दिल्ली: दुर्गा पूजा पंडालों में उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस और आयोजकों ने कड़े किए नियम
कोलकाता में हुए हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने जारी किए सुरक्षा मानक, सीआर पार्क में विशेष आपदा प्रबंधन टीम और ट्रैफिक पाबंदियां लागू।

राजधानी दिल्ली के दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खासकर चित्तरंजन पार्क (सीआर पार्क) सहित विभिन्न इलाकों में आयोजकों ने आपातकालीन निकास और अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त की है। यह सतर्कता उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ के बाद और बढ़ा दी गई है, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई थी और 25 लोग घायल हुए थे।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा और रामलीला आयोजकों को बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों की जानकारी दे दी गई है। इसके तहत आयोजन स्थलों की सुरक्षा समीक्षा, चालू हालत में सीसीटीवी कैमरे, मजबूत बैरिकेडिंग और सुनियोजित प्रवेश व निकास द्वार सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही आयोजन परिसरों में पुलिस चौकियां, कंट्रोल रूम और पुलिस कर्मियों के साथ समन्वय के लिए पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती अनिवार्य की गई है।
पूर्वी रेंज के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, आयोजकों से कहा गया है कि वे मंचों की मजबूती सुनिश्चित करें ताकि लोगों के चढ़ने पर वे वजन संभाल सकें। पंडालों में डोर-फ्रेम और हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर लगाने के साथ ही सभी स्वयंसेवकों का विवरण संबंधित थाना प्रभारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अग्निशामक यंत्रों, रेत और पानी की रोजाना जांच करने, आपातकालीन निकास मार्गों को बाधा मुक्त रखने तथा शॉर्ट सर्किट रोकने के लिए बिजली के तारों की नियमित जांच करने को कहा गया है।
उत्तरी रेंज के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आवश्यकतानुसार आयोजन स्थल पर प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस और चिकित्सीय सहायता का प्रबंध करना जरूरी है। कार्यक्रम स्थलों और उनके आसपास पटाखे फोड़ने या किसी भी तरह की फायरिंग पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। प्रवेश व निकास मार्गों और पैदल रास्तों से अतिक्रमण व रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
दिल्ली में दुर्गा पूजा के मुख्य केंद्र सीआर पार्क में स्थानीय निवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। काली मंदिर सीआर पार्क मंदिर समिति के कार्यकारी सदस्य और सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष प्रदीप गांगुली ने बताया कि स्थानीय लोगों के लिए रेजिडेंट पास की व्यवस्था की गई है ताकि वे भीड़ में फंसे बिना पंडालों तक पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि कम्युनिटी पंडालों में भीड़ का दबाव कम करने के लिए अलग निकास द्वार बनाए गए हैं और एंबुलेंस की तैनाती की गई है।
प्रदीप गांगुली ने यह भी बताया कि सीआर पार्क में एक विशेष आपदा प्रबंधन टीम गठित की गई है, जिसके सदस्यों को पिछले एक महीने के दौरान पूर्व रक्षा कर्मियों की देखरेख में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इलाके में 10 कम्युनिटी पूजा पंडालों के अलावा 10 अन्य पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। भीड़ को सुगम तरीके से संभालने के लिए आयोजक स्थानीय पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।
उधर, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दुर्गा पूजा आयोजनों के मद्देनजर सीआर पार्क और ग्रेटर कैलाश-2 के आसपास 16 से 20 अक्टूबर तक शाम 4 बजे से आधी रात तक यातायात प्रतिबंधों की एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान इन दोनों कॉलोनियों में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। एडवाइजरी के अनुसार वसंत विहार से मोदी मिल फ्लाईओवर के बीच आउटर रिंग रोड, लाला लाजपत राय मार्ग, अगस्त क्रांति मार्ग, महरौली-बदरपुर रोड, गुरु रविदास मार्ग, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग और जोसिप ब्रोज टीटो मार्ग पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है।
लेखक



टिप्पणियाँ
0