गुरुग्राम में वन भूमि पर 45 अवैध निर्माण चिह्नित, नवंबर में चलेगा वन विभाग का बुलडोजर
घामड़ोज, बहरामपुर और नौरंगपुर में बने आवासीय व व्यावसायिक परिसरों को हटाने के लिए वन विभाग ने जारी किए नोटिस।

हरियाणा के वन विभाग ने गुरुग्राम के निकटवर्ती क्षेत्रों में वन भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभाग ने घामड़ोज, बहरामपुर और नौरंगपुर के वन क्षेत्रों में 45 से अधिक अवैध आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की पहचान की है। अधिकारियों के अनुसार, इन अवैध बस्तियों और निर्माणों को हटाने के लिए नवंबर के मध्य में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।
पहचाने गए ढांचों में घामड़ोज में 20 इमारतें, बहरामपुर में 20 इमारतें और नौरंगपुर में कम से कम पांच आवासीय परिसर शामिल हैं। वन विभाग ने इन परिसरों के मालिकों और ठेकेदारों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। नोटिस में उनसे कहा गया है कि वे तोड़फोड़ अभियान शुरू होने से पहले अपने अवैध निर्माण खुद ही हटा लें।
प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सुरिंदर डांगी ने बताया कि यदि अतिक्रमणकारी दी गई समयसीमा का पालन करने में विफल रहते हैं, तो विभाग सीधे ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करेगा। विभाग का लक्ष्य संरक्षित वन क्षेत्र को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराना है।
विभाग द्वारा पहले चलाए गए अभियानों में भी बड़े पैमाने पर वन भूमि खाली कराई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले अभियानों के तहत घामड़ोज और गैरतपुर बास में लगभग 50 एकड़ और सोहना में पांच एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है।
इसी साल 8 जनवरी को विभाग ने ग्वाल पहाड़ी में अनधिकृत फार्महाउस के निर्माण को रोकने के लिए 300 मीटर लंबी दीवार को ढहा दिया था। इसके बाद 2 जुलाई को बहरामपुर में संरक्षित अरावली क्षेत्र की लगभग 3 एकड़ जमीन खाली कराने के लिए 11 अधूरे निर्माणों और चहारदीवारी को ध्वस्त किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि वन भूमि पर बिना अनुमति के खड़े किए गए भवनों, मोबाइल टावरों और अन्य अवैध ढांचों की पहचान के लिए फिलहाल सर्वेक्षण का काम चल रहा है। घामड़ोज में भी कई अन्य अवैध कब्जों को चिह्नित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
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