गुरुग्राम में पूर्व सहकर्मी की हत्या के आरोप में दंपति गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने सुलझाई एचआर पेशेवर की मर्डर मिस्ट्री
लाजपत नगर से लापता हुए 31 वर्षीय एचआर पेशेवर युवराज सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पूर्व सहकर्मी और उसके पति को उत्तराखंड से पकड़ा।

दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय एचआर पेशेवर युवराज सिंह मनचंदा की कथित हत्या के मामले में एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुग्राम निवासी आन्या वत्स और उसके पति संयम सचदेवा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे वित्तीय विवाद होने का अंदेशा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक युवराज एक प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी में कार्यरत थे। वहीं आन्या ने वर्ष 2022 में उनके साथ एक अन्य रियल एस्टेट कंपनी में काम किया था, जहां से उसे वित्तीय अनियमितताओं के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आन्या और उसका पति दोनों वर्तमान में बेरोजगार थे।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, युवराज 6 सितंबर को लाजपत नगर-II में अपनी बहनों के साथ खरीदारी करने गए थे। शाम करीब 4 बजे वह अपनी बहनों को कैब से घर भेजकर खुद कार से आन्या से मिलने गुरुग्राम चले गए। शाम 7 बजे परिवार से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। काफी तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानी से पता चला कि युवराज का अंतिम संपर्क आन्या से हुआ था और घटना के बाद आन्या का नंबर भी बंद था। इसके बाद पुलिस ने आन्या के नए मोबाइल नंबर को ट्रैक किया, जिसकी लोकेशन उत्तराखंड में मिली। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने उत्तराखंड पहुंचकर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दंपति ने स्वीकार किया कि वे शादीशुदा हैं और उनका एक साल का बच्चा भी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि कार के भीतर विवाद के बाद युवराज की हत्या की गई थी। दावा किया गया है कि कार में उन्हें दो गोलियां मारी गईं, जिसकी पुलिस अभी पुष्टि कर रही है। आरोपियों ने शव को करीब सात घंटे तक कार में ही रखा और बाद में गुरुग्राम स्थित अपने घर के पास एक नाले में फेंककर उत्तराखंड फरार हो गए।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस को पता चला कि गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र में 10 सितंबर को नाले से एक अज्ञात क्षत-विक्षत शव मिला था। पुलिस ने जब मृतक के परिजनों को उस शव की तस्वीरें दिखाईं, तो उन्होंने युवराज के रूप में उसकी शिनाख्त की। अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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