PM मोदी को चिट्ठी : 'कचरे के बदले पैसा, स्वच्छता अंक और सम्मान' – सुप्रीम कोर्ट के वकील ने भेजा राष्ट्रीय योजना का प्रस्ताव
-'कचरे से समृद्धि' का नया मॉडल -'विशेष स्वच्छता योगदानकर्ता' को मिलेगी विशेष पहचान

--राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गोवर्धन दास अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर देश में स्वच्छता को आर्थिक प्रोत्साहन और सामाजिक सम्मान से जोड़ने की एक व्यापक राष्ट्रीय योजना का प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने प्रस्ताव रखा है कि देश में एक ऐसी व्यवस्था लागू की जाए जिससे "कचरा सड़क पर नहीं, निर्धारित स्थान पर जमा करो – पैसा, स्वच्छता अंक और सम्मान पाओ" का सिद्धांत साकार हो सके।
'कचरे से समृद्धि' का नया मॉडल : अधिवक्ता अग्रवाल द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि नागरिक द्वारा प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच, धातु, ई-कचरा और कपड़े जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अधिकृत संग्रह केंद्रों या स्वचालित मशीनों में जमा करने पर उन्हें वजन के आधार पर तत्काल UPI या बैंक खाते में आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाए। इसके साथ ही नागरिकों का एक 'डिजिटल स्वच्छता खाता' भी बनाया जाएगा, जिसमें उनके स्वच्छता अंक (Marks) और प्रमाण-पत्र का पूरा विवरण रहेगा।
'विशेष स्वच्छता योगदानकर्ता' को मिलेगी विशेष पहचान : इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि जो लोग लगातार सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाने और सफाई में असाधारण योगदान देंगे, उन्हें "विशेष स्वच्छता योगदानकर्ता" के रूप में मान्यता दी जाए। ऐसे व्यक्तियों को:
- -विशेष पहचान-पत्र और प्रशस्ति-पत्र जारी किया जाए।
- -सरकारी कार्यालयों, बैंक, आयकर और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में प्राथमिकता दी जाए।
- -सरकारी कार्यक्रमों और अभियानों में विशेष आमंत्रण और सम्मान दिया जाए।
'पुनः उपयोग केंद्र' और भोजन पुनर्वितरण व्यवस्था : पत्र में पुरानी किताबें, फर्निचर और कपड़े जमा करने के लिए 'पुनः उपयोग केंद्र' स्थापित करने तथा शादी-समारोहों के बचे हुए सुरक्षित भोजन को जरूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए 'भोजन पुनर्वितरण केंद्र' बनाने की भी सिफारिश की गई है।
अधिवक्ता अग्रवाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आग्रह किया है कि इस प्रस्ताव पर अंतर-मंत्रालयी कार्यदल गठित कर 6 महीने के भीतर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू करने की समयबद्ध प्रक्रिया तय की जाए।
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