ईटीएफ में भारी निवेश से बिटकॉइन 81,000 डॉलर के पार, अब 83,000 डॉलर के स्तर पर टिकी निगाहें
अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ में लौटी लिवाली और शॉर्ट कवरिंग के दम पर बिटकॉइन ने 81,000 डॉलर का स्तर दोबारा हासिल कर लिया है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आई हालिया तेजी के बीच बिटकॉइन 20 सितंबर को 81,000 डॉलर के निचले दायरे में कारोबार करता दिखा। पिछले सप्ताह 76,000 डॉलर से नीचे गिरने के बाद इस प्रमुख डिजिटल मुद्रा ने जोरदार वापसी की है और अहम 80,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल कर लिया है। बाजार विश्लेषक अब यह देख रहे हैं कि क्या बिटकॉइन 82,000 से 83,000 डॉलर के कड़े रेजिस्टेंस जोन को पार कर पाता है या नहीं।
इस ताजा उछाल का सबसे बड़ा सहारा अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में दोबारा शुरू हुआ निवेश बना है। फारसाइड इन्वेस्टर्स के आंकड़ों के मुताबिक, 18 सितंबर को बिटकॉइन ईटीएफ में 43.3 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जिसमें फिडेलिटी के एफबीटीसी ने 31.07 करोड़ डॉलर और ब्लैकरॉक के आईबीआईटी ने 10.84 करोड़ डॉलर जुटाए। इससे पहले 15 और 16 सितंबर को महज दो दिनों के भीतर इन फंडों से करीब 74.6 करोड़ डॉलर की भारी निकासी देखी गई थी।
व्यापारियों और विश्लेषकों के लिए 82,000 से 83,000 डॉलर का दायरा बेहद संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि पूर्व के कई सत्रों में बिटकॉइन इस स्तर को पार करने में जूझता रहा है। यदि यह इस दायरे से ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो इसका अगला संभावित लक्ष्य 85,000 से 86,000 डॉलर का क्षेत्र हो सकता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च स्तरों पर बिकवाल एक बार फिर सक्रिय हो सकते हैं, जिससे तेजी सीमित हो सकती है।
यह रिकवरी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ने की आशंका थी। फंडस्ट्रैट के डिजिटल एसेट्स प्रमुख सीन फैरेल के अनुसार, क्रिप्टो बाजार ने सख्त मौद्रिक नीति के इस आक्रामक बदलाव को बिना किसी बड़े नुकसान के संभाल लिया। इसके अलावा, डिजिटल एसेट उद्योग के लिए विनियामक ढांचा तैयार करने वाले क्लैरिटी एक्ट के अमेरिकी सीनेट में अटकने के बावजूद बाजार दबाव से उबर गया।
बाजार की धारणा को अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के उस कदम से भी समर्थन मिला, जिसके तहत कुछ टोकनाइज्ड शेयरों को अगले पांच वर्षों तक ब्लॉकचेन पर कारोबार की सशर्त छूट दी गई है। बिटगेट वॉलेट की शोध विश्लेषक लेसी झांग के अनुसार, अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ में आमद और शॉर्ट कवरिंग ने बिटकॉइन को 80,000 डॉलर के स्तर से ऊपर ले जाने में मदद की। इस दौरान डेरीवेटिव्स ट्रेडर्स का रुख भी काफी तेजी का बना रहा, जिससे तकनीकी आधार पर कीमतों को गति मिली।
इस व्यापक सुधार के चलते संपूर्ण क्रिप्टो बाजार का कुल मूल्यांकन बढ़कर लगभग 2.66 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। याहू फाइनेंस के अल्फास्पेस आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में इथेरियम में लगभग 35 प्रतिशत, बीएनबी में 25 प्रतिशत और सोलाना में करीब 41 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। बिटकॉइन ने अगस्त में करीब 25 प्रतिशत की बढ़त हासिल की थी, हालांकि मौजूदा उछाल के बाद भी यह इस वर्ष अब तक लगभग 8 प्रतिशत के नुकसान में बना हुआ है।
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