गुरुग्राम में मंदिर तोड़े जाने के विरोध में पहुंचे अभय चौटाला, दोषी अधिकारियों पर एफआईआर की मांग की
इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने गुरुग्राम के सेक्टर-50 में समाधि और मंदिर तोड़े जाने की निंदा करते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गुरुग्राम के सेक्टर-50 में स्थित बाबा बालक नाथ की समाधि और मंदिर को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा हटाए जाने के मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इंडियन नेशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला सोमवार को झाड़सा पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर का मुआयना किया और स्थानीय ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
इनेलो नेता ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक निजी बिल्डर के साथ मिलकर इस धार्मिक स्थल और गोशाला को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है और इससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
अभय चौटाला ने दावा किया कि मंदिर परिसर से गोवंश, दानपात्र की नकदी और मूर्तियां तक हटा दी गई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने चाहिए।
पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जिम्मेदार लोगों की पहचान करना काफी आसान है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान के विधायक महंत बालक नाथ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें केवल बातचीत करने के बजाय आस्था की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इस मुद्दे पर महापंचायत बुलाए जाने का समर्थन करते हुए चौटाला ने कहा कि पंचायत जो भी निर्णय लेगी, इनेलो उसका पूरा साथ देगी। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक स्थल पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां लंबे समय से वार्षिक मेले और धार्मिक आयोजन होते रहे हैं।
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