सामग्री पर जाएँ
ताज़ा
" अशोक विहार रामलीला के मंच पर सांसद से सीधा सवाल: बंगाल में दुर्गा पूजा पर छुट्टियाँ, तो दिल्ली में रामलीला पर क्यों नहीं ?"दिल्ली में पानी की लीकेज पर AI से रखी जाएगी नजर, जल मंत्री ने किया हाई-टेक कमांड सेंटर का उद्घाटनपीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल: दिल्ली कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्तावमुखर्जी नगर पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, छात्रों की समस्याओं पर पीजी पॉलिसी और मुफ्त लाइब्रेरी की तैयारीअलवर कोर्ट ने चाकू से युवक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को सुनाई 10-10 साल की सजादिल्ली में हटाए गए मतदाताओं को 'नए' के रूप में जोड़ने का मामला, सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

दिल्ली में हटाए गए मतदाताओं को 'नए' के रूप में जोड़ने का मामला, सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दिल्ली के लाखों मतदाताओं के नाम हटाने और नए फॉर्म 6 के उपयोग के खिलाफ दायर अर्जी पर शीर्ष अदालत विचार करेगी।

Delhi Darpan Desk
Delhi Darpan Deskसमाचार डेस्क
शेयर
15 अक्तूबर 2026 · 5:00 am154 व्यूज़
दिल्ली में हटाए गए मतदाताओं को 'नए' के रूप में जोड़ने का मामला, सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
दिल्ली में हटाए गए मतदाताओं को 'नए' के रूप में जोड़ने का मामला, सुप्रीम कोर्ट 28 अक्टूबर को करेगा सुनवाई — Hindustan Times

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को नए मतदाता के तौर पर पंजीकृत करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर 28 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को कहा कि चूंकि दिल्ली के मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर को समाप्त हो रही है, इसलिए अदालत इस मामले में आवश्यक आदेश पारित करने का विचार कर रही है।

यह मामला सूचना के अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा अदालत के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए उठाया गया था। प्रशांत भूषण ने पीठ को अवगत कराया कि भारद्वाज और सामाजिक कार्यकर्ता अमृता जौहरी ने एसआईआर के बाद प्रकाशित दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची से 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने को चुनौती देते हुए 16 सितंबर को एक याचिका दायर की थी। हालांकि, उस याचिका को 30 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिस समय तक प्रक्रिया की समयसीमा समाप्त हो जाती।

याचिकाकर्ता की नई अर्जी में निर्वाचन आयोग द्वारा फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार, इस संशोधन के जरिए मतदाताओं से वर्ष 2002 की मतदाता सूची से जुड़े पुराने विवरण मांगे जा रहे हैं। याचिका में दलील दी गई है कि इस तरह का संशोधन किसी वैधानिक प्रक्रिया या संशोधन के तहत नहीं, बल्कि केवल एक प्रशासनिक आदेश के जरिए लाया गया है, जिसके पास कोई कानूनी आधार नहीं है।

अर्जी में यह भी कहा गया है कि किसी मौजूदा या पूर्व मतदाता को दोबारा नाम जुड़वाने के लिए नए मतदाता के रूप में आवेदन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। वैधानिक फॉर्म 6 में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि वह मतदाता सूची में पहली बार नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर रहा है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जो लोग पहले से पंजीकृत थे और मतदान कर चुके हैं, उनसे ऐसी घोषणा कराना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत झूठी घोषणा करने जैसा है, जिसके कानूनी दंडनीय परिणाम हो सकते हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के गणना चरण के दौरान 47,56,722 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (एएसडीडी) श्रेणियों के तहत मसौदा मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था। यह संख्या पुनरीक्षण शुरू होने से पहले की कुल मतदाता सूची का लगभग 32.78 प्रतिशत है। मसौदा सूची में शामिल करीब 97 लाख मतदाताओं में से 33 लाख मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के तहत रखा गया था, जिनमें से 20 लाख का सत्यापन हो चुका है।

याचिका में दावे और आपत्तियों के निस्तारण में विसंगतियों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, 31 अगस्त से 4 अक्टूबर के बीच फॉर्म 7 (नाम हटाने की आपत्तियां) के 3,200 से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया गया, जबकि फॉर्म 6 (नाम जोड़ने) के केवल 569 आवेदनों का ही निपटारा हुआ। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के 14 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, 31 अगस्त से 13 अक्टूबर के बीच नाम जोड़ने के लिए कुल 2,24,073 फॉर्म 6 प्राप्त हुए, जिससे इनकी कुल संख्या 4,36,473 पहुंच गई है।

इनसे संबंधितdelhi-ncrSupreme CourtElection CommissionDelhi VotersForm 6Voter List SIR
शेयर

लेखक

टिप्पणियाँ

0

चर्चा में शामिल होने के लिए साइन इन करें। टिप्पणियाँ शिष्टता के लिए संचालित होती हैं।

आगे पढ़ें

संबंधित कवरेज

" अशोक विहार रामलीला के मंच पर सांसद से सीधा सवाल: बंगाल में दुर्गा पूजा पर छुट्टियाँ, तो दिल्ली में रामलीला पर क्यों नहीं ?"116

" अशोक विहार रामलीला के मंच पर सांसद से सीधा सवाल: बंगाल में दुर्गा पूजा पर छुट्टियाँ, तो दिल्ली में रामलीला पर क्यों नहीं ?"

-रामलीला के मंच पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल से सार्वजनिक वादा, अब सोशल मीडिया पर लोगों से याद दिलाने की अपील**

पीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल: दिल्ली कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव146

पीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 साल: दिल्ली कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया।

यौन उत्पीड़न के आरोपों पर घिरे जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर व सांसद अकोइजम, भाजपा ने की संसद से निलंबन की मांग295

यौन उत्पीड़न के आरोपों पर घिरे जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर व सांसद अकोइजम, भाजपा ने की संसद से निलंबन की मांग

कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है, वहीं भाजपा ने राष्ट्रपति से उनके निलंबन की गुहार लगाई है।