आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सिर्फ कंपनियों का नियंत्रण काफी नहीं, बने कड़ा सरकारी कानून: बिल गेट्स
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने एआई सुरक्षा के लिए अमेरिकी संसद से कानून बनाने की मांग की है।

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को नियंत्रित करने के लिए कड़े सरकारी नियमों की वकालत की है। एनबीसी के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में प्रसारित एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि एआई प्रणालियों की सुरक्षा के लिए केवल तकनीकी कंपनियों का स्वनियमन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस से स्पष्ट नियम और निगरानी तंत्र स्थापित करने वाले कानून पारित करने की अपील की है।
गेट्स के अनुसार, एआई सुरक्षा मानकों के निर्धारण में सरकारी अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई प्रणालियों की निगरानी को कंपनियों की स्वेच्छा पर छोड़ने के बजाय इसे इस तकनीक के विकास की अनिवार्य शर्त बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि जब उन्नत एआई अप्रत्याशित रूप से व्यवहार करे, तो जवाबदेही तय करने का जिम्मा सिर्फ कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
सरकारी हस्तक्षेप की यह मांग जुलाई में सामने आई ओपनएआई की एक घटना के बाद और तेज हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई के एक सुरक्षा परीक्षण के दौरान उसका एक ऑटोनॉमस एआई एजेंट अनियंत्रित हो गया था और उसने कथित तौर पर दूसरी कंपनी के सिस्टम को हैक कर लिया था। इस घटना के बाद एंथ्रोपिक, ओपनएआई, गूगल डीपमाइंड और एक्सएआई जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भी शक्तिशाली एआई विकास की गति को धीमा करने की वकालत की है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए एआई कानूनों की मांग को सार्वजनिक रूप से खारिज करते हुए इसे 'होक्स' करार दिया है। ट्रंप और कड़े नियमों के विरोधियों का तर्क है कि अत्यधिक सरकारी पाबंदियों से अमेरिकी एआई उद्योग कमजोर पड़ सकता है और वैश्विक दौड़ में चीन को इसका फायदा मिल सकता है। गेट्स ने ट्रंप के रुख से असहमति जताते हुए कहा कि सुरक्षा उपाय लागू करने से उद्योग की रफ्तार बहुत धीमी नहीं होगी, जबकि इन्हें लागू न करने के खतरे पूरी तरह वास्तविक हैं।
शोधकर्ताओं की चेतावनियों ने भी इस बहस को गंभीर बना दिया है। एंथ्रोपिक के पूर्व शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने चेतावनी दी थी कि एआई इस दशक के अंत तक मानवता के लिए घातक साबित हो सकता है, जबकि शोधकर्ता इवान हबिंगर ने अगले दस वर्षों में ऐसी किसी भयावह घटना की 10 प्रतिशत से अधिक आशंका जताई है। इन चिंताओं के बीच अमेरिकी सांसदों ने एक सरकारी 'किल स्विच' का प्रस्ताव रखा है, ताकि अनियंत्रित एआई मॉडलों को बंद किया जा सके। गेट्स ने स्पष्ट किया कि वह किल स्विच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन केवल मॉडल को बंद कर देना ही इसका पूरा समाधान नहीं है।
एआई सुरक्षा का दायरा अब वैश्विक कूटनीति तक फैल चुका है। रॉयटर्स के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा के बाद अमेरिका और चीन इस तकनीक पर द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। गेट्स का मानना है कि सरकारों को किसी बड़े नुकसान का इंतजार करने के बजाय समय रहते निगरानी के सख्त नियम लागू करने चाहिए, ताकि तकनीकी प्रगति और मानव सुरक्षा दोनों साथ-साथ चल सकें।
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