पीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल: दिल्ली कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक पद पर सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राजधानी में विकास योजनाओं को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ढाई करोड़ दिल्लीवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व से शहर के विकास को नई दिशा मिली है। सरकार का उद्देश्य केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ नागरिकों तक पहुंचाना है, जिससे विकसित भारत की तर्ज पर दिल्ली का भी समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र के पांच लाख रुपये के कवर में अपनी ओर से पांच लाख रुपये अतिरिक्त जोड़े हैं। इस पहल के बाद राजधानी के पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक योजना के तहत नौ लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और 118 करोड़ रुपये के मेडिकल क्लेम निपटाए गए हैं।
वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग तीन लाख बुजुर्ग वय वंदना योजना के तहत पंजीकृत किए जा चुके हैं। इसके अलावा जन औषधि केंद्रों और पीएम सूर्य घर योजना जैसी पहलों के माध्यम से भी लोगों को आर्थिक व स्वास्थ्य स्तर पर राहत पहुंचाई जा रही है।
परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में वर्तमान में 5,300 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं और मेट्रो विस्तार पर तेजी से काम चल रहा है। अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और मुफ्त राशन वितरण में भी केंद्र सरकार की योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपने संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे आम जनता और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
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