- अंशु ठाकुर, दिल्ली दर्पण टीवी
आज लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधयेक 2025 बिल पेश कर दिया. वक्फ बिल के पास होने की स्थिति में कई नेताओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने विरोध प्रदर्शन की बात कही है. ऐसे में कई संवेदनशील जगहों पर पुलिस अलर्ट है. इसी कड़ी में दिल्ली के जामिया नगर और शाहीन बाग इलाके में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने ज्वाइंट फ्लैग मार्च किया है.
इससे पहल वक्फ संशोधन बिल वापस नहीं लेने पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेताओं की ओर से पूरे देश को शाहीन बाग बना देने की बात कही गई थी. दरअसल, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ है. बोर्ड के नेताओं ने कहा था कि अगर सरकार वक्फ संशोधन बिल को वापस नहीं लेगी तो पूरे देश में शाहीन बाग जैसा आंदोलन करेंगे. इन्हीं बयानों को देखते हुए जामिया नगर और शाहीन बाग में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंगलवार को बीजेपी के सहयोगी दलों समेत सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे वक्फ विधेयक का कड़ा विरोध करें और किसी भी हालत में इसके पक्ष में मतदान न करें. राज्यसभा में इस विधेयक पर बृहस्पतिवार को चर्चा होने की उम्मीद है और दोनों सदनों को प्रस्तावित कानून पर बहस के लिए आठ-आठ घंटे का समय आवंटित किया गया है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों और सांसदों से अपील की कि वे संसद में विधेयक पेश होने पर न केवल इसका कड़ा विरोध करें, बल्कि ‘बीजेपी के सांप्रदायिक एजेंडे को रोकने’ के लिए इसके खिलाफ वोट भी करें, उन्होंने एक बयान में कहा कि यह विधेयक न केवल भेदभाव और अन्याय पर आधारित है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों के प्रावधानों के भी खिलाफ है.
आपको बता दें कि 11 दिसंबर, 2019 को सीएए के पास होने के जवाब में, 15 दिसंबर, 2019 को शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी. सीएए को लेकर विरोध 24 मार्च, 2020 तक जारी रहा और इसका नेतृत्व मुख्य रूप से महिलाओं ने किया, जिन्होंने शाहीन बाग में एक प्रमुख सड़क को प्रभावी ढंग से अवरुद्ध कर दिया था. लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन में जेएमआई के छात्रों की भी भागीदारी देखी गई थी.