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मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू (सेवक) का जोरदार प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (सेवक) ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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24 जुलाई 2026 · 7:22 am3 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 7:22 am
मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू (सेवक) का जोरदार प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू (सेवक) का जोरदार प्रदर्शन — Dainik Bhaskar

मुजफ्फरनगर में किसानों की विविध समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आठ सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेश का किसान लगातार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। यूनियन ने मांग रखी कि सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करे और किसानों का पूरा कर्ज बिना किसी शर्त के एकमुश्त माफ किया जाए। इसके साथ ही घरेलू बिजली की दरों को आधा करने की मांग भी उठाई गई।

धरने के दौरान संगठन ने नदियों के संरक्षण और कृषि आदानों की गुणवत्ता का मामला भी उठाया। किसान नेताओं ने काली नदी और हिंडन नदी में फैल रहे प्रदूषण पर रोक लगाने तथा उनके पुनर्जीवन की मांग की। इसके अलावा किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे बीजों की निष्पक्ष जांच और कृषि अनुसंधान केंद्रों के कामकाज की समीक्षा का आग्रह भी किया गया।

प्रदर्शन के दौरान किसान परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे का मुद्दा भी उठा। संगठन ने मांग की कि सभी किसान परिवारों के बिना शर्त आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। वहीं गोरखपुर-अंबाला हाईवे परियोजना से प्रभावित किसानों को अधिग्रहित जमीन के बदले आठ गुना मुआवजा देने की मांग रखी गई।

यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर दीपक सोम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को अपना आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसानों के जमावड़े के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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