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कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: पंजाब की कमान सचिन पायलट को, भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: पंजाब की कमान सचिन पायलट को, भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

Asad Ahmed
Asad Ahmedपत्रकार
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6 सितंबर 2026 · 7:25 am113 व्यूज़
कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: पंजाब की कमान सचिन पायलट को, भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी
कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: पंजाब की कमान सचिन पायलट को, भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी

असद अहमद, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सचिन पायलट को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का पंजाब प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है। वहीं, अब तक पंजाब के प्रभारी रहे भूपेश बघेल को असम कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। यह नियुक्तियां शनिवार, 5 सितंबर 2026 को कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से घोषित की गईं।

इस संगठनात्मक बदलाव के तहत रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक के साथ-साथ गुजरात का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है।

कांग्रेस के इस फैसले को पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पंजाब में लंबे समय से चल रही आंतरिक गुटबाजी को खत्म करने और संगठन को एकजुट करने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थक गुटों के बीच लगातार मतभेद देखने को मिले हैं। ऐसे में सचिन पायलट को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है जो सभी गुटों के साथ संवाद स्थापित कर संगठन को मजबूती दे सकते हैं।

सचिन पायलट की हालिया संगठनात्मक भूमिका और विभिन्न राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियों के दौरान उनके प्रदर्शन को भी इस नियुक्ति की एक अहम वजह माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ पंजाब में पार्टी को मिलेगा।

यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे की भी तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि नए प्रभारी की नियुक्ति के जरिए पार्टी राज्य में संगठन को सक्रिय करने और चुनावी अभियान को नई गति देने की कोशिश कर रही है।

अब सचिन पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब कांग्रेस के विभिन्न गुटों को एक मंच पर लाना, कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा करना और आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत स्थिति में पहुंचाना होगी।

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