वजीरपुर और भारत नगर बने नाबालिग अपराधियों का हॉटस्पॉट : DDA पार्क में हैवानियत के बाद पुलिस की उड़ती नींद, 13 साल के नाबालिग भी थाम रहे चाकू
नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम दिल्ली के वजीरपुर, भारत नगर और अशोक विहार क्षेत्र में नाबालिगों से जुड़े अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को अशोक विहार के खीमन सिंह पार्क में 13 से 17 वर्ष के चार कथित नाबालिगों ने एक युवक और उसकी महिला मित्र पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें युवक की मौत हो गई जबकि युवती गंभीर रूप से घायल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी आरोपी नाबालिग थे।

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम (नार्थ-वेस्ट) दिल्ली का वजीरपुर और भारत नगर इलाका इन दिनों नाबालिगों के बेकाबू होते अपराध का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। अशोक विहार में डीडीए के सबसे बड़े पार्क " खीमन सिंह पार्क " में दिन दहाडी नाबालिगों द्वारा हुयी युवक की ह्त्या के बाद फिर से नाबालिगों की दहशत चर्चा में है। बुधवार 29 जुलाई को पार्क में बैठे युवक -युवती पर चाकुओं से हमला करने वाले सभी चार लड़के नाबालिग बताये जा रहे है। चश्मदीदों ने दावा किया इन सभी लड़कों की उम्र 13 से 17 साल से ज्यादा की नहीं हो सकते। इस पार्क में इन्हे अक्सर देखा गया है साथ ही दावा किया जा रहा है की हमलावर नाबालिग या तो वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के रहने वाले है या फिर वज़ीरपुर गावं किराये पर कमरा लेकर रहने वाले वे लोग है जो वज़ीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में जुग्गी टूटने के बाद यहाँ आकर बस गए है।
नार्थ वेस्ट जिले के भारत नगर , अशोक विहार थाना क्षेत्र में नाबालिगों द्वारा कितने ही हत्याओं के मामले में नाबालिगों के नाम सामने अक्सर आते रहतें है। नाबालिगों द्वारा किये जा रहे अपराध जहाँ क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए है वहीँ चिंता का विषय भी बने हुए है। स्थानीय पुलिस और क्राइम पैटर्न के आंकड़ों के अनुसार, भारत नगर थाना क्षेत्र और वजीरपुर जेजे कॉलोनी/इंडस्ट्रियल बेल्ट में होने वाली चाकूबाजी, स्नैचिंग और रंगदारी की 65% से अधिक वारदातों में 13 से 17 साल के किशोरों की संलिप्तता पाई जा रही है। कानून का डर खत्म होने के कारण यह इलाका अब नाबालिग अपराधियों की नई नर्सरी में तब्दील हो चुका है।
आंकड़े बयां कर रहे खौफनाक तस्वीर वजीरपुर और भारत नगर बेल्ट की स्थिति: वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया, वजीरपुर जेजे कॉलोनी और भारत नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्क और संकरी गलियाँ नाबालिग गिरोहों का अड्डा बनती जा रही हैं। दर्ज शिकायतों और क्राइम एनालिसिस के मुताबिक, इस बेल्ट में पिछले कुछ महीनों में हुई हिंसक झड़पों में शामिल हर 10 में से 6 से ज्यादा आरोपी नाबालिग (Juveniles) पाए गए हैं।
नार्थ-वेस्ट जिला टॉप 3 में: नार्थ-वेस्ट जिला पूरी दिल्ली में 'Conflict with Law' (कानून का उल्लंघन करने वाले किशोर) के सबसे ज्यादा मामलों वाले टॉप 3 जिलों में शामिल है। जहांगीरपुरी, भलस्वा और वजीरपुर बेल्ट में किशोरों द्वारा चाकूबाजी की घटनाएं आम हो चुकी हैं।
दिल्ली का समग्र आंकड़ा: एनसीआरबी (NCRB) और दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में दर्ज होने वाले कुल जघन्य अपराधों (हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती) में 8% से 10% मामलों में नाबालिगों की भूमिका होती है। पेशेवर अपराधी 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' की कानूनी नरमी का फायदा उठाकर इन कम उम्र के लड़कों को अपनी ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
डीसीपी दफ्तर के पास दिनदहाड़े हैवानियत इसी गिरते सुरक्षा तंत्र का सबसे भयावह रूप बुधवार दोपहर भारत नगर थाना क्षेत्र स्थित अशोक विहार के खिमान सिंह पार्क (वजीरपुर गाँव के ठीक सामने) में देखने को मिला। हैरत और सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह वारदात नार्थ-वेस्ट जिले के डीसीपी कार्यालय (DCP Office) से महज कुछ दूरी पर हुई।
पार्क में बेंच पर बैठे जहांगीरपुरी निवासी सुनील और उसकी महिला मित्र देवकी को देखकर 13 से 17 साल की उम्र के चार नाबालिगों ने उनसे छेड़छाड़ शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, नाबालिगों के दिमाग में हैवानियत इस कदर हावी थी कि उन्होंने अनैतिक माँगें तक रख दीं। जब सुनील ने इसका विरोध किया, तो इन बेखौफ लड़कों ने सरेआम चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में सुनील की मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों में से एक की उम्र तो महज 12-13 साल लग रही थी।
नार्थ-वेस्ट जिले में नाबालिगों की खौफनाक वारदातें (प्रमुख मामले) वजीरपुर और आसपास के इलाकों में नाबालिगों का दुस्साहस किस हद तक बढ़ चुका है, इसका अंदाजा हाल ही में हुई इन घटनाओं से लगाया जा सकता है:
वजीरपुर जेजे कॉलोनी में वर्चस्व की जंग: वजीरपुर जेजे कॉलोनी की गलियों में 14-16 साल के किशोर 'छोटे गैंग' बनाकर सरेआम धारदार चाकू लहराते हैं और स्थानीय दुकानदारों व राहगीरों में खौफ पैदा करते हैं।
जहांगीरपुरी में मामूली विवाद पर हत्या: सिगरेट के लेन-देन को लेकर 3 से 4 नाबालिगों ने मिलकर 26 वर्षीय युवक अरबाज की चाकू गोदकर हत्या कर दी थी।
थप्पड़ के बदले में खूनी हमला: जहांगीरपुरी में ही बच्चों की कहासुनी और थप्पड़ मारने के विवाद में दो नाबालिग भाइयों (उम्र 15 और 17 वर्ष) ने पड़ोसी युवकों पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए थे।
वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया और जेजे कॉलोनी : अपराध की जननस्थली स्थानीय निवासियों का कहना है कि खिमान सिंह पार्क में वारदात को अंजाम देने वाले लड़के आसपास के ही रहने वाले हैं। यह इलाका वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया, वजीरपुर जेजे कॉलोनी और वजीरपुर गाँव से सटा हुआ है। झुग्गियाँ टूटने के बाद यहाँ किराए के कमरों में रहने वाले कई परिवारों के बच्चे उचित मार्गदर्शन और देखरेख के अभाव में आपराधिक सोहबत और सोशल मीडिया पर 'गैंगस्टर रील' कल्चर के शिकार हो रहे हैं। अशोक विहार और भारत नगर इलाके की यह घटना नार्थ-वेस्ट जिले की कानून-व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान है। जब डीसीपी दफ्तर और थाने से चंद कदमों की दूरी पर 13 साल के बच्चे हाथ में चाकू लेकर घूम सकते हैं और सरेआम हत्या कर सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर संकट गहराना लाजमी है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन नाबालिगों तक धारदार हथियार कहाँ से पहुँच रहे हैं और इन्हें जुर्म की राह पर धकेलने वाले सिंडिकेट पर कैसे नकेल कसी जाए।
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