सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
भरतपुर नगर निगम चुनाव: राजनीतिक दलों पर भारी पड़े निर्दलीय, 36 वार्डों में दर्ज की जीतफरीदाबाद में पूर्व सरपंच के घर बड़ी चोरी, परिवार को नशीला पदार्थ सुंघाकर जेवर और नकदी ले उड़े बदमाशपानीपत के डाहर महिला कॉलेज पहुंची हरियाणा युवा उद्यमी यात्रा, छात्राओं को मिले स्वरोजगार के टिप्सद्वारका में बनेगा दिल्ली का पहला राज्य अतिथि गृह 'दिल्ली सदन', 151.97 करोड़ रुपये की मिली मंजूरीडिक्की में मिले शव से खुला हत्या का राज, दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र से 20 वर्षीय आरोपी को दबोचापानीपत: इसराना में युवक पर धारदार हथियार से हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा

ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण और प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों का धरना एक महीने के लिए स्थगित

ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत और आश्वासनों के बाद किसान संगठनों ने अपना आंदोलन टाल दिया है।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
18 सितंबर 2026 · 11:42 am196 व्यूज़
ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण और प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों का धरना एक महीने के लिए स्थगित
ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण और प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों का धरना एक महीने के लिए स्थगितJagran

ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण कार्यालयों पर जारी किसानों के धरने को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन और किसान संघर्ष मोर्चा ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और जिला प्रशासन के साथ हुई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया। वार्ता के दौरान विभिन्न लंबित मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकरण अधिकारियों के साथ चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित किसानों को चार प्रतिशत आबादी भूखंड देने का मामला फिलहाल शासन में विचाराधीन है। वहीं विस्थापन नीति में आवश्यक बदलाव को लेकर जिला प्रशासन स्तर पर भी शीघ्र निर्णय होने की बात कही गई है।

आबादी लीजबैक के विवादों को सुलझाने के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति तीन-तीन गांवों को शामिल करते हुए मौके पर जाकर प्रकरणों की भौतिक जांच करेगी और नियमों के तहत निर्णय लेगी। किसानों को इस प्रक्रिया में अपने दस्तावेज और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका भी मिलेगा।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों को लेकर भी कई बिंदुओं पर सहमति बनी। अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे प्रभावितों को सात प्रतिशत विकसित भूखंड देने के मुद्दे पर जल्द बातचीत का भरोसा दिया। इसके अलावा जिन किसानों का 64.7 प्रतिशत मुआवजा अभी तक बकाया है, उन्हें जल्द भुगतान करने और जेवर एयरपोर्ट से प्रभावित युवाओं के रोजगार की स्थिति की जानकारी देने का आश्वासन भी दिया गया।

किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने भी प्राधिकरण सीईओ, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के साथ बैठक की। इस दौरान 10 प्रतिशत आबादी भूखंड के लंबित प्रकरण को लेकर 5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव और औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ बैठक कराने का आश्वासन मिला। किसान नेताओं ने बताया कि इस संबंध में प्राधिकरण बोर्ड से पहले ही प्रस्ताव पारित होकर शासन को भेजा जा चुका है।

किसान एकता संघ के अध्यक्ष सोरन प्रधान और अन्य किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि आबादी और भूमिहीनों की दुकानों के आवंटन जैसे मामलों पर 15 अक्टूबर तक ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। किसान प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर वादों पर अमल नहीं हुआ, तो संगठन 6 अक्टूबर से दोबारा दिन-रात का धरना शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।

इनसे संबंधितdelhi-ncrgreater-noidaGreater NoidaFarmers ProtestRakesh TikaitYamuna Authority
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

नोएडा: सरकारी स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचे सीजेपी दल को चार विद्यालयों में प्रवेश से रोका गया2.3 हज़ार

नोएडा: सरकारी स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचे सीजेपी दल को चार विद्यालयों में प्रवेश से रोका गया

कॉकरोच जनता पार्टी ने चार स्कूलों में प्रवेश न मिलने का आरोप लगाया, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद करने के दावों को नकारा।

रोहतक: भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारियों ने समाजसेवी जग्गा सिंह बराड़ से की मुलाकात, विस्तार पर हुई चर्चा2 हज़ार

रोहतक: भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारियों ने समाजसेवी जग्गा सिंह बराड़ से की मुलाकात, विस्तार पर हुई चर्चा

भारतीय किसान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने डबवाली पहुंचकर समाजसेवी जग्गा सिंह बराड़ से मुलाकात की और जनहित के कार्यों में सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य योजना को एलजी की मंजूरी, मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज1.7 हज़ार

दिल्ली में निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य योजना को एलजी की मंजूरी, मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को सालाना दो लाख रुपये प्रति व्यक्ति और परिवार के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।