Saturday, May 2, 2026
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डियर पार्क के हिरणों पर मौत का साया: टाइगर रिजर्व भेजने के फैसले पर मचा बवाल, सर्वे में 261 में से सिर्फ 17 जीवित मिलने से खुली वन विभाग की पोल

नई दिल्ली: दिल्ली के हौज खास स्थित एएन झा डियर पार्क से हिरणों को राजस्थान के टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित (Translocate) करने का मुद्दा अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। 19 अप्रैल की सुबह डियर पार्क के गेट पर जुटे सैकड़ों प्रकृति प्रेमियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और छात्रों ने वन विभाग और डीडीए (DDA) की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान सवाल उठा कि क्या ये मासूम चीतल हिरण बाघों के बीच जिंदा बच पाएंगे, या उन्हें सीधे ‘मौत के मुंह’ में धकेला जा रहा है?

सर्वे में डरावना खुलासा: कहाँ गए बाकी हिरण?

कोर्ट के निर्देश पर हुए एक सर्वे ने वन विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में कुल 261 हिरणों को जंगल में भेजा गया था, लेकिन इनमें से मात्र 17 हिरण ही जीवित मिले हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई हिरणों की हड्डियां मिलीं और कुछ के पैरों में आज भी रस्सियां बंधी हुई हैं, जो सीधे तौर पर ट्रांसलोकेशन के दौरान बरती गई भीषण लापरवाही को दर्शाती है। इतना ही नहीं, एक पिंजरे में सड़ता हुआ मोर मिलना विभाग की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

“टाइगर रिजर्व भेजना यानी मौत को न्योता”

विशेषज्ञों का कहना है कि चीतल हिरण स्वभाव से बेहद शर्मीले और डरपोक होते हैं। उन्हें रणथंभौर या मुकुंदरा जैसे इलाकों में छोड़ना, जहाँ बाघ और चीते जैसे शिकारी पहले से मौजूद हैं, उनके लिए आत्मघाती है। प्रदर्शनकारियों ने याद दिलाया कि राजस्थान के जिन जंगलों में कभी हिरणों के झुंड हुआ करते थे, वहां अब शिकारियों की संख्या बढ़ने के कारण अन्य जानवरों का अस्तित्व संकट में है।

डीडीए की व्यावसायिक भूख और हिरणों का घर

डियर पार्क के पर्यावरण को बचाने के लिए लड़ रहे संगठनों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 335 एकड़ की अरावली वन भूमि में से डीडीए ने मात्र 10 एकड़ ही हिरणों के लिए छोड़ा है। बाकी जमीन का इस्तेमाल रिसॉर्ट, बारात घर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। प्राकृतिक आवास सिमटने से हिरण पहले से ही पानी और भोजन की कमी से जूझ रहे थे, और अब उन्हें ‘ट्रांसलोकेशन’ के नाम पर ठिकाने लगाया जा रहा है।

आईयूसीएन (IUCN) गाइडलाइंस की अनदेखी

विरोध कर रहे संगठनों का स्पष्ट आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस का खुलेआम उल्लंघन हुआ है। गर्भवती, बीमार और सींग वाले हिरणों को भी जबरन ट्रकों में लादकर 14 घंटे की लंबी यात्रा पर भेज दिया गया। बिना किसी टैगिंग, बिना ट्रेनिंग और बिना अनुकूलन (Acclimatization) के किए गए इस स्थानांतरण का हश्र वही हुआ, जिसका डर था।

प्रकृति प्रेमियों की दो टूक: “पहले सुधार, फिर फैसला”

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगे रखी हैं:

  1. जब तक पारदर्शी ऑडिट नहीं होता, तब तक हिरणों के ट्रांसलोकेशन पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  2. हिरणों की संख्या, देखभाल और भोजन को लेकर सरकार पूरी पारदर्शिता बरते।
  3. व्यावसायिक उपयोग में ली गई हिरणों की जमीन को वापस उनके आवास के लिए बहाल किया जाए।

दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू और टेरी के छात्र-शिक्षकों के साथ मिलकर अब यह अभियान तेज हो गया है। मांग साफ है—समस्या हिरणों को हटाने में नहीं, बल्कि डियर पार्क के बेहतर प्रबंधन में है।

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आबकारी केस: केजरीवाल की याचिका खारिज होने पर CM रेखा गुप्ता का तंज, कहा- ‘अदालत को कटघरे में खड़ा करना AAP की पुरानी आदत’

दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को बड़ा कानूनी झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को अलग होने (recusal) की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायिक अखंडता को किसी वादी की आधारहीन आशंकाओं या सनक के आधार पर कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता है। अदालत ने इस याचिका को संस्थान की गरिमा पर चोट करार देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के जजों पर अविश्वास जताना न्यायपालिका के स्वतंत्र कामकाज में हस्तक्षेप करने जैसा है।

इस फैसले के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केजरीवाल और उनकी पार्टी की यह पुरानी आदत है कि जब भी मामले उनके खिलाफ जाते हैं, तो वे संस्थाओं पर ही सवालिया निशान खड़ा करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अदालत को डराने और धमकाने का यह ड्रामा अब बंद होना चाहिए, क्योंकि न्यायपालिका किसी के दबाव में काम नहीं करती है। सीएम ने कहा कि अगर केजरीवाल के पास कोई ठोस तथ्य होते, तो वे कोर्ट में पेश करते, न कि जज को बदलने का बहाना ढूंढते।

हाई कोर्ट के इस रुख से अब यह तय हो गया है कि आबकारी नीति मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में ही जारी रहेगी। केजरीवाल ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि जज के परिवार के सदस्यों का सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ पेशेवर जुड़ाव है, जिसे लेकर उन्होंने ‘हितों के टकराव’ की बात कही थी। हालांकि, अदालत ने इस दलील को पूरी तरह से नकार दिया। सीएम रेखा गुप्ता ने इसे भ्रष्टाचार के आरोपियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर कानूनी जीत बताया है और कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि किस तरह से खुद को ‘ईमानदार’ बताने वाले लोग कानूनी प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को आम आदमी पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक विफलता के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह समय कानून का सम्मान करने का है, न कि बहानेबाजी करने का। अब सबकी नजरें इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ से यह तय होगा कि कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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दिल्ली: कनॉट प्लेस के रॉयल प्लाजा होटल में मातम; 15वीं मंजिल से कूदकर हाई कोर्ट के युवा वकील ने दी जान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके कनॉट प्लेस (CP) स्थित ‘द रॉयल प्लाजा’ होटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली हाई कोर्ट के एक 26 वर्षीय वकील ने कथित तौर पर 15वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार और कानून जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान राजेश सिंह के रूप में हुई है, जो दिल्ली हाई कोर्ट में वकालत करते थे। 18 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे राजेश ने होटल ‘द रॉयल प्लाजा’ में चेक-इन किया था। रविवार (19 अप्रैल) सुबह करीब 9:15 बजे होटल प्रबंधन ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच और परिवार का रुख

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला है ताकि घटनाक्रम का पता चल सके। पुलिस के अनुसार:

  • मृतक वकील के परिवार ने इस मामले में फिलहाल किसी भी तरह की साजिश या बाहरी गड़बड़ी का कोई शक जाहिर नहीं किया है।
  • खुदकुशी के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

साकेत कोर्ट की घटना की यादें ताजा

राजधानी में यह अपनी तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले 9 जनवरी को साकेत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के एक स्टाफ मेंबर हरीश सिंह महार ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग से कूदकर जान दे दी थी। उस समय सामने आया था कि मृतक काम के अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि, इस हालिया मामले में वकील राजेश सिंह के खुदकुशी के कारणों पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

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दिल्ली: मंदिर मार्ग में RBI रिटायर्ड कर्मचारी की गला रेतकर निर्मम हत्या; पड़ोसी ‘जाजू’ पर लगा चेन लूटने और कत्ल का आरोप

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से सेवानिवृत्त हुए 63 वर्षीय माधो राम की उनके ही घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने पड़ोसी पर हत्या और लूट का गंभीर आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 5:36 बजे पुलिस को पीसीआर कॉल मिली कि अंध विद्यालय के पास एक व्यक्ति को चाकू मार दिया गया है। मंदिर मार्ग थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां पहली मंजिल पर बने एक कमरे में माधो राम खून से लथपथ हालत में मिले। पुलिस उन्हें तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार का दावा—पड़ोसी ‘जाजू’ ने दिया वारदात को अंजाम

मृतक माधो राम की पत्नी उषा और बेटी शिवानी ने इस पूरी वारदात के लिए अपने ही पड़ोसी ‘जाजू’ नामक व्यक्ति पर शक जताया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने न केवल हत्या की, बल्कि उनके गले से सोने की चेन भी लूट ली।

  • पत्नी का बयान: मृतक की पत्नी उषा ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे जब वह एक फंक्शन में जा रही थीं, तब उनके पति ने पानी मांगा था। उस समय ‘जाजू’ सीढ़ियों पर बैठा था और वह बार-बार उनके पति के गले की चेन की ओर घूर रहा था।
  • बेटी का खुलासा: बेटी शिवानी ने बताया कि जब वह फंक्शन से लौटी और ऊपर गई, तो देखा कि उनके पिता का गला कटा हुआ था और कमरे में हर तरफ खून बिखरा पड़ा था। उसने यह भी बताया कि जब मां घर से निकल रही थीं, तब जाजू ने उन्हें ऊपर नहीं जाने दिया था।

पुलिस की कार्रवाई जारी

माधो राम के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। इस घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। दिल्ली पुलिस ने मंदिर मार्ग थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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पार्किंग का ‘खूनी’ विवाद: दिल्ली के प्रीत विहार में बीएमडब्ल्यू-फॉरच्यूनर की जंग में गई जान; भाई को बचाने आए पंकज को मारी गोली

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में पार्किंग को लेकर हुआ एक मामूली विवाद रविवार देर रात उस समय खूनी खेल में बदल गया, जब एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान पंकज के रूप में हुई है, जिसे उसके भाई ने पार्किंग विवाद सुलझाने के लिए नोएडा से बुलाया था। इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है और आरोपी गौरव शर्मा घटना के बाद से ही फरार है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, प्रीत विहार के एक मकान में आरोपी गौरव शर्मा और मृतक का भाई पारस रहते हैं। विवाद की जड़ पार्किंग स्पेस बनी। गौरव शर्मा के पास एक बीएमडब्ल्यू और एक फॉरच्यूनर गाड़ी है, लेकिन मकान में पार्किंग केवल एक गाड़ी के लिए उपलब्ध है।

  • देर रात हुआ बवाल: रविवार रात जब गौरव ने अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी खड़ी करने को लेकर झगड़ा शुरू किया, तो मामला गर्मा गया।
  • भाई को नोएडा से बुलाया: स्थिति बिगड़ती देख पारस ने अपने भाई पंकज को नोएडा से मदद के लिए बुलाया।
  • गोलीबारी: रात करीब 2 बजे जब पंकज मौके पर पहुंचा, तो झगड़ा और अधिक बढ़ गया। बहस के दौरान आरोपी गौरव ने पंकज पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

रिवॉल्वर कहाँ से आई? सबसे बड़ा सवाल

इस हत्याकांड के बाद एक बड़ा रहस्य गहरा गया है। आरोपी गौरव शर्मा की पत्नी का दावा है कि उसके पति के पास कोई हथियार नहीं है। ऐसे में पुलिस के सामने अब यह सबसे बड़ा सवाल है कि वारदात के वक्त गौरव के पास रिवॉल्वर कहां से आई? क्या उसने पहले से हत्या की साजिश रची थी? पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूतों की मदद से इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

घटना के तुरंत बाद आरोपी गौरव शर्मा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। फिलहाल पुलिस की टीमें गौरव की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गोली किस इरादे से चलाई गई थी और हथियार का स्रोत क्या था।

दो गाड़ियों के कारण गई एक जान” एक फॉरच्यूनर गाड़ी खड़ी करने के लिए हुआ विवाद एक परिवार की खुशियां लील गया। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सोसायटियों और रिहायशी इलाकों में पार्किंग को लेकर बढ़ते तनाव और सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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