ईरान के साथ दोबारा युद्ध की तैयारी में जुटा इजरायल, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई अहम बातचीत
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के ऊर्जा और बुनियादी ढांचों पर हमलों की आशंका के बीच इजरायल ने लंबी सैन्य कार्रवाई की तैयारी शुरू की।

इजरायल ने ईरान के साथ एक और लंबे सैन्य संघर्ष की आशंका के मद्देनजर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व का मानना है कि कूटनीतिक समझौते की संभावनाएं अब बेहद कम रह गई हैं। यह सैन्य सतर्कता उन कयासों के बीच सामने आई है, जिनमें कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरानी ठिकानों पर नए हमलों को मंजूरी दे सकते हैं।
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई है। हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई इस चर्चा का ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन यह संपर्क ऐसे समय हुआ है जब वाशिंगटन और यरुशलम दोनों ही सैन्य अभियानों के संभावित पुनरुद्धार की योजना पर काम कर रहे हैं।
इजरायली समाचार पोर्टल 'वाइनेट ग्लोबल' के मुताबिक, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने बताया कि स्थिति समझौते के बजाय युद्ध की ओर बढ़ती दिख रही है और इजरायल चुनाव संपन्न होते ही संघर्ष शुरू होने की तैयारी कर रहा है। इजरायल किसी सीमित या तीन दिवसीय हमले के बजाय एक लंबी सैन्य मुहिम की रूपरेखा बना रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ईरान के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों पर चोट करने से वहां के शासन को कमजोर किया जा सकता है।
इजरायली रणनीतिकारों का यह भी आकलन है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे ट्रंप के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। चुनावों के बाद ट्रंप राजनीतिक रूप से अधिक स्वतंत्र होंगे और तेहरान को रियायतें देने के बजाय अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही इजरायल इस पहलू को लेकर भी सतर्क है कि किसी संभावित संयुक्त हमले की भनक लगते ही ईरान पहले ही हमला न कर दे।
तनाव के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी कुछ गतिविधियां दर्ज की गई हैं। रॉयटर्स के अनुसार, ईरानी वार्ताकारों ने शनिवार को दोहा में कतर के मध्यस्थों से संघर्ष टालने के उपायों पर चर्चा की। वाशिंगटन के साथ समन्वय में आयोजित इस बैठक से पहले दोनों पक्षों में लंबी बातचीत हुई थी, हालांकि वार्ता किसी ठोस सहमति पर नहीं पहुंच सकी है।
दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका और इजरायल को सख्त चेतावनी दी है। सैन्य कमांडरों के साथ बैठक के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा कि यदि नया हमला हुआ, तो युद्ध समाप्त करने की शर्तें और समय केवल ईरान तय करेगा। उन्होंने सेना को अपने निशाने पर मौजूद ठिकानों की सूची अपडेट करने और किसी भी भौगोलिक सीमा की परवाह किए बिना पूर्ण जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
संभावित टकराव का असर इजरायल की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ सकता है। चुनाव के बाद बने राजनीतिक गतिरोध के दौर में नया युद्ध देश में एक राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार के गठन की जमीन तैयार कर सकता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू पहले ही मोसाद और सेना को ईरानी सत्ता को उखाड़ फेंकने की दिशा में काम करने के निर्देश दे चुके हैं।
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