गाजियाबाद में जुटा रवा राजपूत समाज, वार्षिक उत्सव में संगठन विस्तार और युवा नेतृत्व पर हुआ मंथन
-दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों से पहुंचे समाज के लोग, पारिवारिक परिचय सम्मेलन बना आकर्षण का केंद्र - मुख्य अतिथि विधायक प्रद्युम्न राजपूत ने संगठन को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया, युवाओं ने रखे प्रेरणादायक विचार

- नेहा नगर , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
गाजियाबाद के कनावनी स्थित बी.आर.आर.एस. भवन में रविवार को रवा राजपूत समाज (दिल्ली-एनसीआर) द्वारा "पारिवारिक परिचय सम्मेलन एवं वार्षिक उत्सव" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिजनौर सहित कई स्थानों से बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक एकता को मजबूत करना, युवाओं को संगठन से जोड़ना तथा समाज के बीच आपसी परिचय और सहयोग को बढ़ावा देना रहा।
सम्मेलन की अध्यक्षता बिजनौर रवा राजपूत संगठन के अध्यक्ष गजेंद्र राजपूत ने की। उन्होंने अपने संबोधन में समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक एकता के साथ-साथ राजनीतिक भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 से संगठन लगातार समाजहित में कार्य कर रहा है तथा संगठन ने अपने स्थायी भवन के निर्माण के लिए 300 गज भूमि खरीदकर उसकी आधारशिला भी रख दी है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में द्वारका (दिल्ली) के विधायक प्रद्युम्न राजपूत उपस्थित रहे। उन्होंने समाज के विकास और संगठन की गतिविधियों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में दिनेश आर्य, अशोक जी, डॉ. भीम सिंह, यशपाल (देहरादून), विशाल देव तथा शेखर (बिजनौर) सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।
सम्मेलन के दौरान संगठन के अध्यक्ष गजेंद्र राजपूत, महासचिव मनोज राजपूत, संयोजक पंकज राजपूत, ऑडिटर विपिन, कोषाध्यक्ष अरविंद, सचिव छत्तर सिंह, अनिल राजपूत, उपाध्यक्ष जितेन्द्र एवं सुशील सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि प्रद्युम्न राजपूत को शॉल ओढ़ाकर, ट्रॉफी तथा पारंपरिक तलवार भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण रही। ज्योति राजपूत, स्वाति राजपूत, पुष्प, पारस, वत्सल राजपूत, पीयूष, ओजस्वी, रिद्धि और आदित्य सहित कई युवा वक्ताओं ने समाज की एकता, शिक्षा, संगठन और भविष्य की भूमिका पर अपने विचार रखे। उनके प्रेरक संबोधनों की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
सम्मेलन का समापन समाज की एकजुटता, संगठन विस्तार और आने वाले समय में सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने के संकल्प के साथ हुआ।
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