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अशोक विहार रामलीला भूमि पूजन : प्रधान ललित गर्ग की सूझबूझ से थमा 'राजनीतिक तूफान' ; मंच पर एक साथ दिखे पवन अग्रवाल और अनिल गुप्ता

-रामलीला के मंच पर घटीं अनिल गुप्ता और पवन अग्रवाल की दूरियाँ; -कप्तान ललित गर्ग ने संतुलित किया शक्ति-समीकरण, पूर्व महामंत्री राजेंद्र गर्ग की सक्रिय वापसी का दिया संकेत

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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20 सितंबर 2026 · 5:47 am391 व्यूज़wazirpur,Delhi
अशोक विहार रामलीला भूमि पूजन : प्रधान ललित गर्ग की सूझबूझ से थमा 'राजनीतिक तूफान' ; मंच पर एक साथ दिखे पवन अग्रवाल और अनिल गुप्ता
अशोक विहार रामलीला भूमि पूजन : प्रधान ललित गर्ग की सूझबूझ से थमा 'राजनीतिक तूफान' ; मंच पर एक साथ दिखे पवन अग्रवाल और अनिल गुप्ता — Delhi darpan

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो

अशोक विहार, दिल्ली। धर्मनगरी अशोक विहार में 'अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी' की चुनावी सियासत का असर हमेशा से 'अशोक विहार रामलीला कमेटी (फेज-1)' की गतिविधियों पर पड़ता रहा है। लेकिन कमेटी का कप्तान अगर सहनशील, दूरदर्शी और सबको साथ लेकर चलने वाला हो, तो कोई भी राजनीतिक अड़चन राम के काज के आड़े नहीं आ पाती। रविवार को आयोजित अशोक विहार रामलीला कमेटी के भव्य भूमि पूजन समारोह में कुछ ऐसा ही संतुलन और परिपक्व राजनीतिक माहौल देखने को मिला।

मंच पर अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के नए प्रधान पवन अग्रवाल (गुप्ता), महामंत्री राजेंद्र गर्ग और कोषाध्यक्ष सुशील सिंघल सहित पूरी कार्यकारिणी मौजूद रही—जो हाल ही में हुए चुनावों में पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता (घी वाले) के धुर विरोधी माने जा रहे थे। लंबे समय बाद रामलीला के मंच पर लौटे पूर्व महामंत्री राजेंद्र गर्ग की मौजूदगी ने शुरुआत में जरूर अनिल गुप्ता को थोड़ा असहज किया, लेकिन सियासत के मंजे हुए खिलाड़ी अनिल गुप्ता ने स्थिति की नज़ाकत को समझते हुए इसे सहजता से लिया। इतना ही नहीं, सोसाइटी के संचालन में भविष्य की बाधाओं को टालने के मकसद से नए प्रधान पवन अग्रवाल और पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता भी अपने मतभेदों को दरकिनार कर एक-दूसरे के करीब आते दिखे।

अहंकार पर 'जनादेश की चोट', लेकिन सामाजिक वजूद के लिए साथ आए अनिल गुप्ता : गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के चुनावों में अनिल गुप्ता (घी वाले) के खिलाफ उपजे गुस्से ने उनके पूरे पैनल का सूपड़ा साफ कर दिया था। जिस संस्था की सत्ता के लिए अनिल गुप्ता ने तमाम हथकंडे अपनाए, उसी समाज ने ऐतिहासिक परिणाम देकर बता दिया कि स्वार्थ और अहंकार की उम्र ज़्यादा लंबी नहीं होती।

अनिल गुप्ता के इसी तानाशाही रवैये से रामलीला कमेटी के प्रधान ललित गर्ग भी आहत थे, जिसके चलते उन्होंने सोसाइटी चुनाव में अनिल गुप्ता के खिलाफ रुख अपनाया था। चुनावी नतीजों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इतनी करारी हार के बाद अनिल गुप्ता शर्मिंदगी के कारण रामलीला कमेटी से दूरी बना लेंगे। लेकिन, वे यह भी अच्छी तरह जानते हैं कि यदि रामलीला के मंच से भी बेदखल हुए, तो उनका सामाजिक वजूद ही समाप्त हो जाएगा। लिहाजा, उन्होंने चुनावी पराजय की हिचकिचाहट को पीछे छोड़ते हुए रामलीला के आयोजन में अपनी सक्रियता बनाए रखने का फैसला किया। दूसरी ओर, नए प्रधान पवन अग्रवाल भी इस बात से भली-भांति वाकिफ हैं कि अनिल गुप्ता सोसाइटी के भावी कामों में अड़चनें डाल सकते हैं, इसलिए दोनों तरफ से रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशें देखी गईं।

Ashok vihar ramleela Bhoomi Poojan
Ashok vihar ramleela Bhoomi Poojan— Delhi darpan

कप्तान ललित गर्ग का कूटनीतिक 'मास्टरस्ट्रोक': सम्मान भी दिया और एकाधिकार भी घटाया : इस पूरे घटनाक्रम के बीच रामलीला कमेटी के प्रधान ललित गर्ग की परिपक्वता और सूझबूझ सबसे ज्यादा चर्चा में रही। उन्होंने अपने व्यक्तिगत मनमुटाव को किनारे रखते हुए अनिल गुप्ता को मंच पर वही पारंपरिक स्थान और सम्मान दिया, जो उन्हें हमेशा से मिलता आया है।

लेकिन, इसके साथ ही भविष्य में अनिल गुप्ता पर अत्यधिक निर्भरता और उनकी संभावित मनमानी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ललित गर्ग ने दूरदर्शिता दिखाते हुए सोसाइटी के नए प्रधान पवन अग्रवाल, महामंत्री राजेंद्र गर्ग और कोषाध्यक्ष सुशील सिंघल की पूरी टीम को मंच पर विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया।

प्रधान ललित गर्ग ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए राजेंद्र गर्ग को याद दिलाया कि वे करीब 10 से 15 वर्षों तक रामलीला कमेटी के महामंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ललित गर्ग की यह बात सीधे तौर पर राजेंद्र गर्ग को रामलीला में एक बार फिर सक्रिय भूमिका निभाने का निमंत्रण थी। दरअसल, कमेटी के भीतर यह बात अक्सर चर्चा का विषय रहती है कि अनिल गुप्ता मंच संचालन से लेकर मेले के आवंटन तक जितनी 'चौधराहट' चलाते हैं और जो सहयोग करते हैं, उसका भरपूर उपयोग वे अपनी व्यक्तिगत पैठ बनाने में करते हैं। ललित गर्ग के इस संतुलित कदम ने रामलीला कमेटी में एकतरफा एकाधिकार को खत्म करने का काम किया है। जय श्रीराम के जयकारों के साथ भूमि पूजन संपन्न ; 10 अक्टूबर से रामलीला : सियासी हलचलों से इतर, रामलीला का भूमि पूजन समारोह अपनी पूरी पारम्परिक भव्यता और धार्मिक निष्ठा के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष भी भूमि पूजन में कलश की स्थापना क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री सुरेंद्र पाल गुप्ता के कर-कमलों द्वारा की गई।

ASW commeti ashok vihar
ASW commeti ashok vihar

समारोह में अशोक विहार की तमाम सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और RWA के प्रमुख लोग भारी संख्या में पहुंचे। सुरक्षा का भरोसा देते हुए स्थानीय थाना अध्यक्ष रामकिशोर ने 'जय श्री राम' का नारा बुलंद किया और आश्वस्त किया कि रामलीला के दौरान दिल्ली पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम करेगी।

विगत 52 वर्षों से लगातार रामलीला का मंचन करती आ रही 'अशोक विहार रामलीला कमेटी' उस समंदर की तरह है, जिसमें इलाके की तमाम संस्थाएं आकर मिलती हैं। इस वर्ष 10 अक्टूबर से रामलीला का मंचन शुरू होने जा रहा है, जिससे पूरी अशोक विहार नगरी एक बार फिर भक्तिमय और राममय हो जाएगी।

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