मुखर्जी नगर पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, छात्रों की समस्याओं पर पीजी पॉलिसी और मुफ्त लाइब्रेरी की तैयारी
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद कर पीजी नियमों, नए हॉस्टल और मुफ्त लाइब्रेरी की व्यवस्था पर काम करने की बात कही।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार देर शाम मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग हब का औचक दौरा कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों से सीधा संवाद किया। एक चाय की दुकान पर बैठकर उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी दैनिक समस्याओं और पढ़ाई के माहौल को लेकर विस्तृत बातचीत की। छात्रों ने इस दौरान मुख्य रूप से पेइंग गेस्ट (पीजी) के बढ़ते किराए, दलाली, महंगी लाइब्रेरी और सुरक्षा से जुड़ी कठिनाइयों को साझा किया।
विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इनके समाधान के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इलाके में खाली पड़े भूखंडों और सामुदायिक भवनों को चिह्नित किया जाए, ताकि वहां छात्रों के लिए मुफ्त लाइब्रेरी विकसित की जा सके। इसके अतिरिक्त वर्तमान में चल रही निजी लाइब्रेरी की स्थिति, भवनों की कमियों और वहां सुरक्षा मानकों की जांच करने के आदेश भी जारी किए गए।
चर्चा के दौरान छात्रों ने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त सरकारी हॉस्टल उपलब्ध न होने के कारण उन्हें महंगे निजी पीजी में शरण लेनी पड़ती है। किराए के अलावा मोटी सिक्योरिटी रकम और ब्रोकर की फीस भरने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। कई छात्रों ने छोटे कमरों, वेंटिलेशन के अभाव, खराब गुणवत्ता के भोजन और आसपास लगातार चलने वाले निर्माण कार्यों से होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक समग्र पीजी पॉलिसी तैयार करने और नए हॉस्टलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रों के रहने की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए जरूरी नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी विद्यार्थी का शोषण न हो सके।
मुलाकात में छात्राओं ने देर शाम सड़कों पर अंधेरा रहने और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस और संबंधित नागरिक विभागों को निर्देश दिया कि इलाके में स्ट्रीट लाइटों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की समीक्षा कर फौरन सुधार किया जाए। इसके साथ ही इलाके में चलने वाली काले शीशे वाली गाड़ियों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से राजधानी में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले युवा दिल्ली परिवार का ही हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी छात्रों को एक सुरक्षित वातावरण और बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
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