नोएडा: सरकारी स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचे सीजेपी दल को चार विद्यालयों में प्रवेश से रोका गया
कॉकरोच जनता पार्टी ने चार स्कूलों में प्रवेश न मिलने का आरोप लगाया, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद करने के दावों को नकारा।

गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दल ने आरोप लगाया है कि उन्हें तय पांच में से चार स्कूलों में भीतर जाने से रोक दिया गया। यह दल संगठन के देशव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सोमवार को स्कूलों के निरीक्षण के लिए पहुंचा था।
सीजेपी के प्रवक्ता और सह-संयोजक सौरव दास के अनुसार, उनकी टीम को केवल गढ़ी चौखंडी स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि बाकी चार विद्यालयों में छात्र और शिक्षक उपस्थित होने के बावजूद दल को अंदर नहीं जाने दिया गया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सौरव दास ने गढ़ी चौखंडी स्कूल के शौचालयों की स्थिति का एक वीडियो सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के अन्य सरकारी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
हालांकि, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी एक आदेश में स्कूलों को बंद किए जाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया गया। विभाग ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि जिले के सभी परिषदीय विद्यालय सरकार और विभाग की तय समय सारिणी के अनुसार ही संचालित हो रहे हैं और इन्हें बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
प्रशासनिक रुख के बाद दास ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का आशय दल को प्रवेश न दिए जाने से था, न कि स्कूल बंद होने से। उन्होंने कहा कि स्कूल खुले थे और वहां पढ़ाई चल रही थी, लेकिन अगले स्कूल के प्रधानाचार्य ने ऊपर से आदेश होने का हवाला देकर उन्हें परिसर में आने से मना कर दिया।
वहीं, एक सरकारी स्कूल के अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि उन्हें परिसर में किसी को भी प्रवेश न देने के निर्देश मिले थे। इस पूरे घटनाक्रम पर बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
राजनीतिक व्यंग्य समूह के रूप में शुरू हुआ सीजेपी इससे पहले नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन में शामिल रहा था। संगठन अब शिक्षा के मुद्दों पर केंद्रित एक दबाव समूह के रूप में कार्य कर रहा है और युवाओं से अपने आसपास के सरकारी स्कूलों का ऑडिट करने की अपील कर रहा है।
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