फरीदाबाद में पुलिस जवान से 19.69 लाख रुपये की साइबर ठगी, शेयर बाजार में निवेश के नाम पर दिया झांसा
फरीदाबाद के सेक्टर-30 पुलिस लाइन में तैनात जवान से फेसबुक के जरिए दोस्ती कर साइबर ठगों ने शेयर बाजार में रकम दोगुनी करने के नाम पर करीब 19.69 लाख रुपये हड़प लिए।

फरीदाबाद में शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर हरियाणा पुलिस के एक जवान से 19 लाख 69 हजार रुपये से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता पुलिसकर्मी की शिकायत पर साइबर अपराध सेंट्रल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जालसाजों ने सोशल मीडिया पर पहले विश्वास जीता और फिर एक फर्जी ऐप के जरिए निवेश कराकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
शिकायतकर्ता फैजल मूल रूप से नूंह जिले के पुन्हाना के रहने वाले हैं और वर्तमान में फरीदाबाद के सेक्टर-30 पुलिस लाइन में रहते हैं। फैजल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 जून को उनके फेसबुक अकाउंट पर आयशा खान नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जिसके बाद युवती ने खुद को शेयर बाजार में निवेश का विशेषज्ञ बताया।
युवती ने फैजल को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया और दावा किया कि इस निवेश में किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। उसने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि यदि निवेश में कोई नुकसान होता भी है तो उसकी भरपाई संबंधित कंपनी द्वारा की जाएगी।
इसके बाद 18 जून को आरोपी युवती ने व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजकर 'थिंकमार्केट' नाम के ऐप के जरिए निवेश करने की सलाह दी। झांसे में आकर पुलिसकर्मी ने 19 जून से 17 जुलाई के बीच अपने, अपने पिता और कुछ परिचितों के बैंक खातों से अलग-अलग खातों में कुल 19,69,096 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद जब पीड़ित ने जमा राशि और उस पर मिला मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो कंपनी ने भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई सुनियोजित साइबर ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर अपराध सेंट्रल थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर रकम ट्रांसफर हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की पड़ताल शुरू कर दी है। थाना इंचार्ज बसंत कुमार के अनुसार पुलिस की जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं और आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
लेखक


टिप्पणियाँ
4संतुलित, अच्छी तरह प्रमाणित रिपोर्टिंग। इसीलिए मैं आज भी ख़बरों के लिए भुगतान करता हूँ।
इसे अपने परिवार के समूह में साझा किया। द्विभाषी टॉगल सचमुच उपयोगी है।
आगे क्या होगा वाला हिस्सा वही है जिसे सब छोड़ेंगे और सबको पढ़ना चाहिए।
आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।