दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण: अंतिम समय सीमा से पहले 33 फीसदी से अधिक फॉर्मों का डिजिटलीकरण बाकी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 17 अगस्त की समय सीमा से पहले 48 लाख से अधिक गणना फॉर्मों का डिजिटलीकरण होना शेष है।

राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण का काम जारी है, लेकिन समय सीमा से ठीक दो दिन पहले भी लगभग 34 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल नहीं हो पाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 15 अगस्त की रात आठ बजे तक वितरित किए गए कुल 1,45,10,299 गणना फॉर्मों में से 96,98,217 का ही डिजिटलीकरण किया जा सका है।
आंकड़ों के अनुसार, 17 अगस्त की तय समय सीमा से पहले अभी भी 48,12,082 फॉर्म यानी लगभग 33.16 प्रतिशत फॉर्मों का डिजिटलीकरण लंबित है। चुनाव अधिकारियों के सामने बचे हुए दो दिनों में 48 लाख से अधिक फॉर्मों को डिजिटल करने की एक बड़ी चुनौती है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के सभी 13 जिलों में 100 प्रतिशत मतदाताओं को फॉर्म बांटे जा चुके हैं। हालांकि, अलग-अलग जिलों में इस डेटा को डिजिटल सिस्टम पर दर्ज करने की रफ्तार में काफी भिन्नता देखी जा रही है।
उत्तरी दिल्ली जिला डिजिटलीकरण की दौड़ में सबसे आगे है, जहां 75.64 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद पश्चिमी दिल्ली में 73.06 प्रतिशत और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 72.93 प्रतिशत फॉर्मों का डिजिटलीकरण दर्ज किया गया है।
दूसरी तरफ, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सबसे धीमी गति देखी गई है, जहां कुल 15,57,000 फॉर्मों में से केवल 55.63 प्रतिशत का ही डिजिटलीकरण हुआ है और 6.90 लाख से अधिक फॉर्म बाकी हैं। वहीं नई दिल्ली में 60.64 प्रतिशत, दक्षिण दिल्ली में 60.80 प्रतिशत और मध्य दिल्ली में 61.78 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह गणना चरण 30 जून से 17 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। सीईओ कार्यालय के अनुसार, इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो सके।
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