अंशु ठाकुर, दिल्ली दर्पण टीवी
स्कूलों में हर दिन की शुरूआत सुबह की एसेम्बली से होती है. लेकिन अब राजधानी के स्कूलों में इस पर रोक लगाने को कहा गया है. दिल्ली में बढ़ती गर्मी को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के लिए एक अहम दिशा-निर्देश जारी किया है. इसके तहत, अब दोपहर की पाली में स्कूलों में एसेम्बली नहीं होगी. यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके. इसके अलावा, छात्रों को गर्मी से बचाने के लिए कई उपायों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक DoE ने 27 मार्च को जारी एक सर्कुलर में कहा कि गर्मी के मौसम में दिल्ली का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है, जो बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.

उप निदेशक संजय सुभाष कुमार ने सर्कुलर में बताया कि बच्चे सबसे संवेदनशील समूहों में से एक हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी है. वहीं DoE ने स्कूलों को पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है. साथ ही, कक्षा के दौरान छात्रों को पानी पीने के लिए नियमित ब्रेक देने के निर्देश भी दिए गए हैं. स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कक्षाओं में पंखे ठीक ढंग से काम कर रहे हों और उनकी संख्या भी हों.
सर्कुलर में स्कूलों से कहा गया है कि छात्रों को धूप से बचने के लिए जागरूक किया जाए. उन्हें सलाह दी जानी चाहिए कि स्कूल आते-जाते समय छाता, टोपी, तौलिया या पारंपरिक सिर ढकने वाले कपड़े का इस्तेमाल करें. इससे गर्मी से बचा जा सकेगा. DoE ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी छात्र में गर्मी से संबंधित बीमारी के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में रिपोर्ट किया जाए.
दिल्ली में हर साल गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. ऐसे में शिक्षा निदेशालय का यह कदम स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है. स्कूल प्रमुखों से अपेक्षा की गई है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.