हुई कांग्रेस

दिल्ली दर्पण ब्यूरो

भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भाजपा और आरएसएस को “जहरीला सांप” बताने वाले बयान पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस टिप्पणी को लोकतंत्र की मर्यादाओं के खिलाफ और अत्यंत निंदाजनक बताते हुए कहा कि यह न केवल राजनीतिक स्तर के पतन को दर्शाता है, बल्कि समाज में वैमनस्य और गलत संदेश फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है। खंडेलवाल ने दो टूक कहा कि खड़गे जी का यह बयान कांग्रेस की संकीर्ण सोच और जनता के बीच लगातार कम होते समर्थन से उपजी गहरी हताशा को उजागर करता है।

खंडेलवाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी ही गलत नीतियों और कुकर्मों के कारण आज देश की राजनीति में समाप्ति की कगार पर पहुंच चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, मजबूत अर्थव्यवस्था और डिजिटल विकास का जिक्र करते हुए कहा कि जहाँ भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं कांग्रेस ऐसे उत्तेजक बयानों से देश की प्रगति की भावना के विपरीत काम कर रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस अब पूरी तरह अपनी दिशा खो चुकी है और जनता का विश्वास खोने के बाद अब केवल नकारात्मकता का सहारा ले रही है।

सांसद ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ बहस का स्थान होना चाहिए, न कि हिंसात्मक भाषा का। इस प्रकार की बयानबाजी युवाओं के सामने गलत उदाहरण पेश करती है और समाज में नकारात्मकता घोलती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वे इस बयान पर आत्ममंथन करें और अपनी जिम्मेदारी समझते हुए देश से माफी मांगें। खंडेलवाल ने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसी ओछी राजनीति से कांग्रेस का जनाधार और भी कमजोर होगा, जबकि भारतीय जनता पार्टी जनता के आशीर्वाद के साथ विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।

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विधानसभा को ‘गुरुद्वारा’ समझकर अंदर घुसा था सरबजीत? तीस हजारी कोर्ट ने आरोपी को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा; फोन की तलाश जारी

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा दीवार लांघने वाले आरोपी सरबजीत सिंह को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब सरबजीत को पंजाब और उत्तर प्रदेश ले जाएगी ताकि उस पूरी साजिश और रूट का पता लगाया जा सके, जिससे वह हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में दाखिल हुआ था।

वकील का अजीब दावा: “विधानसभा को समझ बैठा गुरुद्वारा”

सुनवाई के दौरान सरबजीत के वकील ने कोर्ट में उसके मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का दावा किया। वकील ने दलील दी कि सरबजीत पिछले कुछ दिनों से बिना बताए चंडीगढ़ चला गया था और वहां गुरुद्वारे में रह रहा था। वकील के मुताबिक, जब उसे पता चला कि उसका भतीजा (भांजा) गायब है, तो वह दिल्ली आया और गलती से दिल्ली विधानसभा को ‘गुरुद्वारा’ समझकर उसके भीतर अपनी गाड़ी लेकर घुस गया। बचाव पक्ष ने शाहजहाँपुर के एक डॉक्टर का मेडिकल पर्चा भी पेश किया।

कोर्ट का तीखा सवाल: “मानसिक बीमार होकर पीलीभीत से दिल्ली तक कार कैसे चलाई?”

आरोपी के वकील की दलीलों पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने सवाल पूछा कि अगर सरबजीत पूरी तरह मानसिक रूप से अस्वस्थ है, तो उसने पीलीभीत से चंडीगढ़ और फिर दिल्ली तक सुरक्षित तरीके से कार कैसे चलाई? कोर्ट ने इस तर्क को संदिग्ध मानते हुए पुलिस को गहराई से जांच करने की अनुमति दी। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सरबजीत ने अपना मोबाइल फोन कहीं फेंक दिया है, जिसकी बरामदगी देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

साजिश या सनक? 8 दिन में खुलेगा राज

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी थी, जिसमें से 8 दिन की कस्टडी मिली है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से बरामद वाहन (टाटा सियारा) के मूल दस्तावेजों और उसके संभावित कनेक्शनों की जांच के लिए उसे उत्तर प्रदेश और पंजाब ले जाना जरूरी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका है, या यह वाकई केवल एक ‘मानसिक विक्षिप्त’ व्यक्ति की करतूत है।

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