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जंतर-मंतर प्रदर्शन: फेशियल रिकग्निशन से 2500 से अधिक अपराधियों की पहचान, 15 एफआईआर दर्ज

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से 2500 से ज्यादा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को चिह्नित कर 15 प्राथमिकियां दर्ज की हैं।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
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25 जुलाई 2026 · 9:36 am1.5 हज़ार व्यूज़अपडेटेड 9:36 am
जंतर-मंतर प्रदर्शन: फेशियल रिकग्निशन से 2500 से अधिक अपराधियों की पहचान, 15 एफआईआर दर्ज
जंतर-मंतर प्रदर्शन: फेशियल रिकग्निशन से 2500 से अधिक अपराधियों की पहचान, 15 एफआईआर दर्जAajTak

जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से भीड़ में मौजूद 2500 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। इस संबंध में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अन्य आरोपों में अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आपराधिक रिकॉर्ड वाले ये तत्व भीड़ का फायदा उठाकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रदर्शन स्थल के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर चार एफआरएस यूनिटें तैनात की गई हैं। यह पूरा सिस्टम सीधे दिल्ली पुलिस के केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ा हुआ है, जिससे संदिग्धों की तुरंत पहचान संभव हो पा रही है।

अधिकारियों ने साफ किया है कि इन कैमरों का इस्तेमाल आम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं किया जा रहा है। इसका मकसद केवल वांछित अपराधियों, फरार आरोपियों और पुलिस रिकॉर्ड में 'बैड कैरेक्टर' के रूप में दर्ज आदतन अपराधियों की पहचान करना है। हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों से ली गई तस्वीरों का मिलान कुछ ही सेकंड में डेटाबेस से हो जाता है।

जब भी किसी संदिग्‍ध या वांछित आरोपी का चेहरा डेटाबेस से मेल खाता है, तो मौके पर मौजूद संबंधित पुलिस यूनिट को तुरंत सूचित कर दिया जाता है। पुलिस का कहना है कि इस निगरानी प्रणाली का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कोई परेशानी न हो।

दूसरी तरफ, कॉकरोच जनता पार्टी ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि वे भी प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों की एक सूची जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के जरिए ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी।

पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और युवाओं के साथ हिंसक व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की पहचान के लिए वे जनता का सहारा लेंगे और उस सूची को सार्वजनिक किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल शहर में पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, होली, दिवाली, ईद और रामलीला जैसे बड़े त्योहारों तथा आयोजनों पर भी सुरक्षा के लिहाज से फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता रहा है।

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