गुरुग्राम: फर्रुखनगर का सुलतानपुर बना पहला बाल विवाह मुक्त गांव, विशेष ग्राम सभा में मिला प्रमाण पत्र
गांधी जयंती पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में पंचायती राज विभाग ने सुलतानपुर को बाल विवाह मुक्त गांव का प्रमाण पत्र सौंपा।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर खंड स्थित सुलतानपुर गांव को खंड का पहला बाल विवाह मुक्त गांव घोषित किया गया है। गांधी जयंती के अवसर पर गांव में 'सशक्त भारत-समृद्ध भारत' विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान पंचायती राज विभाग की ओर से ग्राम पंचायत को इसका औपचारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे हरियाणा पंचायती राज के अधिकारी आईएएस सुशील सारवान ने ग्राम पंचायत को यह प्रमाण पत्र सौंपा। गांव आगमन पर स्थानीय ग्रामीणों ने फूलमालाएं पहनाकर और पारंपरिक पगड़ी बांधकर उनका स्वागत किया। सारवान ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।
आईएएस अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सुलतानपुर ने सामाजिक सुधार और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए आगे भी निरंतर काम करने और जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
सभा को संबोधित करने से पहले आईएएस सुशील सारवान ने गांव की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने वाले सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कर्मचारियों को फूलमाला पहनाकर उनके कार्य की प्रशंसा की और कहा कि सुलतानपुर को स्वच्छ बनाने में सफाईकर्मियों और ग्रामीणों का बड़ा योगदान रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों और सामाजिक सुधारों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान स्वच्छ भारत अभियान, जल संरक्षण, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक और पर्यावरण सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उपस्थित ग्रामीणों को पर्यावरण और स्वच्छता की रक्षा के लिए शपथ भी दिलाई गई।
इस विशेष ग्राम सभा में संयुक्त निदेशक वीरेंद्र सिंह, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित कुमार और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नवनीत कौर उपस्थित रहे। इनके अलावा बीडीपीओ नरेश कुमार, सरपंच सीमा चौहान, ग्राम सचिव अनिल कुमार सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद थे।
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