अशोक विहार रामलीला: इस बार और भी भव्य होगा रामकाज, वॉटरप्रूफ हुआ मेला ग्राउंड; अनिल गुप्ता ने आरोपों पर दी सफाई
रामलीला कमेटी के प्रधान ललित गर्ग ने की तैयारियों की घोषणा ; पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता बोले — "चुनाव में हार स्वीकार, पर मेरी नीयत और ईमानदारी पर सवाल उठाना गलत"

दिल्ली दर्पण ब्यूरो
अशोक विहार, दिल्ली। धर्मनगरी अशोक विहार में 52वें वर्ष की ऐतिहासिक 'अशोक विहार रामलीला (फेज-1)' का मंचन इस बार भव्यता के नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। रामलीला ग्राउंड पर तैयारियों का दौर युद्ध स्तर पर जारी है। इसी तैयारियों का जायजा लेने दिल्ली दर्पण टीवी जब अशोक विहार फेज -1 रामलीला ग्राउंड पहुंचे तो वहां प्रधान ललित गर्ग और अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के पूर्व प्रधान अनिल गुप्ता (घी वाले) एक साथ ग्राउंड पर नजर आये। दिल्ली दर्पण टीवी ने जहाँ ललित गर्ग से रामलीला की तैयारियों पर बात की वहीँ सोसाइटी चुनाव में हार के बाद पहले बार अनिल गुप्ता ने दिल्ली दर्पण टीवी से बात की। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जबाब तो दिया ही साथ ही भरोसा दिलाया की सोसाइटी चुनाव परिणाम का असर ना रामलीला पर पडेगा और ना ही सोसाइटी की नवनियुक्त कार्यकारणी से कोई मनभेद। दोनों ने एक साथ दिल्ली दर्पण टीवी कैमरे पर सामने आकर रामलीला की तैयारियों और हालिया सामाजिक घटनाक्रम पर अपनी बात रखी। वॉटरप्रूफ होगा मेला ग्राउंड, भव्यता में नहीं आएगी कोई कमी: ललित गर्ग रामलीला कमेटी के प्रधान ललित गर्ग ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष रामलीला का मंचन पहले से कहीं अधिक भव्य, दिव्य और आधुनिक होगा। मौसम के संभावित बदलावों और बारिश को ध्यान में रखते हुए इस बार पूरे मेला ग्राउंड को वॉटरप्रूफ (Waterproof) बनाया गया है, ताकि रामभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ललित गर्ग ने कहा, "अशोक विहार की रामलीला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष की तरह इस बार भी विशाल मंच, आधुनिक साउंड-लाइटिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच रामलीला का मंचन होगा। संस्थागत या चुनावी मतभेदों का रामकाज पर कोई असर नहीं पड़ता, सभी रामभक्त एकजुट होकर प्रभु श्रीराम की सेवा में समर्पित हैं।" सोसाइटी चुनाव के आरोपों पर बोले अनिल गुप्ता : "हार स्वीकार, पर नीयत साफ" अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के हालिया चुनावों में हुई करारी हार और उसके बाद लगे आरोपों पर अनिल गुप्ता (घी वाले) ने भी पहली बार रामलीला ग्राउंड से अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने अपनी ईमानदारी और नीयत पर उठ रहे सवालों का बेबाक जवाब दिया।
अनिल गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा :
"मुझे समाज का जनादेश और चुनाव में अपनी हार पूरी तरह स्वीकार है, लेकिन मेरी नीयत और ईमानदारी पर सवाल उठाना बिल्कुल गलत है। मैंने सोसाइटी और महाराजा अग्रसेन अस्पताल के विकास के लिए दिन-रात काम किया है। अस्पताल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था, इसी मंशा से मैंने एक और मौका माँगा था ताकि एक चालू और शानदार अस्पताल समाज को सौंप सकूँ। लेकिन मेरी भावना को गलत समझकर मुझे तानाशाही के रूप में पेश किया गया।"
वरिष्ठों की नाराजगी और भाषा की चूक के सवाल पर अनिल गुप्ता ने कहा कि अगर उनके कहने के तरीके या किसी बात से समाज के बुजुर्गों को ठेस पहुँची है, तो उन्हें इसका खेद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामलीला मंच पर कोई राजनीति नहीं होगी और वे प्रधान ललित गर्ग के साथ मिलकर इस बार भी 52वें वर्ष की रामलीला को पूरी भव्यता के साथ संपन्न कराएंगे। 10 अक्टूबर से राममय होगी धर्मनगरी अशोक विहार गौरतलब है कि आगामी 10 अक्टूबर से अशोक विहार रामलीला ग्राउंड में रामलीला मंचन और मेले का शुभारंभ होने जा रहा है। भूमि पूजन के बाद से ही क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन चुका है। रामलीला कमेटी और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सोसाइटी चुनाव की खींचतान को पीछे छोड़, रामलीला के मंच पर दोनों के बीच दिखी यह ऐतिहासिक एकजुटता एक सुखद सन्देश है जो इस बात का प्रमाण है कि अशोक विहार में 'रामकाज' और 'समाज सेवा' सर्वोपरि है।

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