जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में उतरे सोनीपत के पहलवान बजरंग पूनिया, पुलिस कार्रवाई की आलोचना की
ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए उनके समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अब ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया भी उतर आए हैं। सोनीपत से ताल्लुक रखने वाले स्टार पहलवान ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया।
बजरंग पूनिया के अनुसार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से बैठे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में किताबें और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर पहुंचे थे। इसके अलावा उन्होंने पुलिस कार्रवाई के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद लोगों और पत्थरों से भरे ट्रकों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए।
वीडियो संदेश में कांग्रेस नेता ने बताया कि वह एक कुश्ती प्रतियोगिता के सिलसिले में विदेश में थे, जिस कारण तुरंत मौके पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, उन्होंने जल्द ही जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के बीच जाने और उनके आंदोलन का प्रत्यक्ष समर्थन करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के हर छात्र के भविष्य से जुड़ी है।
पूर्ववर्ती महिला पहलवानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए पूनिया ने कहा कि जिस तरह पहले महिला एथलीटों के साथ व्यवहार हुआ था, वही स्थिति आज छात्रों के साथ दोहराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में किसानों, खिलाड़ियों या छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर उठाई जाने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास किया जाता है।
बजरंग पूनिया ने किसान संगठनों, खिलाड़ियों और छात्रों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी पर धर्म के नाम पर राजनीति करने और धनबल का प्रयोग करने के आरोप भी लगाए। साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ हुई डोपिंग की कार्रवाई को सरकार की साजिश करार देते हुए खुद को बेकसूर बताया।
लेखक


टिप्पणियाँ
2आख़िरकार, ऐसी कवरेज जो पाठक की समझ का सम्मान करती है। धन्यवाद।
क्षेत्रीय असर पर थोड़ा और होता तो अच्छा था, पर कुल मिलाकर मज़बूत लेख।