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दिल्ली की मतदाता सूची में ऑटोमेटेड सिस्टम ने पकड़ीं गड़बड़ियां, 19 लाख से अधिक फॉर्म में विसंगतियां चिह्नित

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उम्र के असामान्य अंतर और पारिवारिक विवरणों में त्रुटियों को लेकर मतदाताओं को भेजे जा रहे हैं नोटिस।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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3 सितंबर 2026 · 5:50 am50 व्यूज़
दिल्ली की मतदाता सूची में ऑटोमेटेड सिस्टम ने पकड़ीं गड़बड़ियां, 19 लाख से अधिक फॉर्म में विसंगतियां चिह्नित
दिल्ली की मतदाता सूची में ऑटोमेटेड सिस्टम ने पकड़ीं गड़बड़ियां, 19 लाख से अधिक फॉर्म में विसंगतियां चिह्नितHindustan Times

दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रारूप मतदाता सूची की जांच में एक स्वचालित प्रणाली ने 19 लाख से अधिक फॉर्म में तार्किक विसंगतियां पकड़ी हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन विसंगतियों में जुड़वा बच्चों के जन्म में नौ महीने से कम का अंतर, छह लोगों का एक ही पिता होना और 38 वर्षीय पिता का 26 वर्षीय बेटा होना जैसे मामले सामने आए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सिस्टम द्वारा चिह्नित किए जाने का मतलब यह कतई नहीं है कि विवरण पूरी तरह गलत हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में कुल 97,53,577 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। इनमें से 13,79,785 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, जबकि 19,33,134 फॉर्म को विभिन्न विसंगतियों के कारण चिह्नित किया गया है। इन सभी मतदाताओं के नाम फिलहाल प्रारूप सूची में शामिल हैं, लेकिन अब उन्हें सत्यापन के लिए सुनवाई के नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश विसंगतियां वर्तनी की अशुद्धियों और नामों के मिलान न होने से संबंधित हैं। इसके अलावा सिस्टम ने असामान्य रूप से कम उम्र के अंतर को भी पकड़ा है, जैसे माता-पिता और बच्चे के बीच 15 वर्ष से कम और दादा-दादी तथा पोते-पोती के बीच 40 वर्ष से कम का अंतर होना। शादी के बाद महिलाओं के उपनाम में बदलाव और विभिन्न दस्तावेजों में पिता के नाम के बेमेल मामलों की भी जांच की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक, ऑटोमेटेड सिस्टम पहले से तय मानकों के आधार पर काम करता है और जो प्रविष्टियां इन मानकों से मेल नहीं खातीं, उन्हें वह विसंगति के तौर पर दर्ज कर देता है। कई बार परिवार की वास्तविक परिस्थितियां बिल्कुल सही होने के बावजूद सॉफ्टवेयर उन्हें समझ नहीं पाता है। इसलिए इसमें मतदाता, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) अथवा निर्वाचन अधिकारियों की कोई सीधी गलती नहीं मानी जा सकती।

पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया अब नोटिस चरण में पहुंच गई है। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के कार्यालयों से नोटिस तैयार कर बीएलओ को सौंपे जा रहे हैं। बीएलओ इन नोटिसों को संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाएंगे और साक्ष्य के तौर पर फोटोग्राफ भी अपलोड करेंगे। नोटिस पाने वाले मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर अपने आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से सही विवरण की पुष्टि करनी होगी।

प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि नोटिस मिलने पर किसी प्रकार की घबराहट में न आएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल विसंगति चिह्नित होने भर से मतदाता सूची से नाम नहीं कटेगा। दस्तावेज पर्याप्त हैं या नहीं, यह सुनवाई के दौरान बताया जाएगा और अंतिम निर्णय अंतिम मतदाता सूची में दिखेगा।

इस बीच मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। अधिकारियों को नए नाम जोड़ने के फॉर्म-6 के तहत अब तक कुल 2,18,139 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 1 सितंबर को आए 3,605 आवेदन शामिल हैं। नाम हटाने से जुड़े फॉर्म-7 के तहत 51,522 और सुधार से जुड़े फॉर्म-8 के तहत 2,61,935 आवेदन मिले हैं। यह प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी और मामलों का निस्तारण 29 अक्टूबर तक कर 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

इनसे संबंधितdelhi-ncrDelhi Voter ListElection CommissionSIR RevisionDraft Electoral Roll
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