पुरानी दिल्ली इमारत हादसा: मलबे से एक और शव बरामद, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई सात
हौज काजी इलाके में 70 घंटे से अधिक समय से जारी बचाव अभियान के बीच दरभंगा के 66 वर्षीय बुजुर्ग का शव निकाला गया।

पुरानी दिल्ली के हौज काजी क्षेत्र में ढही तीन मंजिला इमारत के मलबे से रविवार को एक और शव बरामद किया गया। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के 70 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
नवीनतम तलाशी अभियान के दौरान बरामद शव की शिनाख्त बिहार के दरभंगा निवासी 66 वर्षीय लुचहुमन मुखिया के रूप में हुई है। चावड़ी बाजार के समीप घटनास्थल से शव को बाहर निकालकर विधिक प्रक्रियाओं के लिए लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल भेज दिया गया है। बचाव दल मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए अभी भी खोजबीन कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, हादसे में मारे गए सात लोगों में संजीत कुमार, किशोरी साह, पंकज शर्मा, विपिन राम, शांतु, दिनेश साह और लुचहुमन मुखिया शामिल हैं। इनमें से चार मृतक बिहार के रहने वाले थे, जबकि विपिन राम दिल्ली के मंडावली इलाके में निवास करते थे। यह इमारत पांच नवंबर को सुबह करीब पौने दस बजे उस वक्त अचानक गिर गई थी, जब वहां निर्माण कार्य प्रगति पर था।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इमारत के मालिक सईमुल्लाह उर्फ अयूब और तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए ठेकेदारों की पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में हुई है, जिन्हें हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सिरोही से हिरासत में लिया गया।
हादसे के दिन पांच नवंबर को ही हौज काजी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 290, 125(ए) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण कार्य लगभग 50 वर्गमीटर के भूखंड पर बिना किसी स्वीकृत भवन नक्शे के अवैध रूप से कराया जा रहा था। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित इमारत के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई थी। हादसे के समय तीसरी मंजिल की छत डालने का काम चल रहा था, तभी पूरा ढांचा भरभराकर गिर पड़ा।
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